Bihar Politics: फ्लोर टेस्ट से पहले NDA नेताओं के बदलने लगे सुर, मांझी को मिला चिराग का साथ
Chirag In Support Of Manjhi: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि फ्लोर टेस्ट से पहले बड़ा खेला हो सकता है। सियासी घमासान के बीच फ्लोर टेस्ट से पहले ही बिहार में एनडीए नेताओं के सुर बदलते हुए नज़र आ रहे हैं।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपनी पार्टी के कोटे से एक मंत्री पद मिलने से नाराज़ चल रहे हैं। उनके बेटे संतोष सुमन को को जो विभाग दिया गया है, उससे भी वह मायूस ही नज़र आ रहे हैं। उनकी मांग है कि उनकी पार्टी के कोटे से दो मंत्री पद दिया जाए।

पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की नाराज़गी के बाद से संभावनाओं की सियासत को हवा मिल गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर मांझी की मांग पूरी नहीं हुई तो वह एनडीए से किनारा कर महागठबंधन का दामन थाम सकते हैं।
सियासी बयानबाज़ी के बीच लोक जन शक्ति पार्टी रामविलास प्रमुख, सह जमुई सांसद चिराग पासवान की भी प्रतिक्रिया आई है। चिराग पासवान ने पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी की एक और मंत्री पद की मांग ज़रूर सुनना चाहिए।
जीतन राम मांझी की मांग को पर ध्यान देते हुए चर्चा ज़रूर करनी चाहिए। जीतनराम मांझी के साथ किसी तरह की नाइंसाफ़ी नहीं होनी चाहिए। चिराग पासवान ने कहा गठबंधन के भीतर जीतन राम मांझी ने यह मांग रखी थी या नहीं मुझे यह नहीं मालूम।
शपथ से पहले इस मसले पर साफ बात हुई थी या नहीं मालूम, लेकिन, लेकिन आज की तारीख में जो सियासी हालात पैदा हुए है, उसे देखते हुए हम इतना जरूर मानते हैं कि भले ही HAM (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) के विधायकों की तादाद कम है। लेकिन मौजूदा हालात में विधायकों की तादाद काफी अहमियत रखती है।
सियासी समीकरण को देखते हुए पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की दो मंत्री पद की मांग को ज़रूर सुनना चाहिए। उनके मंत्री पद की मांग को लेकर चर्चा जरूर होनी चाहिए। उनके लफ्ज़ों के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए।












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