कौन हैं सतीश कुमार यादव? राबड़ी देवी को राघोपुर से हरा चुके हैं, क्या तेजस्वी को दे पाएंगे मात? समझिए समीकरण
Bihar Elections: 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों में राघोपुर सीट से इस बार मुकाबला बेदह रोचक होने वाला है। बुधवार को भाजपा ने अपनी जो तीसरी और अंतिम सूची जारी की है उसमें राघोपुर सीट से सतीश कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया है। राघोपुर सीट पर सतीश कुमार का मुकाबला राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उम्मीदवार और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से होगा।
राघोपुर सीट को लालू यादव परिवार का गढ़ माना जाता है, पिछले कई चुनावों से आरजेडी का इस सीट पर कब्जा रहा है। ऐसे में इस सीट पर सतीश कुमार यादव को उतारकर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। तो जानिए कौन है सतीश कुमार यादव और क्या है राघोपुर सीट का राजनीतिक समीकरण? क्या सतीश कुमार यादव तेजस्वी यादव को इस सीट से मात दे पाएंगे?

कौन हैं सतीश कुमार यादव?
यदुवंशी समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सतीश कुमार यादव भाजपा से पहले आरजेडी में ही थे और 2005 में नीतीश कुमार की जेडीयू में शामिल हो गए थे। 2005 में सतीश कुमार राघोपुर सीट से राबड़ी देवी से चुनाव हार गए थे लेकिन 2010 के चुनाव में सतीश कुमार यादव ने राबड़ी देवी को 13,006 वोटों के अंतर से मात दी थी। इस चुनाव में उन्हें 64,222 वोट मिले जबकि राबड़ी देवी 51,216 वोटों पर रहीं। हालांकि 2015 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी से चुनाव हार गए थे।
राघोपुर सीट पर हैं लालू परिवार का दबदबा
बिहार की राघोपुर विधानसभा सीट वैशाली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। राघोपुर सीट बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल सीटों में गिनी जाती है। इस सीट पर लालू परिवार का लंबे समय से वर्चस्व रहा है। लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेताओं ने इस सीट से जीत हासिल की है।
राघोपुर से दो बार चुनाव जीतते आ रहे तेजस्वी यादव
राघोपुर सीट पर तेजस्वी यादव लगातार दो बार से चुनाव जीतते आ रहे हैं। 2015 और 2020 के चुनावों में हार के बावजूद सतीश कुमार यादव को भाजपा ने फिर दांव लगाया है। 2010 में सतीश कुमार यादव ने राघोपुर सीट से राबड़ी देवी को मात दी हो लेकिन उस समय की राजनीति, गठबंधन, मतदाताओं की प्राथमिकताएँ और सामाजिक समीकरण अब बदल चुके हैं। ऐसे में इस बार देखना होगा कि सतीश कुमार तेजस्वी यादव को मात दे पाते हैं या नहीं?
राघोपुर सीट पर क्या है जातीय समीकरण?
राघोपुर क्षेत्र में यादव जाति की आबादी लगभग 31% है। यादव बाहुल इस क्षेत्र में राघोपुर और बिदुपुर ब्लॉक शामिल हैं। यादवों के अलावा, यहां राजपूत समुदाय की भी अच्छी-खासी आबादी है। यादव वोटरों को साधने के लिए भाजपा ने एक बाद फिर राघोपुर सीट से सतीश कुमार यादव को मैदान में उतारा है।
राघोपुर सीट का चुनावी इतिहास
- आरजेडी के दिवंगत नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह का भी इस क्षेत्र में गहरा प्रभाव था।
- पिछले डेढ़ दशक से भी अधिक समय से यह सीट लालू यादव और उनके परिवार के दबदबे में रही है।
- लालू यादव ने पहली बार 1995 में राघोपुर सीट से चुनाव लड़ा था, जब तत्कालीन विधायक उदय नारायण राय ने उनके लिए सीट खाली की थी।
- लालू यादव ने 1995 और 2000 में लगातार दो बार यहां से जीत दर्ज की। 2005 में उनकी राजनीतिक विरासत को पत्नी राबड़ी देवी ने आगे बढ़ाया।
- 2010 के चुनाव में राबड़ी देवी को जदयू के सतीश यादव से हार का सामना करना पड़ा था।
- 2015 में जब लालू यादव और नीतीश कुमार एक साथ आए, तब इस सीट से लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।
- उस समय, जदयू के तत्कालीन विधायक सतीश कुमार यादव ने बगावत कर भाजपा का दामन थाम लिया था।
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