ओडिशा: जगन्नाथ मंदिर से हटाई गई चूहे भगाने वाली मशीन, भगवान के रात्रि विश्राम में होती थी परेशानी
ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में चूहों को भगाने वाली मशीन को हटाना पड़ा। मशीन भगवान की चैन की नींद में खलल डालती थी।

Jagannath Temple: ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर से चूहों को भगाने वाली मशीन को हटा दिया है। इससे देवताओं के रात्रि विश्राम में परेशानी होती थी। मशीन की गिनगिनाहट से भगवान की नींद खराब होती थी। भगवान के भाई-बहनों जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की नींद खराब न हो इसके लिए मशीन को हटा दिया गया। भगवान अब आराम से रात्रि विश्राम करेंगे। मंदिर के प्रशासक जितेंद्र शाहू ने कहा कि मंदिर के अधिकारियों ने सेवादारों के अनुरोध और शिकायत को स्वीकार कर लिया कि मशीन की निरंतर भनभनाहट देवताओं को चैन की नींद नहीं आने देगी। इसके बाद हमने मशीन का उपयोग नहीं करने का फैसला किया है।
यह मशीन मंदिर में चूहों को पकड़ने के लिए लगाई गई थी। मंदिर के चूहों को मारना मना है, इसलिए जहरीला पदार्थ नहीं दिया जा सकता। जितेंद्र साहू ने कहा कि हमने छोटे सिरों वाले घड़े का इस्तेमाल करने और चूहों को पकड़ने के लिए अंदर गुड़ डालने का फैसला किया है। मंदिर में चूहों को आतंक हो गया है, जो भगवान के कपड़े और माला चबा जाते हैं। मल-मूत्र के साथ-साथ जगह को गंदा भी कर देते हैं। चूहे देवताओं के चेहरे भी खराब कर दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गंदगी में भगवान का अनुष्ठान करने में बहुत मुश्किल होती है। एक सेवादार ने कहा कि रात के समय अंधेरा होने पर सबसे अधिक दिक्कत होती है। दिन के समय चूहे छिप जाते हैं। रात होते ही चूहों का आतंक आ जाता है। इस दौरान काफी उपद्रव करता है। सेवक गौरीशंकर राजगुरु ने कहा कि कुछ महीने पहले एक या दो चूहे देखे गए थे, लेकिन बाद में इसकी संख्या बढ़ती चली गई। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में चूहों की संख्या काफी बढ़ गई, क्योंकि कई महीनों तक भक्तों के लिए मंदिर बंद रहा।
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