क्वारेंटाइन सेंटर में बवाल पर बिहार सरकार सख्त,14 दिन बाद भेजे जाएंगे जेल

क्वारेंटाइन सेंटर में बवाल पर बिहार सरकार सख्त,14 दिन बाद भेजे जाएंगे जेल

पटना। बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या 32 तक पहुंच गयी है। इसके संक्रमण को रोकने के लिए अब और सतर्क रहने की जरूरत है। सीवान के क्वारेंटाइन सेंटर में उपद्रव के बाद सरकार ने अब सख्ती का फैसला कर लिया है। गृह सचिव और डीजीपी ने सीवान के डीएम और एसपी को इस मामले में एफआइआर का आदेश दिया। प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। जब आरोपी 14 दिन की क्वारेंटाइन अवधि पूरा कर लेंगे तो उन्हें जेल भेजा जाएगा। सरकार ने सोशल डिस्टेंडिग और क्वारेंटाइन को हर हाल में नियमानुकूल बनाने का फैसला किया है। डीजीपी ने चेतावनी जारी कर दी है अगर किसी क्वारेंटाइन सेंटर में हंगामा किया गया या कोरोना वारियर्स पर हमला किया गया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। इसके लिए सभी डीएम और एसपी को निर्देश जारी कर दिया गया है।

क्या है मामला

क्या है मामला

बिहार में सीवान जिला कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित है। यहां खाड़ी के देशों में काम करने वाले लोगों की संख्या अन्य जिलों से अधिक है। इस जिले के छह लोग कोरोना से संक्रमित पाये गये हैं जिनमें अधिकतर विदेश से लौटे हैं। जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के राजपुर गांव में कुछ कोरोना संदिग्धों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। शनिवार की शाम को बीडीओ केन्द्र का मुआयना करने पहुंचे थे। तभी कोरोना संदिग्धों ने बीडीओ समेत अन्य कर्मचारियों पर हमला बोल दिया। वहां रखी कुर्सियां और टेबल तोड़ दिये। सरकारी गाड़ी और मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हमले में बीडीओ और अन्य कर्मचारियों को चोट लगी और वे किसी तरह जान बचा कर भागने में सफल हुए। घायलों को अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। इस क्वारेंटाइन सेंटर में सिर्फ चार लोग ही थे। वे घर जाने के लिए दबाव बना रहे थे। हालांकि कि कोई बड़ी घटना नहीं हुई लेकिन सरकार ने इस उपद्रव को गंभीरता से लिया। सरकार का मानना है कि अगर कोरोना संदिग्धों को क्वारेंटाइन में सख्ती से नहीं रखा गया तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। सरकार के आदेश के बाद इन चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जैसे ही 14 दिन की समय सीमा पूरी होगी इन्हें जेल भेज दिया जाएगा।

क्वारेंटाइन सेंटर में सुविधाओं की कमी

क्वारेंटाइन सेंटर में सुविधाओं की कमी

सरकार एक तरफ क्वारेंटाइन के नियमों को कड़ाई से लागू तो करना चाहती है तो दूसरी तरफ इन केन्द्रों में सुविधाओं की घोर कमी है। वैशाली जिले के गनियारी गांव के मिडिल स्कूल को क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में तब्दील किया गया था। यहां 17 लोग क्वारेंटाइन में रखे गये थे। जब ये 17 लोग यहां आये थे तब कोई सुविधा नहीं थी। सुविधाओं को इंतजाम शुरू हो ही रहा था कि ये लोग झांसा दे कर फरार हो गये। प्रशासन जब तक भोजन की व्यवस्था करता तब ये लोग भाग चुके थे। सरकार ने अब क्वारेंटाइन सेंटर को सुचारू बनान के लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मदारी तय कर दी है। हर केन्द्र प्रभारी को नियामानुसार काम करने का सख्त निर्देश दिया गय़ा है। भोजन, बिछावन और स्वास्थ्य जांच की सुविधा समय पर मुहैया कराना अनिवार्य है। अगर कोई कोरोना संदिग्ध क्वारेंटाइन सेंटर से भगता है तो उन पर भी कार्रवाई होगी।

सब्जीमंडी में भीड़ बर्दाश्त नहीं

सब्जीमंडी में भीड़ बर्दाश्त नहीं

पटना की प्रमुख सब्जी मंडियों में सोशल डिस्टेंडिंग का पालन नहीं हो पा रहा है। खरीदारी के लिए लोगों की भारी जुट रही है। अधिकतर मास्क नहीं पहने होते और एक दूसरे से सट कर चलते हैं। डीएम और एसपी ने दो दिन पहले मीठापुर सब्जी मंडी में खुद जा कर लोगों को दूर-दूर रहने की नसीहत दी थी। लेकिन इसका कोई फायदा नहीं। अब जिला प्रशासन ने फिर कठोरता से लॉकडाउन लागू करने का फैसला किया है। रविवार को पुलिस ने अंटाघाट और मीठापुर सब्जी मंडी में भीड़ जमा होने पर लाठियां चटकायीं थीं। हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया था। लेकिन अधिकारियों का यह कहना था कि अगर लोग नियम का पालन नहीं करेंगे तो एक्शन लिया जाएगा। लोगों को बार समझाया जा रहा है कि बाजार में वे एक मीटर की दूरी बना कर खरीदारी करें। ये नियम खुद उनकी हिफाजत के लिए बनाये गये हैं। फिर भी अधिकतर लोग इसकी अनदेखी कर रहे हैं। ये गलती न केवल पटना में बल्कि राज्य के अन्य़ शहरों में भी दोहरायी जा रही है। अब सरकार ने इससे भी निबटने की तैयारी की है।

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