बिहार के इस ज़िले में 'मुर्दों' से भी करवा ली गई मज़दूरी, खुलासा हैरान करने वाला है
सूत्रों की मानें तो ग्राम पंचायत के हर टोले में 15 से ज्यादा लोगों का जॉब कार्ड पर हाजिरी लगाते हुए भुगतान हुआ है।
भागलपुर, 20 जुलाई 2022। बिहार में मनरेगा मज़दूरी के नाम भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। मनरेगा जॉब कार्ड के आधार पर मृतकों के नाम पर रुपयों के भुगतान का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के मुताबिक भागलपुर के मुरहन जमीन (गोराडीह प्रखंड) सौ से ज्यादा लोगों के नाम पर भुगतान किया गया है। ग़ौरतलब है कि जिन लोगों के नाम पर भुगतान हुआ है सभी लोगों की मौत पहले ही हो चुकी है। मुरहन ज़मीन ग्राम पंचायत राजस्व ग्राम चार हैं और और सात टोले हैं। मनरेगा मज़दूरी के नाम पर मृतकों के जॉब कार्ड पर भुगतान करने के मामले में अधिकारी भी हैरान हैं।

मनरेगा कर्मी ने किया भुगतान
सूत्रों की मानें तो ग्राम पंचायत के हर टोले में 15 से ज्यादा लोगों का जॉब कार्ड पर हाजिरी लगाते हुए भुगतान हुआ है। लेकिन हक़ीक़त में सभी लोगों की मौत पिछले 20 सालों के अंदर हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो इनमें से कई ऐसे जॉब कार्ड है जिन्हें पिछले साल तक काम देते हुए भुगतान भी दर्शाया गया है। ग़ौरतलब है कि काग़ज़ पर योजनाएं पूरी हो गई हैं पर जमीनी स्तर पर अमली जामा नहीं पहनाया गया है। इस बाबत मनरेगा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रमोद कुमार पांडे (निदेशक, डीआरडीए) ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

मृत मजदूरों के नाम पर बनी हाज़िरी
मृतक मज़दूर के नाम जॉब कार्ड संख्या कार्य अवधि
स्व.चमक लाल गोस्वामी 6457 4-6-21 से 16-6-21
स्व.सुमन सिंह 10646 15-9-21से 29-9-21
स्व.भिसूर सिंह 10519 8-9-21 से 22-9-21
स्व.जगरनाथ सिंह 10516 8-9-21 से 22-9-21
स्व.चमक लाल गोस्वामी 10867 18-9-21से 22-9-21
स्व.चमक लाल गोस्वामी 5325 26-5-21 से 9-6-21
स्व.रामेश्वर यादव 26509 8-3-21 से 21-3-21
स्व.छेदी मंडल 24458 8-2-21 से 23-2-21
स्व.वैद्यनाथ सिंह 9471 9-8-21 से 23-8-21
स्व.चुरामन साह 21594 25-12-20से 8-1-21
स्व.भगीरथ ठाकुर 242 6-4-21 से 18-4-21
स्व.सरयुग सिंह- 8903 29-7-21से 11-8-21
स्व.चुरामन सिंह- 9473 9-8-21से 23-8-21
स्व.सुमन सिंह- 9970 24-8-21 से 6-9-21
स्व.जगदीश मंडल- 21638 26-12-20 से 9-1-21

जॉब कार्ड में मृतक को ज़िंदा दर्शाया
21 अगस्त 2006 को पवन कुमार गोस्वामी पुत्र स्व. चमकलाल गोस्वामी (जमीन गांव, मुरहन जमीन पंचायत) का 21 अगस्त 2006 को मनरेगा से जाब कार्ड बनाया गया है। चमकलाल गोस्वामी की मौत 1998 के क़रीब हुई है, और पवन कुमार गोस्वामी के जाब कार्ड में स्व. चमकलाल गोस्वामी को जीवित दर्शाया गया है। ग़ौरतलब है कि मनरेगा के मस्टर रोल नंबर 6457 पर स्व. चमकलाल गोस्वामी को 4 जून 2021 से 16 जून 2021 तक हाजिरी दर्ज कर भुगतान भी किया गया है। इसके साथ मस्टर रोल नंबर 9720 पर 12 अगस्त 2021 से 26 अगस्त 2021 तक हाज़िरी दिखाकर भुगतान किया गया है। वहीं पिता और पुत्र के जॉब कार्ड में दर्ज उम्र में सिर्फ़ 4 साल का ही अंतर दिखाया गया है।

जॉब कार्ड में पिता और पित्र की एक ही उम्र
21 अगस्त 2006 को जमीन गांव के ही जयप्रकाश सिंह जॉब कार्ड बनाया गया है। जयप्रकाश सिंह के पिता सुमन सिंह की मौत 2001 के क़रीब हुई है। ग़ौरतलब है कि पिता के मौत के बाद जय प्रकाश का जॉब कार्ड बना जिसमें पिता सुमन सिंह को ज़िंदा दिखाते हुए मज़दूर के तौर पर दर्ज किया गया है। हैरान करने वाली बात यह कि बाप और बेटे दोनों की उम्र जाब कार्ड में 44 दर्ज है। मनरेगा के मस्टर रोल नंबर 10646 पर स्व. सुमन सिंह को 15 सितंबर 2021 से 29 सितंबर 2021 तक की हाज़िरी दिखाते हुए मज़दूरी दी गई है।

मृत मजदूर के नाम पर हुआ भुगतान
21 अगस्त 2006 नारायण प्रसाद सिंह( जमीन गांव) का जॉब कार्ड बनाया गया है। उनके पिता भिसूर सिंह की मौत 1995 के क़रीब हुई थी। पिता की मौत के बाद जॉब कार्ड बनने के बावजूद नारायण के जॉब कार्ड में पिता को जीवित दिखाया गया । इतना ही नहीं मृत भिसूर सिंह को बतौर मजदूर दर्ज भी किया गया। पिता और पुत्र दोनों की उम्र जॉब कार्ड में 40 दिखाई गई साल है। इसके साथ ही स्व. भिसूर सिंह को मस्टर रोल नंबर 10519 पर 8 सितंबर 2021 से 22 सितंबर 2021 तक हाज़िर दिखाते हुए मनरेगा कर्मी द्वारा मज़दूरी दी गई है।

मनरेगा मजदूरों के नाम पर फर्ज़ीवाड़ा
एक और मामला जमीन गांव का ही है जहां धर्मवीर सिंह (पिता स्व.जगरनाथ सिंह) के जॉब कार्ड में फ़र्जीवाड़ा देखने को मिला है। 10 अप्रैल 2008 को धर्मवीर सिंह का जॉब कार्ड बना है, ग़ौरतलब है कि उनके पिता जगरनाथ सिंह की मौत 2005 के क़रीब हुई थी। धर्मवीर के जॉब कार्ड में उनके पिता स्व.जगरनाथ सिंह को ज़िंदा बताते हुए बतौर मज़दूर दर्ज किया गया है। ग़ौरतलब है कि जॉब कार्ड में बेटे और पिता की उम्र उम्र 24 साल है। इतना ही नहीं मस्टर रोल नंबर 10516 पर स्व. जगरनाथ सिंह को 8 सितंबर 2021 से 22 सितंबर 2021 तक हाज़िर बताते हुए मजदूरी भी दी गई है। इस पूरे मामले में प्रमोद कुमार पांडेय (निदेशक, डीआरडीए) ने कहा कि मृत को मज़दूर बताते हुए भुगतान करना जुर्म है। मामले की जांच कर दोषियों पर सख़्त से सख़्त कार्रवाई होगी।
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