Bihar Chunav: 5 साल में बदल गया तेजस्वी का 'गेम प्लान'! 2020 के चुनाव से कितना अलग है इस बार का 'तेजस्वी प्रण'
Bihar Election Mahagathbandhan Manifesto: बिहार चुनाव के लिए विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) ने अपना साझा घोषणा पत्र 'तेजस्वी प्रण' जारी कर दिया है। 'संपूर्ण बिहार, संपूर्ण परिवर्तन' के नारे के साथ जारी इस घोषणा पत्र में लोकलुभावन वादों की भरमार है, जिसमें महिलाएं, रोजगार, युवा, किसान और स्वास्थ्य प्रमुख फोकस में हैं। यह घोषणा पत्र 2020 के पिछले चुनाव के मुकाबले कई मायनों में अलग है, खासकर इसके नाम और नारे में।
रोजगार और युवाओं पर उनका फोकस बरकरार है, लेकिन इस बार हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का बड़ा वादा किया गया है। साथ ही, कांग्रेस के एजेंडे जैसे मुफ्त यात्रा, सस्ते गैस सिलेंडर और स्वास्थ्य बीमा को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है, जो इसके आधार को विस्तार देने की कोशिश दर्शाता है।

तेजस्वी प्रण': नाम और नारे में बड़ा बदलाव
महागठबंधन ने इस बार अपने साझा घोषणा पत्र को 'तेजस्वी प्रण' नाम दिया है, जो पिछले चुनाव के 'प्रण हमारा, संकल्प बदलाव का' से काफी अलग है। नया नारा 'संपूर्ण बिहार के संपूर्ण परिवर्तन के लिए' भी पिछले 'न्याय और बदलाव' से भिन्न है। नाम और नारों में यह बदलाव जहां एक ओर एक नई शुरुआत का संकेत देता है, वहीं रोजगार और युवाओं पर महागठबंधन का फोकस अब भी बरकरार है। यह स्पष्ट करता है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में पार्टी इन प्रमुख मुद्दों को बिहार की राजनीति में केंद्रीय बनाए रखना चाहती है।
रोजगार और महिलाओं पर विशेष जोर
महागठबंधन के 'तेजस्वी प्रण' में रोजगार और महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। $2020$ के चुनाव में 10 लाख नौकरियां देने का वादा किया गया था, जिसे इस बार और भी महत्वाकांक्षी बनाते हुए 'हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी' का वादा किया गया है। इसके लिए सरकार बनने के 20 दिन के भीतर कानून बनाने और 20 महीने के भीतर नौकरी देना शुरू करने की बात कही गई है।
महिलाओं के लिए भी कई बड़े वादे हैं।
कम्युनिटी मोबिलाइजर्स (सीएम) दीदी को राज्य कर्मचारी का दर्जा और 30 हजार प्रति माह वेतन, साथ ही जीविका कैडर की दीदियों को 2 हजार प्रति माह भत्ता देने का वादा है। इसके अलावा, महिलाओं को हर महीने ढाई हजार रुपये देने, मातृत्व और पीरियड अवकाश सुनिश्चित करने और मुफ्त बस यात्रा की सुविधा के लिए 2 हजार इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की घोषणा की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में कक्षा 8 से 12वीं तक के गरीब छात्रों को टैबलेट और 70 किलोमीटर के दायरे में विश्वविद्यालय खोलने का वादा भी शामिल है।
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किसान और समाज के अन्य मुद्दे
किसानों के लिए महागठबंधन ने फसल बीमा योजना के साथ किसान बीमा योजना लागू करने का वादा किया है। मखाना प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की बात भी कही गई है। पिछले चुनाव में कृषि ऋण माफी और नए कृषि कानूनों को खत्म करने का वादा था, जो इस बार किसान बीमा पर केंद्रित है। इसके अलावा, समाज के अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी घोषणा पत्र में वादे हैं। महागठबंधन ने ताड़ी से प्रतिबंध हटाने और शराबबंदी कानून की समीक्षा का वादा किया है, जो एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। आईटी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए आईटी पार्क बनाने का वादा भी 'तेजस्वी प्रण' का हिस्सा है।
कांग्रेस के एजेंडे की स्पष्ट छाप
इस बार के घोषणा पत्र में कांग्रेस के एजेंडे की छाप स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है, जो महागठबंधन में कांग्रेस की मजबूत भूमिका को दर्शाता है। युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा शुल्क माफ करने और परीक्षा केंद्र तक मुफ्त यात्रा सुविधा देने का वादा कांग्रेस अन्य राज्यों में भी करती आई है। महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा कांग्रेस का एक सफल दांव रहा है। गरीब परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा, जिसे कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में सफलतापूर्वक आजमाया है, वह भी इस घोषणा पत्र में शामिल है। स्वास्थ्य बीमा के तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करने का वादा भी कांग्रेस के कई राज्यों के चुनावी वादों का हिस्सा रहा है, जिसे 'तेजस्वी प्रण' में जगह मिली है।
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