Bhagalpur Bridge Collapse: अगुनी-सुल्तानगंज पुल का मलबा हटाना चुनौती, रिपेयरिंग पर क्या बोले अधिकारी?
बिहार के भागलपुर में निर्माणाधीन अगुनी-सुल्तानगंज पुल धंसने के बाद सरकार कठघरे में है। जांच के आदेश दिए गए हैं। कंपनी को नोटिस भी थमाया गया है। फिलहाल पुल की रिपेयरिंग पर मंथन हो रहा है। डीडीसी ने इसकी जानकारी दी है।

Bhagalpur Bridge Collapse: बिहार में 1700 करोड़ से अधिक लागत वाले पुल का धंसना नीतीश कुमार सरकार की किरकिरी का कारण बन रहा है। भाजपा इसे भ्रष्टाचार का पुल बता रही है। प्रोजेक्ट पांच साल से अधिक लेट हो चुका है।
प्रोजेक्ट से जुड़ी अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया गया है। भागलपुर में निर्माणाधीन अगुनी-सुल्तानगंज पुल धंसने के बाद इसे दोबारा बनाने करने की तैयारी हो रही है। मरम्मत पर डीडीसी कुमार अनुराग ने बयान दिया है।
उन्होंने कहा, आपदा प्रबंधन के एक भाग के रूप में हमारा काम यह सुनिश्चित करना है कि मलबे को हटाने के दौरान किसी को नुकसान न पहुंचे। एहतियाती उपाय के रूप में, हमने घोषणा की है। बैरिकेड्स भी लगाए हैं।
#WATCH |... "Our job here as a part of disaster management is to ensure that no one is harmed during the removal of debris. As a precautionary measure, we have made an announcement and also put up barricades...": DDC Kumar Anurag on the repair work of the under-construction… pic.twitter.com/wE92kV2Mm5
— ANI (@ANI) June 7, 2023
गौरतलब है कि पूरे मामले पर बिहार पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने मंगलवार को कहा कि बिहार के भागलपुर में निर्माणाधीन पुल के गिरने की जांच जल्द पूरी की जाएगी। नया पुल बनाया जाएगा।
पुल बनाने वाले फर्म एसपी सिंगला एंड कंपनी को कारण बताओ नोटिस दिया है कि क्यों न उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाए। उन्हें जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर खगड़िया में पदस्थ बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गयी है।
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इसे ड्रीम प्रोजेक्ट करार दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बकौल तेजस्वी, नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने क्वालिटी को लेकर पहले भी सवाल किए थे।
बता दें कि पुल की लागत 1,770 करोड़ रुपये से अधिक है। परियोजना डेड लाइन से चार साल से अधिक लेट हो चुकी है। ब्रिज 2019 तक पूरा किया जाना था। फरवरी 2014 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आधारशिला रखी थी।












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