Bihar Politics: 'झारखंड-दिल्ली में धोखा दिया, वैसा नहीं चलेगा, ताक़त दिखाएंगे’, मांझी के बयान से टेंशन में BJP
Bihar Politics: बिहार में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हें। राज्य में चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज है। दिल्ली चुनाव में टिकट नहीं मिलने से जीतन राम मांझी की पार्टी HAM भड़क गई है। HAM के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा है कि वो बिहार चुनाव में अपनी ताकत दिखा देंगे।
NDA में शामिल हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (HAM) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अब कह दिया है कि वो इस चुनाव में अपनी औकात दिखाएंगे। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड और दिल्ली के चुनाव में औकात देख कर लोगों को टिकट दिया गया था, लिहाजा अब बिहार में वो अपनी औकात दिखाएंगे।

आपको बता दें कि बिहार चुनाव को लेकर अभी NDA में टिकट बंटवारा नहीं हुआ है लेकिन टिकट बंटवारे से पहले जीतन राम मांझी के इन बयानों को प्रेशर पॉलिटिक्स के तौर पर भी देखा जा रहा है। जहानाबाद में जीतन राम मांझी ने कहा, 'झारखंड और दिल्ली में देखा गया कि किनका क्या औकात है और उसके नाम पर लोगों को टिकट मिला।
सियासी गलियारों में इसके मायने निकाले जा रहे हैं कि जीतन राम मांझी की औकात नहीं समझी गई। दिल्ली और झारखंड में भी औकात नहीं है, इसलिए HAM को वहां से टिकट नहीं मिला। अब हम बिहार में अपने समाज और समर्थकों को अपनी औकात दिखाना चाहती है।
जीतन मांझी ने साफ़ कह दिया है कि झारखंड और दिल्ली में जिस तरह से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को धोखा दिया गया, वैसा धोखा यहां नहीं चलेगा। जीतन राम मांझी से पूछा गया कि क्या आप एनडीए से नाराज हैं? तो उन्होंने कहा कि 'नाराज नहीं है। घर में रोटी की मांग तो गार्जियन से कर सकते हैं ना।
हमको अगर चार रोटी की भूख है और एक भी रोटी नहीं मिले तो हम गार्जियन से मांगेंगे नहीं, वही मेरी मांग है। दो जगह हमको नहीं दिया गया। दरअसल रविवार को जहानाबाद के गांधी मैदान में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर के जिला सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
सम्मेलन में जीतन राम मांझी ने कहा कि झारखंड व दिल्ली में उनकी पार्टी के साथ टिकट बंटबारे में न्याय नहीं किया गया। दोनों राज्यों में पार्टिर्यों की औकात देखी गई। लेकिन अब उनकी बारी है। मांझी ने कहा कि झारखंड व दिल्ली के चुनाव में उनके साथ धोखा हुआ है।
लेकिन, बिहार में अब वे अपनी ताकत दिखाएंगे। हमारे कार्यकर्ता 40 सीट मांग रहे हैं, ताकि 20 सीट जीत सकें। अगर इतना सीट जीत जाएंगे तो हम के नीति के अनुसार बिहार में सारा काम करवा लेंगे। जीतन मांझी के बयान से NDA में कितना फर्क पड़ता है, यह तो टिकट बंटवारे के बाद ही पता चलेगा, फिल्हाल संभावनाओं की सियासत पर चर्चा जारी है।












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