नीतीश के मंत्री के साथ बड़ा 'खेला', 1 मिनट की देरी से नॉमिनेशन करने पहुंचे, प्रशासन ने लौटाया, अब क्या होगा?
Bihar Chunav: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की नामांकन प्रक्रिया के दौरान शुक्रवार को नीतीश सरकार के मंत्री और जेडीयू विधायक जयंत राज के साथ बांका में बड़ा नाटकीय घटनाक्रम हुआ। मंत्री जी अपने अमरपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए नामांकन दाखिल करने बांका समाहरणालय पहुंचे, लेकिन केवल एक मिनट की देरी उन पर भारी पड़ गई।
निर्वाचन आयोग के सख्त नियमों के चलते, जिला प्रशासन ने उन्हें नामांकन कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं दी और उन्हें वापस लौटना पड़ा। मंत्री के समर्थकों में जहाँ मायूसी छा गई, वहीं जयंत राज ने नियम का सम्मान करते हुए शनिवार को दोबारा पर्चा भरने की बात कहकर एक संयमित रुख अपनाया है।

सिर्फ 1 मिनट की देरी, मंत्री को प्रशासन ने लौटाया
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की नामांकन प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग के सख्त नियम एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। शुक्रवार को बांका जिले में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहाँ नीतीश सरकार के वर्तमान मंत्री और अमरपुर विधानसभा से जेडीयू विधायक जयंत राज को सिर्फ एक मिनट की देरी के कारण नामांकन से वंचित होना पड़ा।
बांका समाहरणालय में नामांकन पर्चा दाखिल करने पहुंचे जयंत राज, निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित निर्धारित समय से ठीक एक मिनट बाद पहुंचे। नियमों का हवाला देते हुए, जिला प्रशासन ने उन्हें नामांकन कक्ष में प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया, क्योंकि समय सीमा के बाद कोई भी पर्चा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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मंत्री ने किया नियम का सम्मान
प्रशासन के इस कड़े रुख से जयंत राज के हजारों समर्थक सकते में आ गए। हालाँकि, मंत्री ने खुद इस स्थिति को बेहद संयमित ढंग से संभाला। जयंत राज ने जिला प्रशासन के नियम पालन की सराहना करते हुए कहा, 'निर्वाचन आयोग का नियम सर्वोपरि है। हम उसका पालन करते हैं।' उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि वह शनिवार को निर्धारित समय पर पुनः आकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। उनके इस संयमित रुख और नियम के प्रति सम्मान की राजनीतिक गलियारों में प्रशंसा हो रही है।
समर्थकों में छाई मायूसी
इस घटना के बाद बांका समाहरणालय के बाहर हजारों की संख्या में मौजूद समर्थकों के चेहरे पर मायूसी छा गई। जिस उत्साह और जोश के साथ वे अपने नेता के नामांकन के साक्षी बनने आए थे, वह केवल एक मिनट की देरी के कारण धूमिल हो गया। यह घटना यह दर्शाती है कि निर्वाचन आयोग नामांकन प्रक्रिया की समय सीमा को लेकर कितना सख्त है, जहाँ एक मौजूदा मंत्री को भी कोई विशेष छूट नहीं दी गई। अब सभी की निगाहें शनिवार पर टिकी हैं, जब मंत्री जयंत राज दोबारा नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
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