Bihar Politics: CM नीतीश कुमार का एक और सियासी दांव, प्रवासी मज़दूर की मौत पर दोगुना मुआवज़ा

AIMIM Akhtarul Iman on CM Nitish: लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र सियासी पार्टियां राजनीतिक ज़मीन मज़बूत करने में जुट गई हैं। वहीं सियासी पार्टियां आगामी चुनाव को लेकर मतदाताओं से लोक लुभावन वादे भी कर रही है। इसी क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी मज़दूरों की मौत पर मुआवज़े का सियासी दांव खेला है।

वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में अख्तरुल ईमान, (AIMIM, प्रदेश अध्यक्ष) ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ज़िंदा इंसानों की क़द्र नहीं करते हैं और मौत पर मुआवज़े का लॉलीपॉप दे रे हैं। उन्होंने कहा कि सीमांचल में प्रवासी मज़दूरों के मौत के आंकड़े सबसे ज्यादा हैं।

AIMIM Akhtarul Iman on CM Nitish

अख्तरुल ईमान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुरू से ही वादा किया था कि पलायन को रोकेंगे, लेकिन ये पलायन रोकने में नाकमयाब हुए हैं। बिहार में जो रोज़गार के नाम पर कुछ भी नहीं है। यहां की जो भी तरक्की हो रही है, वह प्रवासी मज़दूरों की वजह से हो रही है।

प्रवासी मज़दूरों की वजह बिहार का विकास हो रहा है, लेकिन इन सबके बावजूद प्रवासी मज़दूरों का पंजीकरण नहीं होता है और ना ही उनके वेलफ़ेयर का काम होता है। प्रवासी मज़दूरों की मौत के बाद उनके लाश तक को लाने की सरकार ने दुरुस्त व्यवस्था नहीं की है। यह मुद्दा कई बार हम लोग उठा चुके हैं।

अख्तरुल ईमान ने कहा कि बिहार सरकार प्रवासी मज़दूरों के लिए चिंतित नहीं है, कुर्सी बचाने और कुर्सी पाने के लिए लड़ रही है। जनता के हितों से प्रदेश सरकार को कोई मतलब नहीं है। सरकार को मज़दूरों के परिवार के लिए वेलफेयर स्कीम बनाने चाहिए, उनके बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ के लिए योजना होनी चाहिए। इसके साथ ही अगर मज़दूर बाहर काम लिए जा रहा है तो उसका इंश्योरेंस होना चाहिए।

प्रवासी मज़दूरों की मौत (किसी भी प्रदेश या विदेश में मौत) पर मिलने वाली मुआवज़ा राशि को राज्य सरकार ने दोगुना कर दिया है। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक के मुआवज़ा राशि बढ़ाने पर मंज़ूरी मिल गई है। विभाग के अपर मुख्‍य सचिव एस. सिद्धार्थ ने मीडिया से मुख़ातिब होते हुए बताया कि श्रम संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के नियम संशोधन कर, नियमावली 2023 लागू करने की मंज़ूरी दी है।

नये नियम के तहत प्रवासी मज़दूर की देश या विदेश के किसी हिस्से में मौत होने पर मुआवज़ा राशि‍ दोगुना करने की मंज़ूरी मिल गई है। उन्होंने बताया कि पहले मृतक के आश्रित परिवार को 1 लाख रुपये की मुआवज़ा राशि दी जाती थी। अब उन्हें 2 लाख रुपये मिलेंगे। साल 2008 में आखिरी बार मुआवज़ा राशि बढ़ाई गई थी।

हादसा होने के 180 दिनों के अंदर ही आश्रित परिवार को मुआवज़ा राशि मिलेगी। हादसे में पूरी तरह विकलांग होने पर 1 लाख रुपये मिलेंगे। पहले यह राशि 75 हज़ार रुपये थी, वहीं आंशिक वि‍कलांगता पर 37 हज़ार 500 रुपये से बढ़ाकर 50 हज़ार रुपये किया गया है।

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