Bihar Election: AIMIM ने उपचुनाव में कांग्रेस को दिया समर्थन, बिहार में ओवैसी की अलग राह, क्या है इसके मायने?
Bihar Election 2025: AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ज्यूबिली हिल्स विधानसभा उपचुनाव में ऐलान करते हुए ओवैसी ने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी इस उपचुनाव में कांग्रेस के साथ खड़ी होगी।
यह कदम राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि AIMIM बिहार में महागठबंधन से अलग राह अपनाकर चुनाव लड़ रही है। ओवैसी के इस निर्णय से यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी स्थानीय और क्षेत्रीय राजनीतिक रणनीति पर फोकस कर रही है।

बिहार में अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी से यह सवाल उठ रहा है कि क्या भविष्य में AIMIM महागठबंधन के साथ गठबंधन कर सकती है या अपनी अलग राह ही अपनाएगी।
ज्यूबिली हिल्स उपचुनाव पर वोटिंग...
ज्यूबिली हिल्स सीट पर 11 नवंबर को चुनाव होने वाला है। इसमें तीन मुख्य उम्मीदवार हैं - कांग्रेस के नवीन यादव, बीआरएस की मगंती सुनीथा और बीजेपी के लंकाला दीपक रेड्डी। यह चुनाव बीआरएस विधायक की इस साल जून में मौत के कारण हो रहा है। ओवैसी ने कहा कि AIMIM ने कांग्रेस को इसलिए समर्थन दिया क्योंकि इस चुनाव का नतीजा सरकार बदलने वाला नहीं है।
उन्होंने ज्यूबिली हिल्स के करीब चार लाख मतदाताओं से अपील की कि वे नवीन यादव को वोट दें, जो युवा हैं और क्षेत्र में विकास ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि, इस चुनाव का नतीजा सरकार पर असर नहीं डालेगा। बीआरएस को पिछले दस सालों से समर्थन देने वाले मतदाता अब नवीन यादव को वोट दें, ताकि क्षेत्र का विकास हो सके।
बिहार में AIMIM के सामने चुनौती
जहां ज्यूबिली हिल्स में कांग्रेस का समर्थन AIMIM के लिए फायदेमंद हो सकता है, वहीं बिहार में AIMIM अकेले चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने 25 उम्मीदवारों की सूची जारी की है और 243 सीटों में से कई सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पिछली विधानसभा चुनाव में AIMIM ने 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 5 सीटें जीतने में सफल रही थी। इस बार सीमांचल क्षेत्र में उम्मीदवार उतारे गए हैं, जो बाढ़ प्रभावित और मुस्लिम आबादी वाला इलाका है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने AIMIM पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग BJP की मदद अपनी निजी लाभ के लिए कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या AIMIM बिहार में सरकार बनाना चाहती है। ओवैसी ने कहा कि उन्होंने RJD अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को पत्र भेजा था कि इस बार वे INDIA ब्लॉक के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ने को तैयार हैं, लेकिन RJD से कोई जवाब नहीं आया।
AIMIM ने अपने 25 उम्मीदवारों को सीमांचल क्षेत्र में उतारा है ताकि मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन मिल सके। ओवैसी की रणनीति साफ है - अलग राह अपनाकर भी राजनीतिक प्रभाव बनाए रखना और वोट बैंक मजबूत करना।












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