आवासीय स्कूल से घर जाने की जिद पर 7 साल के छात्र को छत से फेंका! मौत
पटना। बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ में आवासीय विद्यालय के शिक्षकों पर परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने बार-बार घर जाने की जिद कर रहे दूसरी क्लास के सात वर्षीय छात्र को स्कूल की छत से फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की सूचना पर रोते-बिलखते हुए परिजन स्कूल पहुंचे और स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। वहीं हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह मामला शांत किया और मृतक के पिता ने स्कूल प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधक के खिलाफ लिखित शिकायत देते हुए एफआईआर दर्ज कराया है। वहीं एफआईआर दर्ज होने के बाद एसडीपीओ निशित प्रिया से जब बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि गहराई से मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मिली जानकारी के अनुसार, मामला बिहार के नालंदा जिले के बिहार शरीफ के नगर थाना क्षेत्र के टिकुली पर स्थित सर्वांगीण बाल विकास आवासीय विद्यालय का है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल के हॉस्टल में रह कर पढ़ाई कर रहे छात्र अमर कुमार बार-बार अपने घर जाने का जिद करता था जिससे परेशान शिक्षकों ने उसे छत से नीचे फेंक दिया। दूसरी तरफ स्कूल प्रबंधक और हॉस्टल संचालक का कहना है कि छात्र अचानक स्कूल की छत पर गया और चौथे माले से कूदकर जान दे दी। जब इस बात की जानकारी हम लोगों को हुई तो उसे अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिर मामले की जानकारी उसके परिजन को दी गई तथा मौके पर पहुंचे मृतक के पिता वीरेश यादव ने स्कूल प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
मृतक के पिता विरेश यादव का कहना है कि आवासीय विद्यालय के संचालक सूर्यमणि प्रसाद ने उनके भाई को टेलीफोन पर सूचना दी कि अमर विद्यालय की चौथी मंजिल से कूद गया है लेकिन हकीकत यह है कि उसे स्कूल की छत से फेंक दिया गया। जब हम वहां पहुंचे तो उसकी लाश देखी। जब स्कूल की छत पर गए तो हमें यह विश्वास नहीं हुआ कि वह खुद वहां पर छलांग लगा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय संचालक ने ही अमर की पिटाई कर छत से नीचे फेंक दिया है। हॉस्टल की महिला संचालिका शीला कुमारी का कहना है कि बच्चा कुछ दिनों से अपने घर जाने की जिद कर रहा था और उसके घर वाले उसे घर ले जाने के लिए तैयार नहीं थे इसीलिए वह परेशान था और स्कूल से छत से छलांग लगा दिया। फिलहाल पुलिस ने लाश को अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेजा तथा नामजद अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी में लग गई है।

वही मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि छात्र के लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है तथा पोस्टमार्टम के दौरान सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने बिसरे को प्रिजर्व कर लिया है तथा उनका कहना है कि उसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जायेगा। शव पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। इंटर्नल इंज्यूरी हो सकती है। दूसरी तरफ उनके परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका एक ही कहना है कि नामांकन के वक्त स्कूल संचालक और हॉस्टल संचालकों ने बच्चे की पूरी सुरक्षा की जिम्मेदारी ली थी और महज 20 दिन के भीतर ही उसकी हत्या हो गई। आज से 20 दिन पहले ही अमर का नामांकन स्कूल में हुआ था।
वही मामले की जानकारी देते हुए नालंदा के SP सुधीर कुमार पोरिका ने बताया कि अमर की मौत की जांच का जिम्मा सदर एसडीओ को दिया गया है। जांच में आए तत्वों के आधार पर उचित करी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।












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