Bihar News: इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के टॉपरों को मिलेगा लैपटॉप, सार्वजनिक इकाइयों में इंटर्नशिप पर 10 हज़ार
Bihar News: अभियंता दिवस के अवसर पर बिहार सरकार ने तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों और शिक्षकों को प्रोत्साहन देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य के सभी इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को अगले वर्ष से लैपटॉप दिए जाएंगे।
यह घोषणा पटना के तारामंडल परिसर में आयोजित "मेधावी छात्र प्रोत्साहन पुरस्कार 2025" समारोह में की गई, जहां राज्य भर के प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया गया।

नकद पुरस्कार से लैपटॉप तक
मौजूदा समय में यह पुरस्कार केवल पांच विषयों में दिया जाता है, जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को क्रमशः 5,000, 4,000 और 3,000 रुपये नकद, प्रमाणपत्र और मेडल मिलता है। मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि अब इस योजना का दायरा बढ़ाया जाएगा।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा, "हमें पुरस्कार को सिर्फ पांच विषयों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। हम इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के सभी विषयों में राज्य स्तर पर शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को लैपटॉप देना चाहेंगे। इससे छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और वे तकनीक के उपयोग में भी आगे बढ़ेंगे।"
शिक्षकों को भी मिलेगा सम्मान
समारोह में मंत्री ने यह भी घोषणा की कि इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को भी प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने छात्रों को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार रहने का सुझाव देते हुए विदेशी भाषाएं सीखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा "विदेशी भाषा सीखने से करियर में नए द्वार खुलते हैं, इसलिए छात्रों को इसमें रुचि लेनी चाहिए,"।
इंटर्नशिप पूरी करने पर 10,000 रुपये
कार्यक्रम में विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा ने छात्रों को बधाई देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए हर जिले में एक इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा था, जिसे पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विभाग ने उद्योग जगत की ज़रूरतों के अनुसार नए पाठ्यक्रम शुरू करने, एनबीए मान्यता और एनआईआरएफ रैंकिंग प्राप्त करने के प्रयास तेज़ किए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि विभाग ने इंटर्नशिप के लिए विशेष पोर्टल तैयार किया है। "सातवें और आठवें सेमेस्टर के छात्र अब राज्य की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में इंटर्नशिप करने के लिए पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। इंटर्नशिप पूरी करने पर उन्हें 10,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा," डॉ. प्रतिमा ने कहा।
त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन
इस अवसर पर मंत्री सुमित कुमार सिंह और सचिव डॉ. प्रतिमा ने विभागीय त्रैमासिक पत्रिका का भी विमोचन किया। समारोह में उपस्थित अभिभावकों और छात्रों ने सरकार की नई घोषणाओं का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इन योजनाओं से राज्य में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार होगा।
भारत रत्न और प्रख्यात अभियंता डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल मेधावी छात्रों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि बिहार में तकनीकी शिक्षा के भविष्य की दिशा भी तय की।












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