Bihar Election 2025: किसानों,अल्पसंख्यकों पर महागठबंधन मेहरबान! मेनिफेस्टो में तेजस्वी ने इनको दिया खास तोहफा
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र महागठबंधन ने अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस घोषणापत्र में किसानों, युवाओं, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं।
महागठबंधन ने संविधानिक अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक न्याय, शिक्षा और स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा है कि बिहार के हर तबके को समान अवसर मिलेगा। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में जारी इस मैनिफेस्टो को विपक्ष की तरफ से NDA सरकार की नीतियों के जवाब में पेश किया गया 'जन सरोकार का दस्तावेज़' बताया जा रहा है।

अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा
महागठबंधन ने घोषणा पत्र में कहा है कि सभी अल्पसंख्यक समुदायों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जाएगी। वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को लागू करने पर रोक लगाई जाएगी। वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी, जन-हितैषी और कल्याणकारी बनाया जाएगा। इसके अलावा, बोधगया में स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय के लोगों को सौंपा जाएगा, ताकि धार्मिक स्वतंत्रता और परंपरा की रक्षा हो सके।
किसानों के लिए बड़ा ऐलान
महागठबंधन ने किसानों को सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की गारंटी देने का वादा किया है। मंडी और मार्केट कमेटियों को फिर से चालू किया जाएगा। विभागीय, उप-विभागीय और प्रखंड स्तर पर मंडियां खोली जाएंगी। किसानों के हित में APMC एक्ट को फिर से लागू किया जाएगा, ताकि कृषि उत्पादों की बिक्री में पारदर्शिता और उचित दाम सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य बीमा में बड़ा वादा
हर नागरिक को जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (Jan Swasthya Suraksha Yojana) के तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा।
यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और गरीब तबकों को चिकित्सा सुरक्षा देने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आरक्षण सीमा में वृद्धि का वादा
महागठबंधन ने कहा है कि आरक्षण सीमा को जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाया जाएगा। इसके लिए विधानसभा से एक कानून पारित कर उसे संविधान की नवम अनुसूची (Ninth Schedule) में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वर्तमान में पंचायत और नगर निकायों में अतिपिछड़ा वर्गों (MBCs) के लिए 20% आरक्षण है, जिसे 30% किया जाएगा। अनुसूचित जातियों (SCs) के लिए आरक्षण को 16% से बढ़ाकर 20% किया जाएगा। वहीं अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए भी अनुपातिक वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी।
सामाजिक न्याय और समान अवसर पर फोकस
महागठबंधन के घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि बिहार में सामाजिक न्याय, समान अवसर और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे मूलभूत अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। घोषणा पत्र का फोकस एक ऐसे बिहार के निर्माण पर है, जहां आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक संतुलन और न्याय भी सुनिश्चित हो सके।
महागठबंधन का यह घोषणा पत्र न केवल चुनावी वादों का दस्तावेज है बल्कि सामाजिक और आर्थिक सुधार की दिशा में एक दृष्टि प्रस्तुत करता है। अब देखना यह होगा कि मतदाता इन वादों को कितना भरोसेमंद मानते हैं और इसका चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है।












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