बिहार में छात्र ने बेच दी सरकारी स्कूल की ज़मीन, कभी उसी विद्यालय से की थी पढ़ाई, जानिए मामला
Land Scam In Bihar Government School: बिहार में अपराध से जुड़े कई हैरतअंगेज़ मामले सामने आते रहते हैं, ताज़ा मामला बिहार के पूर्णिया ज़िले का है, जहां सरकारी स्कूल की ज़मीन को विद्यालय के ही पूर्व छात्र ने बेच दी। ग़ौरतलब है कि जिसने ज़मीन बेची और जिसने ख़रीदी दोनों ने उसी स्कूल से बचपन में तालीम हासिल की थी।
स्कूल की ज़मीन बेचने का मामला जब प्रकाश में आया तो प्रशासन ने मामले की जांच कर, ज़मीन का मोटेशन करवाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिहार सरकार को एक राजा ने यह ज़मीन दान की थी। राजा पृथ्वी चंद उच्च माध्यमिक विद्यालय (पूर्णिया सिटी) का यह पूरा मामला है।

पूर्णिया जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित पृथ्वी चंद उच्च माध्यमिक विद्यालय ज़मीन घोटाला मामले में, स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब सौ साल पहले राजा पृथ्वी चंद पूर्णिया सिटी में रहते थे। उन्होंने ने ही बिहार सरकार को स्कूल के लिए ज़मीन दान में दी थी।
शिक्षा विभाग की अनदेखी की वजह से दान में दी गई भूमि का लगभग 8 डेसिमल ज़मीन का स्कूल के नाम से मोटेशन नहीं हुआ था। राजा के वंशज पूर्णिया में नहीं रहते हैं, लेकिन उनके बच्चे पूर्वजों की ज़मीन तलाश रहे थे। इसी क्रम में उन्हें स्कूल की ज़मीन की जानकारी हुई।
मोटेशन नहीं होने की वजह से स्कूल का ज़मीन पर मालिकाना हक नहीं था। राजा पृथ्वी चंद के वंशजों ने 8 डेसिमल ज़मीन पर अपना हक समझकर उसे बेच दिया। मंज़ूर आलम और शहबाज आलम ने ज़मीन खरीद कर डिमांड ड्राफ्ट के ज़रिए भुगतान किया था।
स्कूल के प्रिंसिपल अशोक प्रसाद यादव की मानें तो शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक ने 14 सितंबर को स्कूल का जायज़ा लिया था। इस दौरान सबकुछ ठीक ही पाया, उन्होंने स्कूल की तारीफ़ भी की। उनके लौटने के बाद किसी ने 15 सितंबर की रात फोन कर स्कूल की ज़मीन बेचने की जानकारी दी।
स्कूल के प्रिंसिपल भी ज़मीन बिकने की बाक सुनकर हैरान रह गए। इसके बाद ब्लॉक से बिकी हुई ज़मीन के दस्ताववेज़ निकाले गए। DM और जिला शिक्षा पदाधिकारी को मामले की जानकारी दी गई। मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए डीएम ने बैठक कर SDO समेत संबंधित अधिकारियों का जांच का आदेश दिया.
प्रशासन की जांच से खुलासा हुआ कि 8 डेसिमल ज़मीन जिस पर स्कूल बना है, वह राजा पृथ्वी चंद के वंशजों ने इस वजह से बेच दी थी क्योंकि उसका मोटेशन नहीं हुआ था। वहीं मामला प्रकाश में आने के बाद तुरंत स्कूल के नाम मोटेशन करवाया गया है। इस पूरे मामले की जांच विजिलेंस टीम को सौंपी गई है।












Click it and Unblock the Notifications