Bihar canon ball blast: भारतीय सेना ने कहा- देउरी डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार फायरिंग नहीं की गई

भारतीय सेना ने गया में बुधवार को हुई घटना पर आई मीडिया रिपोर्ट का खंंडन किया है। सेना ने कहा हमारी शूटिंग रेंज से मौर्टार फायरिंग नहीं की गई।

mortar firing

सांकेतिक फोटो

भारतीय सेना ने बुधवार को आई उन खबरों का खंडन किया है कि जिसमें दावा किया गया कि 8 मार्च को गया बिहार में देउरी डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार फायरिंग से की गई जिससे तीन लोगों की मौत हो गई थी। इंडियन आर्मी ने स्पष्ट किया कि 8 मार्च को गया बिहार में देउरी डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार फायरिंग नहीं की गई थी। इस घटना का पता लगाने के लिए जांच एजेंसियों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

घटना पर सेना ने दुख जताया

इसके साथ ही सेना ने बाराचट्टी पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गुलेरबेद गांव के पास दुर्भाग्यपूर्ण घटना में मारे गए लोगों के प्रति दुख और घायल हुए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

मोर्टार दागने के लिए लेनी पड़ती है पहले से परमीशन

सेना ने अपने बयान में कहा मीडिया के एक वर्ग द्वारा इस घटना को गलत तरीके से पेश किया गया है कि ये मौतें सेना की मोर्टार फायरिंग के कारण हुई हैं। सेना ने कहा ये स्‍पष्‍ठ किया जाता है कि 8 मार्च 2023 को देउरी डुमरी फील्ड फायरिंग रेंज में मोर्टार की कोई फायरिंग नहीं की गई थी। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि स्थानीय नागरिक प्रशासन और पुलिस से फायरिंग से पहले दैनिक आधार पर अधिसूचित फायरिंग रेंज पर सभी परमीशन पहले हासिल की जाती है। सेना ने कहा बुधवार के दिन मोर्टार दागने के लिए ऐसी कोई मंजूरी नहीं मांगी गई थी।

अवैध कलेक्‍शन का मामला हो सकता है

भारतीय सेना ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में एक गड्ढा दिखाया गया है जो मोर्टार के गोले के इफेक्‍ट को दर्शाता है। जबकि मोर्टार शेल विस्फोट का प्रभाव इस तरह के साइन नहीं बनाता है। सेना ने कहा यह एक मोर्टार ब्लाइंड शेल के अवैध कलेक्‍शन का मामला हो सकता है जो पहले की तारीख में उक्‍त प्रभाव क्षेत्र में गिर गया था, और बिक्री के लिए 08 मार्च 2023 को स्क्रैप धातु निकालने के लिए इसे खत्‍म करने का प्रयास किया गया। इससे विस्फोट हो सकता था, जिससे दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना हो सकती थी।

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    सेना ने की ये रिक्‍वेस्‍ट

    सेना ने कहा लोगों को चोट और जान जाने जैसा दुर्भाग्यपूर्ण नुकसान, फील्ड फायरिंग रेंज के प्रभाव क्षेत्र में प्रवेश से उत्पन्न खतरों को फिर से उजागर करता है और बिक्री के लिए प्रभावित क्षेत्र में अवैध तरीके से स्क्रैप और यहां तक ​​कि अंधाधुंध कलेक्‍शन करने की खतरनाक ट्रेनिंग का परिणाम है, जिसके काराण इस तरह की त्रासदियों होती हैं। सेना ने अपने बयान में दावा किेया कि भारतीय सेना अनुरोध करती है कि स्क्रैप धातु के अनधिकृत संग्रह और यहां तक ​​कि बिक्री के लिए ब्लाइंड राउंड की प्रथा से बचना चाहिए।

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