Bihar Crime News: चुनावी माहौल में खून से लाल बिहार की सड़कें! 24 घंटे में 4 हत्याएं, क्या कहते हैं आंकड़े?
Bihar Crime Rising News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां जोरशोर पर हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी बिसात बिछाने पर जुट गए हैं। एनडीए और महागठबंधन चुनावी रणभूमि में आमने-सामने आने को बेताब हैं। ऐसे में क्राइम ग्राफ का तेजी से बढ़ना काफी चिंताजनक है।
पिछले 24 घंटों में चार हत्याओं ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इनमें से एक सनसनीखेज मामला पटना का है, जहां वकील जितेंद्र कुमार महतो को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। अन्य घटनाएं सीतामढ़ी, शेखपुरा, और पटना के रामकृष्ण नगर में हुईं, जिनमें एक व्यवसायी, एक बीजेपी नेता, और एक किराना दुकानदार की हत्या शामिल है। इन घटनाओं ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर हड़कंप मचा दिया है।

13 जुलाई, 2025: पटना में वकील की हत्या (Lawyer Murdered in Patna)
पटना के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में रविवार, 13 जुलाई 2025 को दोपहर लगभग 3 बजे 58 वर्षीय जितेंद्र कुमार महतो (Jitendra Kumar Mahato Murder) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पटना पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि महतो रोजाना की तरह चाय पीने के बाद लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर गोलियां चलाईं। घटनास्थल से तीन गोलियों के खोखे बरामद हुए। महतो को PMCH ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि महतो पेशे से वकील थे, लेकिन पिछले दो साल से वकालत नहीं कर रहे थे।
पटना सिटी के एएसपी अतुलेश झा और सुल्तानगंज थाने की टीम जांच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल शुरू की गई है, और फोरेंसिक विशेषज्ञों को बुलाया गया है। एसपी कुमार ने कहा, 'मामले की हर कोण से जांच की जा रही है।'
12 जुलाई, 2025: सीतामढ़ी में व्यवसायी की हत्या
शनिवार को सीतामढ़ी के मेहसौल चौक, एक व्यस्त बाजार क्षेत्र में, व्यवसायी पुटू खान (Putu Khan Murder)
को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मार दी। सीसीटीवी फुटेज में दिनदहाड़े हमले की तस्वीरें कैद हुईं। खान को निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद इलाके में तनाव फैल गया।
परिवार ने पोस्टमॉर्टम से इनकार करते हुए सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि हत्या का कारण ज़मीनी विवाद था। गुस्साए स्थानीय लोगों ने मीडियाकर्मियों को वीडियोग्राफी से रोका। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
12 जुलाई, 2025: शेखपुरा में BJP नेता की गोलीबारी में मौत
पटना जिले के शेखपुरा गांव में पशु चिकित्सक सुरेंद्र केवट (50) को शनिवार को खेत में सिंचाई करते समय बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां मार दीं। ग्रामीणों ने उन्हें पटना एम्स पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुरेंद्र (BJP Leader Surendra Kewat) स्थानीय स्तर पर भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष थे।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की। एक अधिकारी ने बताया, 'कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला है। हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।' राजनीतिक मकसद से इनकार नहीं किया गया है।
11 जुलाई, 2025: रामकृष्ण नगर में किराना दुकानदार की हत्या
शुक्रवार शाम पटना के रामकृष्ण नगर में किराना दुकानदार विक्रम झा (Vikram Jha Murder) को अज्ञात हमलावर ने गोली मार दी। वह अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुके थे। पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन हत्या का मकसद अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है।
Bihar Crime Rate: बिहार में अपराध दर: आंकड़ों की सच्चाई
हालांकि हालिया घटनाएं चिंताजनक हैं। लेकिन, गृह मंत्रालय और NCRB के आंकड़े बताते हैं कि बिहार में अपराध दर में हाल के वर्षों में कमी आई है। 2020 में प्रति लाख आबादी पर 211.3 संज्ञेय अपराध दर्ज हुए, जो 2021 में घटकर 150.4 हो गए। 2019 में यह दर 224 थी। राष्ट्रीय स्तर पर 2020 में औसत अपराध दर 314 थी, जबकि बिहार में यह 160 थी, जो इसे 22वें स्थान पर रखता है। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, केरल और राजस्थान जैसे राज्यों में बिहार से अधिक अपराध दर दर्ज की गई। हत्या की दर भी 2001 में 4.4 से घटकर 2024 में 2.1 प्रति लाख आबादी हो गई।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इन हत्याओं ने बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी घमासान छेड़ दिया है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लगातार पोस्ट के जरिए राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, खासकर हाल की हत्याओं का जिक्र करते हुए।
तेजस्वी ने पटना में एक वकील, वैशाली में एक लड़की, और परसा में एक शिक्षक की हत्या का उल्लेख करते हुए सरकार को 'लाचार' बताया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर तंज कसा। उन्होंने बीजेपी के दो उपमुख्यमंत्रियों पर भी निष्क्रियता का आरोप लगाया और 'भ्रष्ट भूंजा-डीके पार्टी' पर सवाल उठाए।
तेजस्वी ने बीजेपी नेता सुरेंद्र केवट की हत्या पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया, यह कहते हुए कि एनडीए सरकार सच्चाई सुनने या गलती स्वीकारने को तैयार नहीं है। तेजस्वी ने सीतामढ़ी, पटना, नालंदा, खगड़िया, और गया में हुई हत्याओं का जिक्र किया, जिसमें व्यवसायी, दुकानदार, नर्स, और युवकों की हत्या शामिल है।
विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि सरकार अपराध पर नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, 'कोई संगठित अपराध नहीं है, केवल सुशासन है।' बिहार पुलिस ने तेजस्वी के दावों का खंडन करते हुए कहा कि अपराध दर अन्य राज्यों से कम है और त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
चुनावी माहौल में बढ़ती चिंता
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इन घटनाओं ने बिहार में डर का माहौल पैदा कर दिया है। विशेषकर पटना में व्यापारियों और आम लोगों में भय व्याप्त है। पुलिस ने SIT गठन और सीसीटीवी जांच जैसे कदम उठाए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बिहार में अपराध की इन वारदातों ने नीतीश सरकार की 'सुशासन' की छवि पर गहरे सवाल उठाए हैं। जनता और विपक्ष का गुस्सा बढ़ रहा है, और यह मुद्दा आगामी चुनावों में बड़ा सियासी हथियार बन सकता है।
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