बिहारः जब विधानसभा स्पीकर ने विधायक से कहा कि बैठ जाइए वरना सदन से बाहर निकलवा दूंगा
पटना। बिहार विधानसभा अध्यक्ष मंगलवार को आज काफी सख्त लहजे में थे। सदन में उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से देखने को मिल रहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष आसन पर सवाल उठा रहा है। ऐसा कर वो खुद का नुकसान कर रहे हैं। अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आसन किसी का पक्ष नहीं लेता बल्कि पूरी तरह से निरपेक्ष है। विजय कुमार सिन्हा ने साफ-साफ कहा कि कुछ दिनों से हम सदन में सुन रहे हैं कि आसन किसी का पक्ष ले रहा। आगे से इस तरह की बात नहीं होनी चाहिए। हम सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों से यह आग्रह करते हैं कि इस तरह की मानसिकता बदलें।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि हम सदन में किसी को छूट नहीं दे सकते। अगर किसी पर आरोप लगाएं तो पूरे सबूत के साथ हमें जानकारी दें। इसके बाद सदन में इस पर बात करें। बिना सबूत के किसी पर भी आरोप न लगाएं। इसी बीच सदन में विपक्ष के सदस्य ने बोलने की कोशिश की तो विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि बैठिए वरना सदन से बाहर निकलवा देंगे। सदन की गरिमा का ख्याल रखें।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि आसन के ऊपर इस तरह की टिप्पणी या पक्षपात का आरोप लगाना बेहद आपत्तिजनक है। इस मामले को आसन बेहद गंभीरता से लेता है। संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति के आचरण को जनता भी देखती है। ऐसे में पक्ष हो या विपक्ष किसी को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
बिहार विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के पहले भाकपा माले के विधायकों ने आज सीमांचल की समस्याओं पर सरकार को घेरा। सीमांचल की अलग-अलग समस्याओं को लेकर माले विधायकों ने विधानमंडल परिसर में प्रदर्शन किया है। सीमांचल को गरीबी और पलायन मुक्त करने के साथ-साथ जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने के लिए विधायक नारेबाजी करते नजर आए ।
पटना में धरना प्रदर्शन पर अघोषित प्रतिबंध के सवाल पर भी माले ने नीतीश सरकार को घेरा है। कटिहार में जूट उद्योग को चालू करने की मांग। अल्पसंख्यक, दलित और आदिवासी बहुल सीमांचल को भेदभाव मुक्त करने, धारा 371 के तहत विशेष सहूलियत देने की मांग भी रखी है।












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