तिरंगे की वजह से परिवार ने गरीबी से आजादी पाई, हुआ चर्चित
हिंदुस्तान की पहचान तिरंगा जिसे देश के लोग अपनी आन बान और शान समझते हैं और हर 15 अगस्त तथा 26 जनवरी को इस तिरंगे को सलामी देते हुए इसे झुकने नहीं देने वाले वीर सपूतों को याद भी करते हैं
पटना। हिंदुस्तान की पहचान तिरंगा जिसे देश के लोग अपनी आन बान और शान समझते हैं और हर 15 अगस्त तथा 26 जनवरी को इस तिरंगे को सलामी देते हुए इसे झुकने नहीं देने वाले वीर सपूतों को याद भी करते हैं। आज हम आपको तिरंगे से खुशी पाने वाले एक ऐसे परिवार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने इसकी वजह से गरीबी से आजादी पाई। यह परिवार पिछले 20 सालों से तिरंगे की सेवा कर रहा है।

तिरंगे के वजह से इस परिवार ने अपनी गरीबी दूर की और यह पूरा परिवार पिछले 20 सालों से तिरंगा झंडा बनाने का काम करता है। आपको बताते चलें कि तिरंगा झंडा बनाकर देश सेवा करने वाला यह परिवार बिहार के नवादा जिले का रहने वाला है।

यह नवादा में भदानी परिवार के नाम से चर्चित है। पहले पति-पत्नी फिर बच्चे के साथ-साथ पूरा परिवार तिरंगा झंडा बनाने का काम करता है।

गरीबी की वजह से पति-पत्नी ने एक सिलाई मशीन लेकर अपने घर में ही झंडा बनाने का काम शुरू किया था। देखते ही देखते झंडे की काफी बिक्री होने लगी और उनके द्वारा बनाए गए झंडे का डिमांड होने लगी। फिर परिवार के आर्थिक हालात भी सुधर गए। अब बच्चे भी इसी काम को कर रहे हैं।

कभी दो वक्त की रोटी के लिए सोचने वाला यह परिवार आज इतना तरक्की कर गया है कि शहर में दो-दो चर्चित दुकान चला रहा है। इनके दुकान में कपड़ों के साथ-साथ झंडा भी बिकता है।

झंडा बनाने का इनका काम बड़े पैमाने पर चलता है। बिहार के साथ-साथ झारखंड और अन्य कई राज्य के लोग भी यहां से झंडा थोक भाव में खरीद कर ले जाते हैं और इसी तिरंगे के वजह से इस परिवार की एक खास पहचान बनी है।

झंडा बनानेवाले विजय भदानी का कहना है कि हमारा पूरा परिवार झंडा बनाने पर बहुत फख्र महसूस कर रहा है। इसने हमारी जिंदगी बदल दी। इसे छोड़ अगर हम कोई दूसरा काम करते तो शायद यह सम्मान नहीं मिल पाता जो आज मिल रहा है।












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