Bihar News: नीतीश कुमार ने निभाया वादा, बिहार में अलग खेल विभाग बनकर तैयार, जानें पीछे का मकसद?
लोकसभा चुनाव से पहले बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने खिलाड़ियों को दिया अपना वादा निभाया है। बुधवार को नीतीश सरकार ने अपने मंत्रिमंडल के भीतर एक अलग खेल विभाग की स्थापना की है। मंत्री जितेंद्र कुमार राय को विभाग की देखरेख की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आपको बता दें कि बीती 6 जनवरी को ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए एक अलग खेल विभाग बनाने वादा किया था। नीतीश ने अपने इस वादे को 4 दिन में ही एग्जीक्यूट कर दिया। परिणामस्वरूप, अलग खेल विभाग की स्थापना की सूचना जारी की गई है। क्या है इसका मकसद?

खेल विभाग की स्थापना के पीछे नीतीश सरकार का मकसद पुलिस और अन्य विभागों में खाली कई खेल कोटा पदों को भरना है। साथ ही खिलाड़ियों को हर तरह से सक्षम बनाना है। इससे अच्छे खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति मिलेगी, ताकि वे अपना ख्याल रख सकें, खेल उपकरण खरीद सकें और उचित आहार पर राशि खर्च कर सकें। अभी तक खेल से संबंधित मामलों को कला, संस्कृति और युवा मामलों के विभाग द्वारा नियंत्रित करता था। लेकिन, अब खेल विभाग नियंत्रित करेगा।
'मेडल लाओ नौकरी पाओ' पर फोकस
दरअसल, हाल ही में चीन के हांगझू में आयोजित 19वें एशियाई खेल और चतुर्थ एशियाई पैरा खेल, 2023 के विजेताओं को नीतीश सरकार ने 'मेडल लाओ नौकरी पाओ' कार्यक्रम के तहत सम्मानित किया था। साथ ही 71 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए थे। जिसमें हाई जंप प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता शैलेश कुमार, लॉन बॉल में पदक जीतने वाले चंदन कुमार सिंह समेत इत्यादि शामिल थे।












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