महज 5 हजार में बिक जाते हैं बिहार के जेलर, जेल में फेसबुक चलाते हैं कैदी

बिहार के कटिहार जेल से बाहर निकले एक कैदी ने खुलासा किया कि जेलर जेल में बंद कैदियों से 5 हजार लेकर फेसबुक और व्हाट्सएप्प चलाने की इजाजत दे देते हैं।

पटना। अपराधियों के द्वारा जेल में सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने की बात कई बार सामने आई है पर हर बार जेल पुलिस और जिला प्रशासन के द्वारा मामले की जांच की बात बताते हुए आसानी से निकल जाते है। पर इस बार एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनने के बाद आपको भी हैरत होगा। खास बात यह है कि यह खुलासा खुद एक कैदी ने किया जो हाल ही में रिहा होकर जेल से बाहर आया है।

क्या है पूरा मामला

क्या है पूरा मामला

मामला बिहार के कटिहार जेल का है जहां शराबबंदी के बाद शराब पीने के आरोप में जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के भेरिया रहिखा के भवेश ठाकुर के इंजीनियर पुत्र सौरव ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था। जेल में कैद रहने के बाद उसने जेलर को लालच देते हुए 5 हजार रूपये दिए और उसे एक Android मोबाइल मिला जिसके बाद सौरभ ने फेसबुक पर अपनी सेल्फी अपलोड की और जेल से बाहर निकलने के बाद इस बात का खुलासा किया। सौरभ फेसबुक, व्हाट्सएप्प के जरिए जेल से ही अपने दोस्तों के साथ चौटिंग भी करता था।

पुलिस वाले को पैसे लेते हुए खींची फोटो

पुलिस वाले को पैसे लेते हुए खींची फोटो

जेल से बाहर निकलने के बाद सौरभ ठाकुर ने जेल की काली करतूत और अधिकारियों की मनमानी का पर्दाफाश करते हुए कहा कि वह शराब पीने के आरोप में 23 अप्रैल से 15 मई तक जेल में कैद था। जेल में कैद रहने के दौरान उसने 5000 देकर ना केवल स्मार्ट फोन लिया बल्कि जेल की अंदर हो रही कालाबाजारी को भी बाहर लाया। उसका कहना था कि जेल में एक हम ही नहीं बल्कि कई ऐसे कैदी है जो एंड्रॉयड फोन यूज करते हैं और फेसबुक और व्हाट्सएप्प के जरिए चैटिंग भी करते हैं। वही जिसके पास मोबाइल फोन नहीं है उनसे प्रतिदिन मोबाइल पर बात कराने के लिए जेल पुलिस के द्वारा पैसे लिए जाते हैं तथा इस पैसे की राशि पहले से ही तय रहती है। सौरभ ने बताया कि उसने इस पूरे मामले को अपने मोबाइल में कैद किया था पर जेल से बाहर निकलते समय उसके मोबाइल को जेल में सीज कर लिया गया। सौरभ ने अपने फेसबुक अकाउंट पर जेल के भीतर एक पुलिस वालों को पैसे गिनते हुए फोटो अपलोड किया था।

अब पुलिस कराएगी मामले की जांच

अब पुलिस कराएगी मामले की जांच

जब कटिहार जेल के जेलर से इस मामले के बारे में पूछताछ की गई तो उन्होंने इसे बेबुनियाद बताया पर जब उन्हें जेल के भीतर पैसे गिनते हुए पुलिस वाले की तस्वीर दिखाई गई तो उन्होंने मामले के जांच की बात बताई। इस मामले में जिले के एसपी सिद्धार्थ मोहन जैन से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जेल में कैदी के पास मोबाइल रखना और जेल से फेसबुक और व्हाट्सएप्प चलाना यह बिल्कुल गंभीर मामला है। इसकी जांच पड़ताल कराई जा रही है। वही कटिहार पुलिस के द्वारा जेल पर हाई टेक तरीके से नजर रखी जा रही है।

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