Bihar Chunav से पहले नीतीश सरकार ने खोला सरकारी खजाना! छात्रों की स्कॉलरशिप हुई डबल, कुल 129 एजेंडों पर मुहर
Bihar Cabinet Meeting: दशहरा के तुरंत बाद, शुक्रवार को बिहार कैबिनेट की एक अहम बैठक संपन्न हुई। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इसे वर्तमान सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक माना जा रहा है। इस मैराथन बैठक में कुल 129 एजेंडों पर मुहर लगाई गई, जो राज्य के लाखों लोगों को प्रभावित करेंगे।
इन फैसलों में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगातें और स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए अहम घोषणाएं शामिल हैं। कैबिनेट के इन व्यापक निर्णयों को चुनाव से पहले सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

स्कूली छात्रों की स्कॉलरशिप हुई दोगुनी
स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है, जिसके तहत उनकी स्कॉलरशिप की राशि को दोगुना कर दिया गया है। विभिन्न कक्षाओं के लिए नई दरें इस प्रकार हैं
- क्लास 1 से 4: ₹600 से बढ़कर ₹1200
- क्लास 5 से 6: ₹1200 से बढ़कर ₹2400
- क्लास 7 से 10: ₹1800 से बढ़कर ₹3600
इस बढ़ी हुई स्कॉलरशिप के लिए कैबिनेट ने तीन अरब रुपए की राशि स्वीकृत की है।
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कर्मचारियों को 3% DA की सौगात
कैबिनेट ने राज्य कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाकर बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार के फैसले के अनुरूप, DA में 3% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% हो गया है। इसके अलावा, राज्य में फिल्म और नाट्य संस्थान की स्थापना को भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति दी है।
जलापूर्ति परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
शहरी विकास पर ज़ोर देते हुए, केंद्र प्रायोजित अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत दो महत्वपूर्ण जलापूर्ति परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति मिली है।
- पूर्णिया जलापूर्ति परियोजना: इसके लिए ₹284 करोड़ 78 लाख 94 हजार 479 की राशि स्वीकृत की गई है।
- मोतिहारी जलापूर्ति परियोजना: इसके लिए ₹187 करोड़ 13 लाख 18 हजार 596 की राशि को मंजूरी दी गई है।
इन फैसलों को चुनाव से पहले बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
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महिला, नौकरी, ज़मीन... DA-स्कॉलरशिप से पहले क्या-क्या मिला?
चुनाव से पहले सरकारी खजाना खोलने का सिलसिला यह पहली बार नहीं है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी सरकार पहले भी कई बड़ी और लोकलुभावन घोषणाएं कर चुकी है, जिनका उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को सीधा लाभ पहुंचाना है:
1. महिला सशक्तिकरण और रोज़गार
- मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना: सरकार ने प्रत्येक परिवार की एक महिला को रोज़गार शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में ₹10,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
- अतिरिक्त सहायता: रोज़गार शुरू होने के 6 महीने बाद आकलन के आधार पर, उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता दी जा सकती है।
2. औद्योगिक विकास और ज़मीन
- नया औद्योगिक पैकेज 2025: राज्य में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन दिया गया है।
- मुफ्त ज़मीन: ₹100 करोड़ से अधिक का निवेश करने वाली और 1000 से अधिक प्रत्यक्ष रोज़गार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को 10 एकड़ तक मुफ्त ज़मीन आवंटित की जाएगी।
3. शिक्षा और शिक्षक भर्ती
- शिक्षक भर्ती में डोमिसाइल: शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) से ही डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी।
- TRE-4 और TRE-5: वर्ष 2025 में TRE-4 और वर्ष 2026 में TRE-5 का आयोजन किया जाएगा। TRE-5 से पहले STET का आयोजन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
4. स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का मानदेय वृद्धि
- आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय: प्रोत्साहन राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 कर दी गई है।
- ममता कार्यकर्ताओं का मानदेय: प्रोत्साहन राशि प्रति प्रसव ₹300 से बढ़ाकर ₹600 कर दी गई है।
5. बिजली और रोज़गार सृजन
- मुफ्त बिजली: बिहार के लोगों को 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिल रही है।
- सौर ऊर्जा: अगले तीन वर्षों में घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा का लाभ मिलेगा।
- 1 करोड़ नए रोज़गार: अगले 5 सालों (2025 से 2030 तक) में 1 करोड़ नई नौकरियां और रोज़गार के मौके बनाए जाएंगे, जिसकी निगरानी विकास आयुक्त की अध्यक्षता वाली एक उच्च-स्तरीय समिति करेगी।
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