Bihar Electricity Tariff: बिहार के लोगों का बड़ा झटका, महंगी होगी बिजली, BERC ने बढ़ाए टैरिफ, जानिए नई दर
बिहार के लोगों को नए वित्तीय वर्ष से पहले बड़ा झटका लगा है। बिहार विद्युत नियामक आयोग (Bihar Electricity Regulatory Commission- BERC) ने टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है। जानिए नए रेट

Bihar Electricity Tariff: बिहार में प्रचंड गर्मी की शुरुआत से ठीक पहले लोगों का पसीना छूटने लगा है। जी हां, ये पसीना गर्मी के कारण नहीं, बल्कि महंगी बिजली के कारण निकलेगा। बिहार विद्युत नियामक आयोग (Bihar Electricity Regulatory Commission- BERC) ने कहा है कि बिजली की दरों को बढ़ाया जाएगा। ऐसे में नए Bihar Electricity Tariff के कारण लोगों की जेब थोड़ी और ढीली होने वाली है। जानिए नई दरें
कब से भरने होंगे अधिक पैसे
बिहार में उपभोक्ताओं को महंगी बिजली के बारे में समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार विद्युत नियामक आयोग ने 24.10% (ऊर्जा शुल्क) बढ़ाने का फैसला किया है। 1 अप्रैल 2023 से लागू होने वाले वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बिजली उपभोक्ताओं से वसूला जाने वाला Fixed Charge भी बढ़ाने का फैसला किया गया है।

बिजली चाहिए तो अधिक पैसे दीजिए
इस फैसले का मतलब है कि एक हफ्ते बाद बिहार की जनता को निर्बाध बिजली लेने के लिए अधिक पैसे चुकाने होंगे, क्योंकि बहुत अधिक बकाया होने पर बिजली कनेक्शन बंद करने का अधिकार आपूर्ति करने वाले के पास सुरक्षित होता है।
नीतीश सरकार से सब्सिडी की आस
बिजली महंगी करने के फैसले पर जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार विधानसभा में मौजूदा सत्र में बिजली का रेट नहीं बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया गया था। मुफ्त बिजली का प्रपोजल भी पेश किया गया, लेकिन, 23 मार्च के फैसले में बिहार की बिजली टैरिफ में 24 फीसद का इजाफा करने के अलावा BERC ने फिक्स चार्ज दोगुना कर दिया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार आयोग ने टैरिफ बढ़ाने का कारण लाइन लॉस को बताया है। हालांकि, बिहार की जनता को एक स्थिति में राहत मिल सकती है। अगर नीतीश कुमार की सरकार प्रति यूनिट खपत पर सब्सिडी देने का फैसला करे तो नई दरों में भी जनता को राहत की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन इस फैसले के लिए गेंद सरकारी पाले में है।
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अभी कितना बिल चुकाते हैं बिजली उपभोक्ता
बिहार विद्युत नियामक आयोग (Bihar Electricity Regulatory Commission- BERC) के प्रमुख शिशिर कुमार सिंह के अनुसार बिजली उपभोक्ताओं के लिए अब तीन के बजाय दो ही स्लैब होंगे। उन्होंने बताया कि फिलहाल जो टैरिफ लागू है, इसके मुताबिक ग्रामीण इलाके की जनता को 6.10 रुपये (50 यूनिट खपत पर) की दर से भुगतान करना होता है। ग्रामीण बिजली उपभोक्ता अगर 50 यूनिट से अधिक बिजली जलाता है तो उसे 6.40 रुपये की दर से भुगतान करना होता है, जबकि शहरी इलाके में स्थिति और गंभीर है। BERC के अनुसार
- शहरी इलाके में 100 यूनिट खपत पर 6.10 रुपये प्रति यूनिट
- 100 यूनिट से अधिक बिजली जलाने पर 6.95 रुपये
- राज्य सरकार एक यूनिट बिजली पर 1.83 रुपये की सब्सिडी देती है
150-200 रुपये अधिक चुकाने पड़ेंगे!
नई दरों के आधार पर उपभोक्ताओं को एक यूनिट के लिए कितना भुगतान करना होगा? फिलहाल, इस सवाल का कोई जवाब नहीं, क्योंकि आयोग नीतीश कुमार की सरकार के फैसले का इंतजार कर रहा है। सब्सिडी की घोषणा के बाद नई दरों का पता लगेगा। नई दरें आगामी एक अप्रैल से 31 मई 2024 तक लागू रहेगी। हालांकि, टाइम्सनाऊ की रिपोर्ट में कितना अधिक पैसा देना होगा, इसका अनुमान लगाया गया। इसमें कहा गया, अगर आप एक महीने में 100 यूनिट बिजली जलाते हैं तो नई दरें लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को 150-200 रूपये अधिक देने पड़ सकते हैं। इस अनुमान के मुताबिक प्रति यूनिट कम से कम दो रुपये अधिक वसूला जाएगा, यानी नई दरें आठ से नौ रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी।












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