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Begusarai ज़िले में ख़तरनाक है सांस लेना ! गंभीर श्रेणी में जी रहे हैं लोग, जानिए क्यों ?

Begusarai में वायु प्रदुषण दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है, यहां की फिजा की हवा में ज़हर घुल रहा है। यहां के लोगों का सांस लेना भी खतरनाक साबित हो रहा है। गंभीर श्रेणी में लोग अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

Begusarai Air Quality Index, Bihar Air Pollution News Update In Hindi

Begusarai में लोगों को सांस लेना भी दुश्वार होता जा रहा है, प्रदेश के सबसे प्रदुषित ज़िले में बेगूसराय जिला का नाम शामिल हो चुका है। एयर क्वालिटि इंडेक्स (AQI) के मुताबिक बेगूसराय में हवा सबसे ज्यादा प्रदुषित है। प्रदेश के आठ जिले सबसे प्रदुषित शहरों की सूची में है, वहीं इन सूची में सबसे ऊपर बेगूसराय जिले का नाम है। यहां का AQI 462 दर्ज किया गया। इसके अलावा सीवान का एक्यूआई 445, कटिहार का एक्यूआई 424, भागलपुर का एक्यूआई 421, छपरा का एक्यूआई 420, समस्तीपुर का एक्यूआई 419, पूर्णिया का एक्यूआई 411 और सहरसा का एक्यूआई 405 दर्ज किया गया। पटना, आरा, अररिया समेत प्रदेश के 10 जिले रेड जोन में शामिल हैं।

सांस लेना भी खतरनाक है !

सांस लेना भी खतरनाक है !

बेगूसराय जिला के स्थानीय निवासी की मानें तो जिले में फैक्ट्रियों की वजह से वायु प्रदुषण काफी तेज़ी से बढ़ रहा है। बरौनी रिफाइनरी, थर्मल पॉवर प्लांट जैसे फैक्ट्रियों की चिमनी से बड़े पैमान पर ज़हरीला धुआं निकलता है, जो कि फिजा में जहर घोल रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिफ़ाइनरी द्वारा पेड़ पौधे लगाने के लिए फंड आता भी है तो जन प्रतिनिधि उसका गबन कर लेते हैं। वेलफ़ेयर के नाम पर कुछ भी काम नहीं होता है। कागज़ों पर हर काम पूरा दर्शाया जाता है। यही वजह है कि पेड़ पौधे नहीं लगने की वजह से प्रदुषण फैल रहा है। AQI का स्तर लागातर खतरनाक श्रेणी पर पहुंचता जा रहा है, लोगों के सिए सांस लेना भी खतरनाक हो चुका है। आए दिन लोग गंभीर बीमारियों से मर रहे हैं।

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग

गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग

वायु प्रदुषण की वजह से गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ रहा है, रिफाइनरी की तरफ़ से किसी भी प्रकार की सहायता नहीं की जाती है। सहायता के लिए कुछ फंड भी आता है तो स्थानीय जन प्रतिनिधि की पॉकेट में चल जाता है। रिफाइनरी की तरफ़ से ना तो अस्पताल की सुविधा है और ना ही वायु प्रदुषण से बचने के उपाय किए जा रहे हैं। बिहार की औद्योगिक राजधानी बेगूसराय तो है, यहां फ़ैक्ट्रियां भी हैं लेकिन उसके आस पास के इलाकों में फैक्ट्रियों की तरफ से किसी प्रकार की सुविधा मुहैय्या नहीं करवाई जाती है। हर तरफ़ भ्रष्टाचार का बोल बाला है, सरकार भी प्रदुषण नियंत्रण के लिए कोई पहल नहीं कर रही है।

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    एयर क्वा लिटी इंडेक्सल के प्रकार

    एयर क्वा लिटी इंडेक्सल के प्रकार

    एयर क्वा लिटी इंडेक्सल (AQI) 50 से नीचे रहना उचित माना जाता है। 50 से 100 के बीच AQI को संतोषजनक माना जाता है। वहीं 100 से 200 के बीच के एयर क्वाालिटी इंडेक्स। होना चिंता का विषय है। 200 से 300 के बीच खराब माना जाता है। 300 से 400 के बीच बहुत ही ज्यादा खराब वहीं 400 से 500 का स्तर खतरनाक की श्रेणी आता है। इस सूची के मुताबिक एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 से कम होने पर लोग शुद्ध हवा में सांस ले सकते है। इस ऐतबार से बेगूसराय के लोग ख़तरनाक श्रेणी में आ रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो 400 से ज्यादा एयर क्वालिटि इंडेक्स में सांस लाना बहुत ही खतरनाक है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का मानक की मानें तो AQI लेवल 301 से अधिक वाले इलाके की हवा बहुत ही ज्यादा खराब होती है।

    ये भी पढ़ें: Industrial Capital Bihar: बेगूसराय में इंडस्ट्रीज़ तो हैं, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोज़गार नहीं !

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