Bihar Elections 2025: AIMIM ने काटे महागठबंधन के वोट, सीमांचल में कैसे हुआ मुस्लिम वोटों का बंटवारा, जानिए
AIMIM News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने 243 सीटों में से 202 पर कब्जा जमाते हुए रिकॉर्ड जीत हासिल की है, जबकि महागठबंधन मात्र 34 सीटों तक सिमट गया।
एनडीए को 2020 के मुकाबले 70 से अधिक सीटों का फायदा हुआ, वहीं महागठबंधन को वैसी ही क्षति। इस बीच, एक बड़ा सवाल उठ रहा है: क्या असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने मुस्लिम बहुल इलाकों में महागठबंधन के वोट काटे?

विशेषज्ञों और चुनाव विश्लेषण के अनुसार, हां - AIMIM का वोट शेयर बढ़कर 1.4% हो गया, जो मुख्य रूप से राजद (RJD) के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक से आया। इससे महागठबंधन का कुल वोट शेयर 3% गिरा। AIMIM 5-6 सीटों पर आगे चल रही है, जो सीमांचल क्षेत्र में मुस्लिम वोटों के बंटवारे को दर्शाता है।
AIMIM का प्रभाव: मुस्लिम वोटों का बंटवारा, महागठबंधन को नुकसान
चुनाव आयोग के आंकड़ों और विभिन्न विश्लेषणों से साफ है कि AIMIM ने सीमांचल (पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज) जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में राजद के वोट काटे। 2024 लोकसभा चुनाव में AIMIM का वोट शेयर 0.9% था, जो इस बार 1.4% हो गया। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से महागठबंधन के खर्च पर हुई, जिसका कुल वोट शेयर 40.1% से घटकर 36.9% रह गया। राजद का वोट शेयर 22.6% से मामूली बढ़कर 23% हुआ, लेकिन कांग्रेस का 9.4% से गिरकर 7.9% हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि AIMIM ने महागठबंधन से सिर्फ 6 सीटें मांगी थीं, लेकिन गठबंधन की 'अहंकार' भरी अस्वीकृति ने मुस्लिम वोटों को बांटा।
2020 में AIMIM ने सीमांचल की 5 सीटें जीती थीं, जो राजद को नुकसान पहुंचा चुकी थीं। इस बार भी यही पैटर्न दिखा: AIMIM कोचाधमान, अमौर, जोकीहाट, बैसी, तरारी और अन्य 5-6 सीटों पर आगे है। उदाहरणस्वरूप, कोचाधमान में AIMIM के मोहम्मद सरवर आलम ने राजद के मुजाहिद आलम को 22,497 वोटों से हरा दिया। अमौर में अख्तरुल इमान ने जदयू के साबा जफर पर 17,582 वोटों की बढ़त ली। जोकीहाट में मोहम्मद मुरशिद आलम ने 82,324 वोटों से जीत दर्ज की। AIMIM नेता वारीस पठान ने कहा, "राजद की अहंकार ने मुस्लिम वोट बांटा। हमने विकास और मुस्लिम हितों पर फोकस किया।"
विश्लेषकों का मानना है कि जन सुराज पार्टी (JSP) के 3.5% वोट शेयर ने भी महागठबंधन को चोट पहुंचाई, लेकिन AIMIM का प्रभाव मुस्लिम वोटों पर ज्यादा गहरा था। इससे एनडीए को फायदा हुआ, क्योंकि एनडीए का वोट शेयर स्थिर रहा। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है: एक यूजर ने लिखा, "2020 में AIMIM ने RJD के मुस्लिम वोट काटे, 2025 में जनसुराज ने, लेकिन N ब्लॉक के वोट नहीं जुड़े।"
काउंटिंग की प्रमुख बातें: एनडीए का जलवा, महागठबंधन का सफाया
