Bihar Chunav: कौन है गुड़िया देवी? जिसने तेजस्वी यादव, RJD सांसद पर दर्ज कराई FIR, आरोप सुन माथा पीट लेंगे
Bihar Chunav 2025 (Tejashwi yadav FIR): बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एक महिला का नाम अचानक से सुर्खियों में आ गया है। दरभंगा जिले की रहने वाली गुड़िया देवी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राज्यसभा सांसद संजय यादव, पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा और कांग्रेस नेता मशकूर अहमद उस्मानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप इतने गंभीर हैं कि सुनकर किसी का भी माथा ठनक जाएगा।
दरभंगा की गुड़िया देवी ने दर्ज कराई FIR
दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र की निवासी गुड़िया देवी, वार्ड नंबर-7 में रहती हैं। उन्होंने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि 'माई बहिन योजना' के नाम पर उनसे और आसपास की महिलाओं से पैसे और दस्तावेज लिए गए। महिला का कहना है कि उन्हें 2500 रुपये हर महीने देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके लिए पहले उनसे 200-200 रुपये वसूले गए।

गुड़िया देवी ने साफ कहा कि कुछ लोग उनके दरवाजे पर आए और बोले कि योजना में नाम जुड़वाने से हर महीने खाते में पैसे आएंगे। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक डिटेल देने की शर्त रखी गई। भोली-भाली महिलाएं इस लालच में आ गईं और उन्होंने फॉर्म भर दिया।
गुड़िया देवी ने RJD नेताओं पर लगाए ठगी का आरोप
गुड़िया देवी के मुताबिक, जब उनके पति घर लौटे और इस पूरी घटना के बारे में जाना तो उन्होंने इसे सीधी-सीधी ठगी करार दिया। महिला का आरोप है कि इस ठगी के पीछे सीधे-सीधे विपक्षी नेताओं का हाथ है। FIR में जिन बड़े नामों का जिक्र है, उनमें तेजस्वी यादव, सांसद संजय यादव, पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा और कांग्रेस नेता मशकूर अहमद उस्मानी शामिल हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना दरअसल नेताओं की साजिश थी, जिसके जरिए महिलाओं से छोटे-छोटे पैसे और व्यक्तिगत जानकारियां इकट्ठा की जा रही थीं।
आखिर कौन हैं गुड़िया देवी? (Gudiya Devi)
गुड़िया देवी कोई जानी-मानी राजनीतिक हस्ती नहीं हैं, बल्कि साधारण महिला हैं जो दरभंगा के सिंहवाड़ा इलाके में रहती हैं। उनकी शिकायत ने अचानक उन्हें बिहार की राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
गुड़िया देवी का कहना है कि वह और उनके जैसे कई लोग राजनीति के बड़े-बड़े दांवपेंच नहीं समझते। उन्हें सिर्फ इतना पता है कि उनके पैसे और दस्तावेज ले लिए गए हैं और अब वे ठगी का शिकार हो चुकी हैं। यही वजह है कि उन्होंने साहस दिखाते हुए सीधे बड़े नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज कराई।
क्या है 'माई बहिन योजना' का खेल? (Mai Bahin Yojana scam Bihar)
शिकायत में कहा गया है कि योजना के नाम पर महिलाओं को समझाया गया कि फॉर्म भरने के बाद हर महीने खाते में ₹2,500 आएंगे। लेकिन असल में फॉर्म भरवाने वालों ने उनसे 200-200 रुपये और आधार जैसी संवेदनशील जानकारी ले ली।
गुड़िया देवी का दावा है कि यह सब स्थानीय कार्यकर्ताओं ने नेताओं के नाम लेकर किया। उनका कहना है कि पूरा मामला जनता को बहकाकर राजनीतिक फायदे उठाने की कोशिश जैसा लग रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
सिंहवाड़ा थाना प्रभारी वसंत कुमार ने पुष्टि की है कि महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामला कांड संख्या 253/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4)/3(5) में दर्ज हुआ है। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष का कहना है कि आरोपों की गहराई से जांच की जाएगी और सबूत मिलने पर आगे की सख्त कार्रवाई भी होगी।
चुनावी मौसम में गरमाई राजनीति
बिहार में चुनावी हलचल पहले से तेज है और ऐसे में तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना राजनीति में भूचाल ला सकता है। सत्ताधारी दल ने पहले ही इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है और कहा जा रहा है कि विपक्ष जनता को झूठे वादों से गुमराह कर रहा है।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि वाकई यह योजना विपक्ष की तरफ से चलाई गई कोई ठगी थी या किसी ने नेताओं के नाम का इस्तेमाल कर राजनीतिक साजिश रची। जांच के नतीजे ही इस पर से पर्दा उठाएंगे।
बिहार की राजनीति में अक्सर ऐसे आरोप-प्रत्यारोप चुनाव से पहले देखने को मिलते हैं, लेकिन किसी आम महिला की शिकायत से सीधे तेजस्वी यादव जैसे बड़े नेता का नाम जुड़ना अपने आप में चौंकाने वाला है। अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस की जांच में सच क्या निकलकर आता है -क्या यह वाकई फर्जी योजना थी या फिर नेताओं को घेरने की कोई और चाल? एक बात तय है कि इस घटना ने बिहार चुनाव 2025 की सरगर्मी और बढ़ा दी है।












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