Bihar Cabinet 2025: नीतीश कैबिनेट में किसे मिलेगा कौन सा विभाग? 3 महिला मंत्री को मिल सकता है ये मंत्रालय
Bihar Cabinet 2025: बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार ने सत्ता संभाल ली है और अब सबकी निगाहें उनकी नई कैबिनेट के मंत्रालय बंटवारे पर टिकी हैं। 20 नवंबर को शपथ ग्रहण होने के बाद 21 नवंबर को विभागों का वितरण तय होना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि किस मंत्री के पास कौन सा पोर्टफोलियो जाएगा और किन विभागों में बड़ा बदलाव दिख सकता है। खास बात यह है कि इस बार कैबिनेट में शामिल तीनों महिला मंत्रियों को लेकर भी उत्सुकता है। कौन कौन सा मंत्रालय संभालेगा, यह देखने लायक होगा।
गृह, वित्त और खेल विभाग पर लगभग सहमति
सूत्र बताते हैं कि गृह विभाग हमेशा की तरह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पास ही रखेंगे। सम्राट चौधरी के पास दोबारा वित्त विभाग जाने की पूरी संभावना है। पहली बार मंत्री बनीं अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह को खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है। भाजपा उन्हें युवा और महिला चेहरे के रूप में आगे बढ़ा रही है इसलिए माना जा रहा है कि स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट उन्हीं को जाएगा।

🟡 जदयू कोटा और पुराने विभागों की वापसी
जदयू के ज्यादातर मंत्रियों को पहले वाले ही विभाग मिलने का अनुमान है। लेशी सिंह को फिर से खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय दिया जा सकता है क्योंकि वे इस विभाग को पहले भी संभाल चुकी हैं और उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। विभागों के बंटवारे में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी वजह से कुछ चेहरे अपने पुराने मंत्रालयों के साथ ही आगे बढ़ते दिख सकते हैं।
🟡 समाज कल्याण विभाग में महिला मंत्री की एंट्री संभव
समाज कल्याण मंत्रालय को लेकर विशेष चर्चा है क्योंकि यह विभाग अक्सर महिला नेताओं को दिया जाता है। रमा निषाद के नाम की चर्चा काफी तेज है। यह विभाग महिलाओं, बच्चों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा होता है, इसलिए संभावना है कि इसे किसी महिला नेता के पास ही रखा जाए। लेशी सिंह भी इसे पहले संभाल चुकी हैं इसलिए कोई बदलाव हुआ तो उनकी वापसी भी संभव है।
🟡 कैबिनेट गठन में जातीय और क्षेत्रीय फैक्टर रहा अहम
बिहार की राजनीति में मंत्रालयों के बंटवारे में जातीय समीकरण हमेशा एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस बार भी यही फॉर्मूला दिख रहा है। सरकार चाहती है कि सभी वर्गों और सभी क्षेत्रों को बराबरी से प्रतिनिधित्व मिले। इसीलिए अनुभव, राजनीतिक प्रभाव और संगठन में योगदान के आधार पर विभागों की जिम्मेदारी तय की जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, सड़क निर्माण और परिवहन जैसे बड़े विभाग उन मंत्रियों को मिल सकते हैं जिनकी छवि कार्यकुशल मानी जाती है।
🟡 जदयू के पास रह सकते हैं कई अहम विभाग
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले की तरह गृह विभाग और सामान्य प्रशासन को अपने पास ही रखेंगे। जदयू कोटे से जिन मंत्रालयों के मिलने की संभावना जताई जा रही है, उनमें मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, जल संसाधन, संसदीय कार्य, ऊर्जा, योजना एवं विकास, ग्रामीण विकास, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण कार्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण, सूचना एवं जनसंपर्क, शिक्षा, भवन निर्माण, और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग शामिल हैं। कुछ विभाग इतने संवेदनशील माने जा रहे हैं कि उनके मंत्री खुद नीतीश कुमार ही रहेंगे।
