'दो-दो जंगलराज झेल चुका है बिहार', ओवैसी ने एनडीए पर साधा निशाना, PM मोदी पर भी उठाए सवाल
Asaduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर देश की सियासत में हलचल मचा दी है। अपने तीखे बयानों और बेबाक अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले ओवैसी ने इस बार केंद्र की एनडीए सरकार, गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तीनों पर खुलकर हमला बोला। ओवैसी ने न सिर्फ "घुसपैठ" के मुद्दे पर अमित शाह से जवाब मांगा, बल्कि बिहार में विकास की कमी, मुसलमानों की राजनीतिक हिस्सेदारी और वक्फ कानून पर भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
ओवैसी ने कहा कि बिहार की सच्चाई राजधानी से बाहर जाकर दिखती है, जहां लोग अब भी गरीबी, बाढ़ और बेरोजगारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों, बिहार की बदहाली और मुसलमानों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। ओवैसी ने गृहमंत्री अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को सीधी चुनौती दी और कहा कि अब जनता को "बयानबाज़ी नहीं, जवाबदेही" चाहिए।

अमित शाह से सीधा सवाल
न्यूज18 से बातचीत में ओवैसी ने अमित शाह पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब देश के गृहमंत्री खुद अमित शाह हैं, तो फिर बार-बार "घुसपैठ" का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया, "अगर घुसपैठ हो रही है, तो जिम्मेदार कौन है? आप गृहमंत्री हैं, आपके अधीन बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स और तमाम केंद्रीय एजेंसियां आती हैं।"
ये भी पढ़ें: Bihar Chunav: 'मल्लाह का बेटा उपमुख्यमंत्री बन सकता तो मोहम्मद का बेटा क्यों नहीं?', ओवैसी के बयान से भूचाल
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई "अधिकृत घुसपैठिया" है, तो वह प्रधानमंत्री मोदी की "बहन" शेख हसीना हैं, जिन्हें भारत ने मेहमान की तरह सम्मान दिया है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार बांग्लादेश के साथ रिश्ते बिगड़ने के बावजूद दिखावे की राजनीति कर रही है।
वक्फ कानून पर बोला हमला
वक्फ कानून को खत्म करने की बात पर ओवैसी ने कहा कि जो लोग इसे हटाने की धमकी दे रहे हैं, वे पहले हिंदू एंडोमेंट एक्ट में बदलाव करके दिखाएं। उन्होंने याद दिलाया कि उन्होंने संसद में इस कानून के विरोध में आवाज़ उठाई थी और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
ओवैसी ने कहा कि इस कानून में बदलाव सिर्फ दो तरीकों से संभव है- या तो बीजेपी सरकार को हटाकर या फिर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले से। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा नेता मुसलमानों के प्रति भड़काऊ बयान देते हैं, कुछ उन्हें "नमक हराम" और "घुसपैठिया" तक कह चुके हैं।
बिहार के विकास पर पीएम मोदी से सवाल
ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि बिहार और सीमांचल के विकास के लिए उन्होंने क्या किया। उन्होंने कहा, "बिहार की हालत बदतर है। न सड़कें ठीक हैं, न अस्पताल, न शिक्षा की स्थिति में सुधार।"उन्होंने आरोप लगाया कि हर चुनाव से पहले सरकार "महिलाओं के खाते में पैसा डालने" जैसी घोषणाओं से वोट जुटाने की कोशिश करती है, लेकिन असली काम जैसे बाढ़ नियंत्रण, तटबंध निर्माण और रोजगार के अवसरों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। ओवैसी ने कहा, "प्रधानमंत्री का दिल अब भी अहमदाबाद में है, बिहार में नहीं।"
मुसलमानों को सत्ता में हिस्सेदारी का हक
ओवैसी ने कहा कि बिहार की 17% मुस्लिम आबादी को राजनीति में बराबरी का हक मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर 3% जनसंख्या वाले समुदाय के लिए डिप्टी सीएम की मांग हो सकती है, तो 17% मुस्लिम समुदाय को क्यों नहीं?"
