ग्रेजुएट चायवाली से हिम्मत पाकर BCA डिग्रीधारी मोना बनी आत्मनिर्भर चायवाली, कमाती है इतने हजार महीना
ग्रेजुएट चायवाली से हिम्मत पाकर मोना बनी आत्मनिर्भर चायवाली, कमाती है इतने हजार महीना
पटना, 15 मई: अपनी ठेठ पंचलाइन की वजह से ग्रेजुएट चायवाली प्रियंका गुप्ता सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि मीडिया तक सुर्खियों में भी आ गई थीं। लेकिन कुछ दिनों बाद ही ग्रेजुएट चायवाली की नाम से लाइमलाइट में आई प्रियंका गुप्ता ने अपनी टी स्टॉल को बंद कर दिया हैं। मगर अब पटना में एक और चायवाली चर्चाओं में हैं। नाम है मोना पटेल। 21 वर्षीय मोना पटेल ने बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लिकेशन) की पढ़ाई के बाद टी स्टॉल खोला है।

बेरोजगार की दौर में खोला टी स्टॉल
आत्मनिर्भर टी स्टॉल खोलकर मोना पटेल सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि मीडिया की सुर्खियों में भी आ गई है। तो वहीं, लोगों की भीड़ भी अब 'आत्मनिर्भर' टी स्टॉल पर उमड़ती दिख रही है। 21 वर्षीय मोना पटेल और 24 वर्षीय प्रियंका गुप्ता के बारे में खास बात है कि दोनों पढ़ी-लिखी है और फर्राटेदार अंग्रेजी भी बोलती हैं। मोना पटेल ने बीसीए किया है तो प्रियंका गुप्ता अर्थशास्त्र में स्नातक है। इतना ही नहीं, दोनों ने बेरोजगारी के दौर में चाय की पटरी पर रोजगार का विकल्प खोजा है।

मोना पटेल ने इसलिए छोड़ दिया नौकरी का ऑफर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 वर्षीय मोना पटेल को बीसीए की पढ़ाई के बाद एक नौकरी का ऑफर मिला था। लेकिन मोना वो ऑफर ठुकरा दिया, क्योंकि सैलरी बहुत कम थी। मोना पटेल का कहना है कि पढ़ाई के बाद उन्हें 15 हजार रुपए प्रतिमाह का ऑफर मिला था, जो उन्होंने वेतन कम होने के कारण उस जॉब को छोड़ दिया। मोना की मानें तो उन्होंने बेहतर यही समझा, चाय का स्टॉल लगा लिया जाए।

ग्रेजुएट चाय वाली प्रियंका गुप्ता के बारे में सुना था
मोना ने बताया कि मैंने पटना की पहली ग्रेजुएट चाय वाली प्रियंका के बारे में सुना था। न्यूज़ और सोशल मीडिया पर उसकी कहानी भी पढ़ी। इसके बाद मैंने भी चाय की दुकान खोलने का फैसला लिया। मोना का कहना है कि उसने इस काम को घर वालों को बिना बताए ही शुरू किया है। क्योंकि इस काम से उसके (मोना) घर वालों का आपत्ति है।

महीने के इतने रुपए कमाती है मोना पटेल
मोना का कहना है कि वो एक दिन में एक हजार रुपए की चाय बेच लेतीं हैं। यानी महीने का 30 हजार। फिलहाल मोना पटना के ज्ञान भवन के बाहर चाय का यह स्टॉल लगातीं हैं। आपको बता दें कि मोना चार से पांच तरह की चाय बनाती है। चाय की कीमत दस से बीस रुपये तक है। उसकी मसाला चाय, कुल्हड़ चाय, पान चाय ग्राहक खूब पसंद करते हैं। इस स्टॉल पर उन्होंने आत्मनिर्भर चायवाली लिख रखा है।

आगे पढ़ना चाहती है मोना पटेल
21 वर्षीय मोना पटेल मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले की रहने वाली है। उनके पिता कुंदन पटेल निजी स्कूल में शिक्षक है। मोना ने बताया कि वो शुरू से ही नानी के घर पूर्णिया में रही हैं और शुरुआती पढ़ाई लिखाई पूर्णिया से की है। इसके बाद पटना जेडी वीमेंस कॉलेज से 2021 में बीसीए किया। फिलहाल मोना पटना में कंकड़बाग में रहती हैं। मोना आगे एमसीए की पढ़ाई करना चाहती हैं। उनका कहना है कि दुकान से वो आगे पढ़ाई के पैसे भी इकट्ठा कर पाएंगी। जिसे वो आगे की पढ़ाई में लगाएंगी।

शादी करना चाहते थे माता-पिता
मोना पटेल ने बताया, 'पिता की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। घरवाले मेरी (मोना पटेल) शादी करवाने की बात कह रहे हैं। मैं अभी शादी नहीं करना चाहती हैं। क्योंकि मेरे घर की आर्थिक स्थिति अभी ठीक नहीं है। इसकी वजह से मुझे कुछ न कुछ काम करना था और मैं प्राइवेट जॉब नहीं करना चाहती हूं। ऐसे में ग्रेजुए चायवाली प्रियंका गुप्ता के बारे में सुना और उनस इंस्पायर्ड हो गई। इसके बाद मैंने भी अपना स्टॉल खोलने का फैसला लिया।' मोना ने बताया कि स्टॉल तो मैं काफी पहले खोल लेती लेकिन खुद सड़कों पर उतरने का हौसला प्रियंका जी को देख कर आया।












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