Bihar Assembly Election 2025: बिहार के लोगों को उग्रवादी कहने वाले नेता का जनता जुगाड़ करेगी- प्रशांत किशोर
Bihar Assembly Election 2025: भीषण बारिश, भीगा मैदान और टपकते हुए छाते... लेकिन इन सबसे ऊपर जनता की आंखों में एक उम्मीद, बदलाव की। पूर्वी चंपारण के कोटवा हाई स्कूल मैदान में आज जब प्रशांत किशोर भारी बारिश के बीच जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, तो लगा मानो मौसम भी बिहार की राजनीतिक तपिश को ठंडा नहीं कर पा रहा।
लोग मुझे सुनने नहीं, समाधान जानने आते हैं- PK
यही शब्द थे प्रशांत किशोर के, जब मीडिया ने उनसे बारिश में भी उमड़ी भीड़ का सवाल पूछा। उन्होंने कहा, "गरीबी और बेबसी से निकलने का रास्ता जानने के लिए बिहार का आम आदमी बारिश में भी भीगने को तैयार है।"

जनसभा के बाद प्रशांत किशोर करीब दो किलोमीटर तक पैदल चले, रास्ते में उन्हें लोगों से जो समर्थन मिला, वो किसी चुनावी जनलहर से कम नहीं था। प्रशांत किशोर ने वादा करते हुए कहा कि "छठ के बाद 50 लाख युवाओं को बिहार में रोजगार मिलेगा और बुजुर्गों को पेंशन मिलेगी"
जनसभा में प्रशांत किशोर ने अपने विजन को स्पष्ट करते हुए कहा, "इस बार अपने बच्चों का चेहरा देखकर वोट दीजिए। छठ के बाद यह आखिरी दिवाली होगी, जब चंपारण का युवा बाहर मजदूरी करने जाएगा। अब यहीं मिलेगा रोजगार, 10-12 हजार रुपये महीना।"
60 साल से ऊपर हर नागरिक को 2 हज़ार रुपये पेंशन
प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि दिसंबर 2025 से 60 साल से ऊपर के हर नागरिक को 2000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। सरकारी स्कूलों के सुधार तक, सभी 15 साल से कम उम्र के बच्चों की निजी स्कूलों की फीस सरकार उठाएगी, ताकि गरीब का बच्चा भी अंग्रेजी मीडियम स्कूल में पढ़ सके।
"हम जामवंत हैं, जनता हनुमान है"
प्रशांत किशोर ने कहा, "हम उन्हें सिर्फ यह दिखा रहे हैं कि उनके हाथों में कितनी ताकत है। हम जामवंत की तरह जनता को याद दिला रहे हैं कि वो हनुमान है - और बदलाव ला सकती है।"
सांसद संजय जायसवाल पर पलटवार
जब पत्रकारों ने बीजेपी सांसद संजय जायसवाल के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी जिसमें उन्होंने जन सुराज के 80% लोगों को "उग्रवादी" कहा था, तो प्रशांत किशोर का जवाब तीखा था, "बिहार के लोगों को उग्रवादी कहने वाले नेता को क्या कहें? ऐसे लोगों का जवाब जनता ही 'जुगाड़' से देगी।"
वोटर लिस्ट पर भी साधा निशाना
चुनाव आयोग द्वारा विशेष पुनरीक्षण (SIR) के बाद 65 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा, "जिनका नाम सूची से हटाया गया है, उनके लिए हम संघर्ष करेंगे। लेकिन जो नाम अभी भी लिस्ट में हैं, वही इस बार नीतीश कुमार और बीजेपी को उखाड़ फेंकेंगे। अब उन्हें बचाने कोई नहीं आएगा।"
बिहार का मन बदल रहा है... क्या इस बार सच में होगा बदलाव?
प्रशांत किशोर की जनसभा और पदयात्रा से एक बात साफ है, बिहार का आम आदमी अब सिर्फ वादे नहीं, योजना और रास्ता मांग रहा है। और अगर भारी बारिश में भी हजारों की भीड़ उमड़ रही है, तो ये संकेत है कि 2025 का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, सोच के बदलाव की भूमिका बन सकता है।












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