चुनाव आयोग के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, एनडीए ने 202 सीटें जीत लीं। भाजपा 91 सीटों पर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जदयू को 80+ सीटें मिलीं (2020 की 43 से 40+ का फायदा), लोजपा (रामविलास) 28 सीटों पर लड़ी और 21 पर आगे। एनडीए को पिछले चुनाव से 60-70 सीटों का लाभ।
महागठबंधन में राजद 27 सीटों पर सिमटा, कांग्रेस 4 पर। प्रशांत किशोर की जन सुराज और मुकेश सहनी की VIP का खाता नहीं खुला। निर्दलीय समेत अन्य 6 सीटें।
बड़े चेहरों की जंग:
- तेजस्वी यादव (राजद): राघोपुर से 12,000 वोटों से जीते।
- तेजप्रताप यादव (राजद): महुआ से हार लगभग तय (जदयू के JJD से पीछे)।
- रीतलाल यादव (राजद): दानापुर से बाहुबली प्रत्याशी पीछे।
- खेसारी लाल (राजद): छपरा से भोजपुरी एक्टर हार गए।
- मैथिली ठाकुर (भाजपा): अलीनगर से भोजपुरी सिंगर 8,544 वोटों से आगे।
- दोनों डिप्टी सीएम (सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा) की जीत तय। सम्राट चौधरी और ललन सिंह ने नीतीश कुमार से मुलाकात की।
गठबंधन/पार्टी,2025 परिणाम (सीटें),2020 परिणाम (सीटें),बदलाव,वोट शेयर 2025 (%)
- एनडीए (कुल),202,125,+77,50+
- - भाजपा,91,74,+17,28.5
- - जदयू,82,43,+39,18.2
- - लोजपा,21,1,+20,5.1
- महागठबंधन (कुल),34,110,-76,36.9
- - राजद,27,75,-48,23.0
- - कांग्रेस,4,19,-15,7.9
- AIMIM,5-6,0 (2020 में 5),+5-6,1.4
- जन सुराज,0,-,-,3.5
- निर्दलीय/अन्य,6,5,+1,-
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: जश्न और आरोप-प्रत्यारोप
- अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री): X पर पोस्ट, "यह जीत घुसपैठियों को बचाने वालों को जनता का करारा जवाब। बधाई बिहार!"
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: शाम 6 बजे भाजपा मुख्यालय पहुंचे। "विकास और सुशासन की जीत। नीतीश जी के नेतृत्व में बिहार नई ऊंचाइयों पर।"
- नीतीश कुमार: "जनता का आशीर्वाद। दसवीं बार शपथ लेंगे।"
- तेजस्वी यादव: "जनादेश का सम्मान, लेकिन लड़ाई जारी।"
- AIMIM नेता वारीस पठान: "महागठबंधन की गलती से वोट बंटे। हम मुस्लिम हितों के लिए लड़े।"
एनडीए कार्यालयों में पटाखे फूटे, जबकि महागठबंधन खेमे में सन्नाटा। जदयू का विवादास्पद ट्वीट ('नीतीश CM थे, हैं और रहेंगे') 20 मिनट बाद डिलीट।
चुनाव की सरगर्मियां
दो चरणों (25 अक्टूबर और 1 नवंबर) में 67.10% मतदान रिकॉर्ड। मोदी ने 'बिहार फर्स्ट' का नारा दिया, तेजस्वी ने 'रोजगार देंगे'। एग्जिट पोल्स ने एनडीए की जीत का संकेत दिया। AIMIM ने 100+ सीटों पर उतरने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रभाव सीमित रहा।
नई सरकार, नई चुनौतियां
नीतीश कुमार 17-18 नवंबर को शपथ लेंगे। कैबिनेट में भाजपा को बड़ा हिस्सा। मुद्दे: रोजगार, बाढ़, शिक्षा। महागठबंधन में मंथन, AIMIM की बढ़त से मुस्लिम वोटबैंक पर बहस। यह जीत 2029 लोकसभा के लिए एनडीए को मजबूत बनाएगी। बिहार ने 'परिवर्तन' ठुकराकर 'सुशासन' चुना।












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