तेजस्वी यादव बनेंगे CM फेस? कांग्रेस की चुप्पी से गहराया सस्पेंस, तीसरी बैठक में भी क्यों नहीं बन पाई बात
Bihar Election 2025: बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने जा रहा हैं। चुनावों की तैयारियों के बीच महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। 4 मई को पटना में महागठबंधन की तीसरी बैठक हुई, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और अन्य सहयोगी दलों के प्रमुख नेता बैठक में शामिल हुए लेकिन बैठक के बाद भी महागठबंधन का सीएम चेहरा कौन होगा इसको लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई।
आरजेडी को उम्मीद थी कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को इस बार की बैठक के बाद तो बतौर सीएम चेहरा पेश किया जाएगा। लेकिन उम्मीदों पर फिर से पानी फिर गया। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी सहित अन्य छोटे सहयोगी दलों ने भी तेजस्वी के नाम पर पहले ही सहमति जता दी है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस पार्टी ने अब तक तेजस्वी यादव के चेहरे पर अपनी स्वीकृति नहीं दी है। कांग्रेस चाहती है कि सीटों के बंटवारे पर सहमति बनने के बाद ही सीएम चेहरे की घोषणा की जानी चाहिए।

महागठबंधन की बैठक में किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
विपक्षी दल महागठबंधन ने अपनी तीसरी बैठक में बिहार विधानसभा चुनावों से पहले राज्य, ब्लॉक और जिला स्तर पर अपने छह दलों के बीच बेहतर समन्वय के लिए रणनीति पर चर्चा की है। इस बैठक में राजद, कांग्रेस, सीपीआई-एमएल, सीपीआई, सीपीएम और वीआईपी शामिल हुई थी। बैठक में तेजस्वी, बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार, बिहार के एआईसीसी प्रभारी कृष्ण अल्लावरु, सीपीआई-एमएल महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, सीपीआई अध्यक्ष ललन चौधरी, सीपीआई सचिव रामनरेश पांडे और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी शामिल हुए।
बाद में आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि बैठक में इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि आगामी चुनावों में हर विधानसभा सीट पर गठबंधन सहयोगियों के उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर एक साथ कैसे काम किया जाए।
उन्होंने विश्वास जताया कि विपक्षी गठबंधन चुनाव से पहले राज्य में चल रही बदलाव की हवा को आकार देगा। उन्होंने कहा, "समन्वय समिति अन्य रणनीतियों के अलावा एक संयुक्त चुनाव घोषणापत्र और संयुक्त चुनाव अभियान पर काम कर रही है।"
झा ने मीडिया से कहा, "बैठक सफल रही क्योंकि सभी छह सहयोगी दलों के नेताओं ने सर्वसम्मति से जमीनी स्तर पर समन्वय को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का फैसला किया।"
तेजस्वी यादव क्या बनेंगे सीएम चेहरा? क्या बोले सांसद मनोज झा
हालांकि विपक्ष के सीएम चेहरे के बारे में पूछे जाने पर मनोज झा ने कहा कि बिहार के लोग जानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा।
उन्होंने तेजस्वी के सीएम चेहरे पर विवाद के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सही समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा, "हमें पूरी दृढ़ता के साथ घोषणा का इंतजार करना होगा। आप सभी जानते हैं कि बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले बनी इंडिया ब्लॉक की समन्वय समिति का अध्यक्ष कौन है।" उन्होंने आगे कहा कि इंडिया ब्लॉक सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ेगा।
बैठक स्थल के बाहर और मंच पर लगाए गए पोस्टर से साफ संकेत मिल रहे हैं कि चुनाव तेजस्वी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "तेजस्वी को विपक्ष का सीएम उम्मीदवार घोषित करना महज औपचारिकता है।"
कांग्रेस आखिर तेजस्वी यादव को सीएम चेहरा घोषित करने से क्यों हिचक रही है?
🔴 राजनीतिक दबदबे की लड़ाई: बिहार की राजनीति में कांग्रेस फिलहाल भले ही कमजोर स्थिति में हो, लेकिन वो खुद को एक राष्ट्रीय पार्टी के रूप में पेश करती है। ऐसे में अगर उन्होंने तेजस्वी यादव को पहले से मुख्यमंत्री चेहरा घोषित कर दिया गया, तो कांग्रेस को सहयोगी दल के बजाय 'फॉलोअर' की भूमिका निभानी पड़ेगी। इससे उनके राष्ट्रीय पार्टी वाली छवि को नुकसान हो सकता है।
🔴 विधानसभा सीटों का बंटवारा: कांग्रस इस विधानसभा चुनाव में 2020 के समान या उससे ज्यादा सीटें चाहती है। अगर वह तेजस्वी को पहले ही सीएम फेस मान लेती है, तो सीट बंटवारे की बातचीत में दिक्कत आ सकती है। कांग्रेस चाहती है कि वह सीटों और उम्मीदवार चयन में अपनी शर्तों पर बात करे।
🔴 तेजस्वी यादव की 'छवि' पर भी संदेह: भले ही तेजस्वी यादव ने विपक्ष के नेता के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया हो, लेकिन कांग्रेस को लगता है कि उनकी छवि अब भी लालू यादव के पुराने "जंगल राज" की छाया से पूरी तरह मुक्त नहीं हो पाई है।
असल में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने को लेकर कांग्रेस की झिझक सिर्फ पार्टी से असहमति नहीं है, बल्कि यह एक रणनीतिक सोच है। कांग्रेस चाहती है कि चुनाव से पहले नेतृत्व की घोषणा न करके वह खुद को "किंगमेकर" की भूमिका में रखे। हालांकि तेजस्वी यादव और इंडिया ब्लॉक के नेता ये बार-बार कह रहे हैं कि विपक्षी गठबंधन के सीएम चेहरे पर कोई भ्रम नहीं है।












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