उन्होंने कहा कि मुसलमान सिर्फ वोट डालने के लिए नहीं हैं, बल्कि उन्हें सत्ता में भी हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी मुसलमान का मुख्यमंत्री बनने की मांग करना कोई "अपराध" नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक अधिकार है।
ओवैसी ने उदाहरण देते हुए कहा कि तेलंगाना में मोहम्मद अजहरुद्दीन को मंत्री बनाया गया, तो बिहार में ऐसा क्यों नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि उनके विरोधी दलों के नेता, खासकर यादव समुदाय से जुड़े लोग, उनकी सुरक्षा और समानता की बातों से असहज हो जाते हैं।
बिहार की हालत पर गंभीर टिप्पणी
ओवैसी ने बिहार की मौजूदा स्थिति की तुलना अफ्रीकी देशों से की, जो वर्षों तक संघर्ष झेलने के बाद भी गरीबी और अविकास से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीमांचल के जिलों में लोग अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ रहा है और मनरेगा जैसी योजनाएं भी ठप पड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि बिहार में "जंगलराज" के दो दौर रहे - पहला लालू प्रसाद यादव के समय और दूसरा मौजूदा सरकार के कार्यकाल में। ओवैसी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह देशभर में "एमएलए चोरी" की राजनीति कर रही है।
ओवैसी ने कहा कि बिहार की जनता अब सब समझ चुकी है। लोग अब विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की राजनीति चाहते हैं, न कि नफरत की। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार जनता AIMIM को "बेहतर संख्या में सीटें" देकर जवाब देगी।
-
Delhi NCR Weather Today: दिल्ली-NCR में होगी झमाझम बारिश, दिन में छाएगा अंधेरा, गिरेगा तापमान -
युद्ध के बीच ईरान ने ट्रंप को भेजा ‘बेशकीमती तोहफा’, आखिर क्या है यह रहस्यमयी गिफ्ट -
Gold Silver Price: सोना 13% डाउन, चांदी 20% लुढ़की, मार्केट का हाल देख निवेशक परेशान -
Ram Navami Kya Band-Khula: UP में दो दिन की छुट्टी-4 दिन का लंबा वीकेंड? स्कूल-बैंक समेत क्या बंद-क्या खुला? -
इच्छामृत्यु के बाद हरीश राणा पंचतत्व में विलीन, पिता का भावुक संदेश और आखिरी Video देख नहीं रुकेंगे आंसू -
'मुझे 10 बार गलत जगह पर टच किया', Monalisa ने सनोज मिश्रा का खोला कच्चा-चिट्ठा, बोलीं-वो मेरी मौत चाहता है -
Petrol-Diesel Shortage: क्या भारत में पेट्रोल-डीजल समेत ईंधन की कमी है? IndianOil ने बताया चौंकाने वाला सच -
कौन हैं ये असम की नेता? जिनके नाम पर हैं 37 बैंक अकाउंट, 32 गाड़ियां, कुल संपत्ति की कीमत कर देगी हैरान -
Iran Vs America: ईरान ने ठुकराया पाकिस्तान का ऑफर, भारत का नाम लेकर दिखाया ऐसा आईना, शहबाज की हुई फजीहत -
LPG Crisis: एलपीजी संकट के बीच सरकार का सख्त फैसला, होटल-रेस्टोरेंट पर नया नियम लागू -
Trump Florida defeat: ईरान से जंग ट्रंप को पड़ी भारी, जिस सीट पर खुद वोट डाला, वहीं मिली सबसे करारी हार -
Who is Aryaman Birla Wife: RCB के नए चेयरमैन आर्यमन बिड़ला की पत्नी कौन है? Virat Kohli की टीम के बने बॉस












Click it and Unblock the Notifications