Bihar Cabinet 2025: नीतीश कैबिनेट में 9 कुर्सियां अब भी खाली, JDU-BJP अब किसके कोटे से बनेंगे और नए मंत्री?
Bihar Cabinet 2025: बिहार में नई NDA सरकार के शपथ ग्रहण को कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन कैबिनेट विस्तार की चर्चा अभी से तेज हो गई है। 20 नवंबर को हुई शपथ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ NDA के कुल 27 मंत्रियों ने जिम्मेदारी संभाली। विधानसभा की ताकत और 15 फीसदी की सीमा के हिसाब से मंत्रिमंडल में कुल 36 सदस्य हो सकते हैं, यानी अभी 9 सीटें खाली पड़ी हैं। अब सवाल यह है कि ये कुर्सियां किस पार्टी के हिस्से जाएंगी।
फिलहाल बीजेपी के 14 मंत्री, जदयू के 9, लोजपा-आर के 2 और HAM और RLM के एक-एक मंत्री शपथ ले चुके हैं। ऐसे में आगे विस्तार में भाजपा को 2, जदयू को 6 और लोजपा-आर को 1 मंत्रिपद मिलने का अनुमान है। मांझी और कुशवाहा की पार्टी का कोटा पूरा हो चुका है।

🟡कितनी सीट किस पार्टी के खाते की? NDA का गणित साफ
बिहार विधानसभा में NDA को इस बार भारी बहुमत मिला है। 243 में से 202 सीट जीतकर गठबंधन ने रिकॉर्ड बनाया। यही आंकड़ा मंत्री बनाने की सीमा तय करता है।
🔹 BJP: 89 सीटें - कोटा 16 मंत्री ( अभी 14 मंत्री हैं, तो 2 कोटा इनको मिल सकता है)
🔹 JDU: 78 सीटें - कोटा 15 मंत्री (अभी 9 मंत्री हैं, तो 6 कोटा इनको मिल सकता है)
🔹 LJP (रामविलास): 12 सीटें - कोटा 3 मंत्री (अभी 2 मंत्री बनाए गए हैं, 1 और पद मिल सकता है)
🔹 HAM: 3 सीटें - कोटा 1 मंत्री (इनका कोटा पूरा हो गया है)
🔹 RLM: 1 सीट - कोटा 1 मंत्री (इनका कोटा पूरा हो गया है)
🟡 कब होगा कैबिनेट विस्तार? अंदरखाने की जानकारी
सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार ने सरकार गठन से पहले जदयू विधायक दल की बैठक में इशारा दिया था कि खरमास के बाद कैबिनेट बढ़ाया जाएगा। खरमास में 16 दिसंबर से शुरू होगा और 14 जनवरी 2026 को खत्म होगा। इसके बाद ही अब बिहार का कैबिनेट विस्तार होगा। यानी विस्तार आने वाले महीनों में तय माना जा रहा है। हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
🟡 नई सरकार में 9 फर्स्ट-टाइम मंत्री: 5 साल का एजेंडा बदलने की तैयारी
इस सरकार में 9 ऐसे चेहरे हैं, जिन्होंने पहली बार मंत्री पद संभाला है। NDA ने जातीय, क्षेत्रीय और युवा नेतृत्व का संतुलन साधते हुए इन्हें शामिल किया है।
🔹1. रामकृपाल यादव (BJP)-यादव राजनीति में नई सेंध
पटना के अनुभवी नेता, जो कभी RJD प्रमुख लालू प्रसाद के करीबी माने जाते थे। इस बार NDA ने यादव वोट बैंक में नई पकड़ के संकेत के तौर पर इन्हें मंत्री बनाया।
🔹2. श्रेयसी सिंह (BJP) - खेल से सत्ता तक की चमकदार एंट्री
अंतरराष्ट्रीय शूटिंग स्टार और दूसरी बार की विधायक। युवा-महिला नेतृत्व के प्रतीक के रूप में NDA ने इन्हें बड़े संदेश के साथ कैबिनेट में जगह दी।
🔹3. लखेंद्र रौशन पासवान (BJP) - OBC-पासवान समाज का उभरता चेहरा
बहादुरगढ़ की बड़ी जीत के बाद भाजपा का युवा और जमीनी नेता के रूप में उभरे। संगठन और कार्यकर्ताओं से बेहतरीन जुड़ाव इनकी ताकत है।
🔹4. रमा निषाद (BJP) - निषाद समाज के लिए नई आवाज
औराई सीट से जीतकर BJP की मजबूत निषाद-मछुआरा कड़ी बनीं। महिला-OBC संयोजन का नया चेहरा मानी जा रही हैं।
🔹5. अरुण शंकर प्रसाद (BJP) - BJP का भरोसेमंद प्रशासकीय चेहरा
शहरी-मध्यम वर्ग में मजबूत पकड़ वाले अनुभवी नेता। वित्त और शहरी प्रशासन जैसे विभागों के लिए स्वाभाविक दावेदार।
🔹6. संजय सिंह टाइगर (BJP) - आक्रामक चुनावी कैंपेनर
आरा से प्रभावशाली जीत के बाद भाजपा का नया राजपूत-युवा चेहरा। जमीनी राजनीति में उनकी सक्रियता प्रसिद्ध है।
🔹7. संजय कुमार सिंह (LJP-R) - संकट में भी चिराग के साथ
लोजपा के पुराने और विश्वस्त नेता। महुआ में तेजप्रताप और RJD के दिग्गजों को हराकर बड़ी जीत ने इनके कद को बढ़ाया।
🔹8. संजय पासवान (LJP-R) - पासवान समाज का जनाधार
पासवान राजनीति की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए मंत्री बनाए गए। दलित समुदाय के बीच इनकी मजबूत पकड़ है।
🔹9. दीपक प्रकाश (RLM) - कुशवाहा राजनीति के युवा वारिस
उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और संगठन में सक्रिय भूमिका के कारण कैबिनेट एंट्री। शिक्षा और ग्रामीण विकास में योगदान की उम्मीद।
🟡 नीतीश कैबिनेट का फोकस: जातीय संतुलन + प्रशासनिक अनुभव
इस पूरे विस्तार में NDA का संदेश साफ दिखता है -
• यादव, कुशवाहा, पासवान, निषाद जैसे परंपरागत वोट बैंक की मजबूती
• युवा चेहरों की बढ़ती हिस्सेदारी
• भाजपा-जदयू तालमेल का संतुलन
• प्रशासनिक अनुभव और जमीनी पकड़ दोनों को बराबर महत्व












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