Bihar Election: दूसरे चरण में 122 सीट पर रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग 68.79% मतदान, किस जिले में सबसे ज्यादा पड़े वोट
Bihar Election 2025 Phase 2 Vote Percentage Latest Update: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और आखिरी चरण का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इस चरण में राज्य की 20 जिलों की 122 सीटों पर वोट डाले गए। रिकॉर्ड तोड़ शाम छह बजे तक 68.79%% वोटिंग दर्ज की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुजियाल ने बताया कि दूसरे फेज में कुल 68.79% मतदान हुआ है। वहीं दोनों चरणों को मिलाकर इस बार 66.90% वोटिंग दर्ज की गई है। पहले फेज में 65.08% वोट पड़े थे।
सबसे ज्यादा वोटिंग मुस्लिम बहुल किशनगंज में 77.75% दर्ज की गई, जबकि सबसे कम वोटिंग नवादा जिले में 57.76% रही। दिलचस्प बात यह है कि पिछले विधानसभा चुनाव (2020) में कुल 57% मतदान हुआ था, इस बार करीब 10% अधिक वोटिंग से साफ है कि जनता में बदलाव को लेकर जबरदस्त उत्साह है।

दूसरे चरण में 3.70 करोड़ वोटर तय करेंगे 1302 उम्मीदवारों की किस्मत
आज के मतदान में कुल 1302 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत 3.70 करोड़ से अधिक मतदाता तय करेंगे। इनमें 12 मंत्री भी शामिल हैं। राज्य भर के 45,399 मतदान केंद्रों पर वोटिंग चल रही है, जिनमें 4,109 को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन बूथों पर शाम 4 से 5 बजे तक वोटिंग होगी, जबकि बाकी बूथों पर मतदान का समय शाम 6 बजे तक रहेगा। चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
बिहार चुनाव फेज-2: किस जिले में कितनी वोटिंग?
- पश्चिमी चंपारण- 70.79%
- पूर्वी चंपारण- 71.17%
- शिवहर- 68.74%
- सीतामढ़ी - 66.91%
- मधुबनी- 63.27%
- सुपौल - 72.50%
- अररिया- 69.68%
- किशनगंज- 78.06%
- पूर्णिया- 76.04%
- कटिहार- 78.63%
- भागलपुर- 67.46%
- बांका- 70.25%
- रोहतास - 61.89%
- अरवल - 63.82%
- जहानाबाद-65.33%
- औरंगाबाद- 65.39%
- गया- 68.65%
- नवादा- 57.85%
- जमुई- 69.66%
किन नेताओं की सांख दांव पर?
कुल 45,399 मतदान केंद्रों में से 40,073 केंद्र ग्रामीण इलाकों में स्थित हैं। इस बार महिला मतदाताओं की भागीदारी भी अहम मानी जा रही है। राज्य में कुल मतदाताओं में करीब 1.75 करोड़ महिलाएं शामिल हैं।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो नवादा जिले की हिसुआ सीट पर सबसे अधिक 3.67 लाख मतदाता हैं। वहीं, लौरिया, चनपटिया, रक्सौल, त्रिवेणीगंज, सुगौली और बनमखी सीटों पर प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा है-इन सभी सीटों पर 22-22 उम्मीदवार मैदान में हैं।
दूसरे फेज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 9 मंत्रियों की साख दांव पर है। इनमें सुपौल से बिजेंद्र प्रसाद यादव, चकाई से सुमित कुमार सिंह, झंझारपुर से नीतीश मिश्रा, अमरपुर से जयंत राज, छातापुर से नीरज कुमार सिंह बबलू, बेतिया से रेणु देवी, धमदाहा से लेशी सिंह, हरसिद्धि से कृष्णनंदन पासवान और चैनपुर से जमा खान मैदान में हैं।
महागठबंधन की ओर से भी कई बड़े नाम मैदान में हैं। राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम, कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान (कटिहार की कदवा सीट से) और भाकपा (माले) विधायक दल के नेता महबूब आलम इस फेज में चुनावी रण में हैं। इनके लिए यह चरण एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है, क्योंकि राज्य के उत्तरी और सीमावर्ती जिलों में मुकाबला बेहद कड़ा है।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें 65% से अधिक वोटिंग दर्ज की गई थी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दूसरे और अंतिम चरण में मतदाता क्या नया रिकॉर्ड बनाते हैं और किसके पक्ष में जनादेश जाता है।
पीएम मोदी और नीतीश कुमार की अपील-'लोकतंत्र का पर्व मनाएं, मतदान जरूर करें'
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों से लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की। उन्होंने लिखा-"लोकतंत्र में मतदान केवल अधिकार ही नहीं, दायित्व भी है। सभी लोग अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर करें।"
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहारवासियों से भारी मतदान की अपील करते हुए कहा-"यह बिहार विधानसभा चुनाव का अंतिम चरण है। सभी मतदाता बढ़-चढ़कर भाग लें और मतदान का नया रिकॉर्ड बनाएं। पहली बार वोट करने वाले युवा साथियों से खास आग्रह है कि वे दूसरों को भी प्रेरित करें।"
सीमांचल में होगी सियासी परीक्षा, अल्पसंख्यक वोटर बने 'किंगमेकर'
दूसरे चरण में जिन जिलों में मतदान हो रहा है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे सीमावर्ती इलाके शामिल हैं। इन इलाकों की बड़ी आबादी मुस्लिम समुदाय से जुड़ी है, जिससे इस फेज का सियासी वजन और बढ़ गया है।
एनडीए जहां विपक्ष पर "घुसपैठियों को संरक्षण देने" का आरोप लगा रहा है, वहीं इंडिया गठबंधन अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के वोटों पर भरोसा जता रहा है।
दिग्गजों की साख दांव पर
इस फेज में कई बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। सुपौल से जेडीयू के वरिष्ठ नेता बिजेंद्र प्रसाद यादव, गया टाउन से बीजेपी के प्रेमेंद्र कुमार, बेतिया से रेनू देवी, छातापुर से नीरेज कुमार सिंह 'बबलू', धमदाहा से लेशी सिंह, फुलपरस से शीला मंडल और चैनपुर से जमा खान मैदान में हैं। इन सभी सीटों पर मुकाबला सीधा एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सीमांचल और अन्य जिलों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है।












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