Begusarai News: आप CPI के नेता थे, फिर चुनावी मैदान में खिलाफ़ क्यों, शहनवाज़ हसन ने दिया ये जबाव
Begusarai Lok Sabha Seat: बिहार के बेगूसराय लोकसभा सीट पर मुकाबल काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है। एक तरफ़ भाजपा के दिग्गज नेता बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह का अपने ही नेता और कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी तरफ़ सीपीआई प्रत्याशी अवधेश राय के लिए निर्दलीय उम्मीदवार शहनवाज़ हसन चुनौती बने हुए हैं।
वन इंडिया हिंदी से निर्दलीय उम्मीदवार शहनवाज़ हसन ने ख़ास बातचीत की। उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखते हुए एनडीए समर्थित उम्मीदवार गिरिराज सिंह पर जमकर निशाना साधा। इसके साथ ही महागठबंधन समर्थित प्रत्याशी अवधेश राय को भी आड़े हाथों लिया। वीडियो में देखें उन्होंने क्या कुछ कहा?

शहनवाज़ हसन ने कहा कि बेगूसराय के युवाओं को राजनीतिक पार्टी बंधुआ मज़दूर समझते हुए इस्तेमाल कर रही है। कोई भी दल युवाओं, बेरोज़गार और किसानों के हक में बात नहीं करती है। चुनाव आते ही सभी लोग वादों का लॉलीपॉप देते हैं। चुनाव जीतने के बाद अपने मतदाताओं और कार्यकर्ताओं का हाल तक पूछने नहीं आते हैं।
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शहनवाज़ हसन से जब यह सवाल किया गया कि आप सीपीआई नेता थे। काफी लंबे वक्त तक आप अवधेश राय के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चले, फिर ऐसी क्या बात हो गई कि अब आप उनके ख़िलाफ़ ही चुनावी ताल ठोकते चले आ रहे हैं।
इस सवाल के जवाब में शहनवाज़ हसन ने कहा कि एक बार आंदोलन में हम लोग अवधेश राय के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे थे। इस वजह से केस मुकदमा भी हुआ, फिर भी हमने अवधेश राय के साथ क़दम से क़दम मिलाना सही समझा और उनके साथ रहे।
हम लोगों ने मिलकर एक मुखिया को जिताया, उन्होंने अपने पंचायत में सही काम नहीं किया तो मैंने उनका विरोध किया। उस मुखिया को अवधेश राय का समर्थन हासिल था। काम का विरोध करने पर मुझे धमकी मिलने लगी, तो मैंने अपने जान की हिफ़ाज़त की अवेधश राय से गुहार लगाई।
सीपीआई नेता अवधेश राय को लगातार दो महीने तक कॉल कर मदद की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने मेरी बातों को अनसुना कर दिया। इसके बाद मेरे एक दोस्त ने कहा कि तुम्हारी सुरक्षा मेरी गारंटी रहेगी, लेकिन शर्त भाजपा में शामिल होना शर्त रहेगा।
इसके बाद मैं भाजपा में शामिल हुआ और अपनी हिफ़ाज़त की, कुछ दिनों बाद भाजपा छोड़ दिया। इसके बाद से ही मैंने क़सम खा ली कि अवधेश राय के साथ कभी नहीं जाऊंगा और मैं निर्दलीय चुनाव लड़ता आ रहा हूं। गिरिराज सिंह नफ़रत की सियासत करते हैं, इसलिए उनके ख़िलाफ़ भी मैंने मोर्चा खोल दिया है।












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