Bihar Bridge Collapse: भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रहा था सुपौल में पुल, जानिए क्या है ये परियोजना
Bihar Bridge Collapsed: बिहार के सुपौल में शुक्रवार को निर्माणधीन पुल का हिस्सा टूट कर गिर गया। भेजा बकौर (मरीचा) के पास निर्माणाधीन पुल टूटने से कई लोग ज़ख्मी हो गए। वहीं 1 की मौत हो गई। सुपौल डीएम कौशल कुमार ने के मुताबिक एक की मौत और नौ लोग हादसे में ज़ख्मी हुए।
आपको बता दें कोसी नदी पर भेजा-बकौर के बीच निर्माणाधीन पुल पूरा होने के बाद एशिया का सबसे लंबे पुल की श्रेणी में आता। भारतमाला परियोजना के तहत निर्माणाधीन पुल बनाने के कॉन्ट्रैक्ट ट्रांस रेल कंपनी को दिया गया था।

इसकी पुल की कुल लंबाई 10.5 किलोमीटर है। जिसके निर्माण में 1 हज़ार 200 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ग़ौरतलब है कि भारतमाला परियोजना एक नेशनेल हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है। इस प्रोजेक्ट के तहत नए राजमार्ग के अलावा अधूरे प्रोजेक्ट के काम को भी पूरा किया जाएगा। जो कि अभी तक अधूरे हैं।
24 अक्टूबर 2017 कैबिनेट से मज़ूर हुए भारतमाला प्रोजेक्ट में सीमा और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों को जोड़ने वाले विकास परियोजना शामिल है। इसके साथ नेशनल कॉरिडोर्स, बंदरगाहों और सड़कों बेहतर बनाना भी इस परियोजना में शामिल है।
इन सब चीज़ों के अलावा पिछडे क्षेत्रों, धार्मिक और पर्यटक स्थलों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे निर्माण चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के बीच बेहत कनेक्टिविटी भी इस प्रोजेक्ट में शामिल है। सड़कों के विस्तार और विकास के लिए बने इस भारतमाला प्रोजेक्ट की लागत 10 लाख करोड़ रुपये है।
भारतमाला परियोजना में शामिल कई प्रमुख नेशनल हाइवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में साल 1998 में लॉन्च किया गया था। इन सभी प्रोजेक्ट को अब मोदी सरकारी के प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है।
वहीं लोगों ने इस पुल के गिरने पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि सिर्फ योजना लाने से नहीं होता है, इसे सही तरीक़े से अमली जामा भी पहनाना चाहिए। ये भारतीय जनता पार्टी के भ्रष्टाचार का एक और ताज़ा नमूना है।












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