🟡 बीजेपी को मिल सकते हैं वित्त, स्वास्थ्य और कई प्रमुख विभाग
बीजेपी कोटे में जिन मंत्रालयों के आने की चर्चा है, उनमें वित्त एवं वाणिज्य कर, पथ निर्माण, सहकारिता, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, कृषि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, उद्योग, पर्यटन, नगर विकास एवं आवास, विधि, राजस्व एवं भूमि सुधार, परिवहन, SC-ST कल्याण, पिछड़ा- अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण, गन्ना, पंचायती राज, खेल, और श्रम संसाधन विभाग शामिल हो सकते हैं। ये सभी विभाग बीजेपी के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
🟡 लोजपा (रामविलास), HAM और RLM को ये मंत्रालय मिलने की संभावना
NBT को मिले विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक लोजपा (रामविलास) के कोटे से चिराग पासवान के दो मंत्री- संजय कुमार सिंह और संजय पासवान को खान एवं भूतत्व तथा पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग दिए जा सकते हैं। वहीं HAM और RLM कोटे में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी, लघु जल संसाधन, और आपदा प्रबंधन मंत्रालय जाने की चर्चा है।
🟡 26 मंत्रियों की टीम, 14 बीजेपी, 8 जदयू और 2 लोजपा आर से
इस बार नीतीश कैबिनेट में कुल 26 मंत्री शामिल किए गए हैं। इनमें 14 बीजेपी कोटे से, 8 जदयू से, 2 लोजपा आर से जबकि हम और आरएलएसपी कोटे से 1-1 मंत्री बनाए गए हैं। एक मुस्लिम चेहरा भी कैबिनेट में शामिल है। जमा खान को दोबारा मंत्री बनाया गया है। 9 नए चेहरे मंत्रिमंडल में जोड़े गए हैं जिनमें श्रेयसी सिंह, रामकृपाल यादव जैसे नाम शामिल हैं। चिराग पासवान की पार्टी से दो विधायकों को मंत्री बनाया गया है जिनमें संजय सिंह भी शामिल हैं जिन्होंने महुआ से तेजप्रताप यादव को हराया था।
🟡 उपेंद्र कुशवाहा के बेटे की एंट्री, चुनाव लड़े बिना बने मंत्री
मंत्रियों की सूची में सबसे चर्चा में रहा नाम उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का रहा जिन्होंने बिना चुनाव लड़े मंत्री पद की शपथ ली। वे न MLA हैं और न MLC। उन्हें छह महीने के भीतर विधान परिषद का सदस्य बनाया जाएगा।
🟡 3 महिला मंत्री और उनकी संभावित भूमिका
26 मंत्रियों में से तीन महिलाएं कैबिनेट में शामिल की गई हैं। कुल हिस्सेदारी लगभग 11 फीसदी। ये तीन चेहरें हैं लेशी सिंह, रमा निषाद और श्रेयसी सिंह।
🔹लेशी सिंह
पूर्णिया के धमदाहा से छह बार की विधायक। पिछली सरकार में खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री थीं। वे नीतीश कुमार की बेहद करीबी मानी जाती हैं और इस बार भी उन्हें अहम विभाग मिलने की उम्मीद है।
🔹रमा निषाद
भाजपा से पहली बार चुनी गई विधायक। निषाद समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ है। पार्टी ने उन्हें पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में आगे किया है। समाज कल्याण विभाग या महिला एवं बाल विकास मंत्रालय पर उनका दावा मजबूत माना जा रहा है।
🔹श्रेयसी सिंह
जमुई से भाजपा विधायक और कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल विजेता निशानेबाज। पहली बार कैबिनेट में शामिल हुई हैं। उनका खेल विभाग संभालना लगभग तय माना जा रहा है। युवा और साफ छवि वाले चेहरे के रूप में भाजपा उन्हें आगे बढ़ा रही है।
🟡 नई सरकार से जनता की उम्मीदें
नीतीश कैबिनेट की पहली बैठक में विधानसभा के पहले सत्र की तारीख तय की जा सकती है और कई अहम फैसलों पर मुहर लगने की उम्मीद है। बिहार की जनता चाहती है कि नई सरकार तेजी से फैसले ले और योजनाओं को धरातल पर लागू करे। विभागों का सही बंटवारा इससे जुड़ी पहली महत्वपूर्ण कड़ी है।












Click it and Unblock the Notifications