ओडिशा में तकनीक से इस्तेमाल पर जोर, अधिकारी बोले- आने वाले दिनों में बिना आवेदन सरकारी स्कीम का लाभ!
दुनिया भर में तेजी से बदलते तकनीकी और जनता तक सरकारी सेवाओं को पहुंचाने के लिए विशिष्ट तकनीकों के इस्तेमाल पर ओडिशा सरकार जोर दे रही है।

ओडिशा में टेक्नोलॉजी और सरकारी सेवाओं के संबंध में विचार साझा करने वाले सेशन का आयोजन वर्चुअल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया। इसमें राज्य सरकार के वरिष्ठ प्रशासकों और जिला कलेक्टरों ने भाग लिया। सत्र के दौरान, प्रमुख सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विभाग, ओडिशा सरकार मनोज कुमार मिश्रा के साथ क्योंझर के कलेक्टर आशीष ठाकरे और मल्कानगिरी के कलेक्टर विशाल सिंह ने सरकारी क्षेत्र में प्रौद्योगिकी की चुनौतियों और अवसरों पर बात की।
इस सत्र में विचार-विमर्श किया गया कि कैसे नई तकनीकों की मदद से डिजिटल और भौतिक दुनिया के बीच नई वास्तविकता आ सकती है। ये विचार सामने आया कि जिस तरह से सार्वजनिक सेवाएं प्रदान की जा रही है, उसे फिर से परिभाषित किया जाएगा।
इस सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि अगले दशक में तकनीकी नवाचार और उनके अपनाने के संदर्भ में महत्वपूर्ण परिवर्तन कैसे होंगे? अधिकारियों ने माना कि सरकारी एजेंसियों को सार्वजनिक सेवाओं को निर्बाध और पारदर्शी रूप से वितरित करने की जरूरत है। साथ ही नागरिकों के लिए सर्विस के साथ वैल्यू ऐड करने, प्रक्रियाओं को कारगर बनाने और कर्मचारियों की कार्य कुशलता में वृद्धि के लिए तेज गति से प्रौद्योगिकियों को अपनाना होगा।
सत्र में मनोज कुमार मिश्रा ने कहा, प्रौद्योगिकी ओडिशा सरकार की 5T चार्टर का आधार है। सीमांत तकनीकों को अपनाने से यह तय होगा कि सरकारी एजेंसियां अपने संबंधित संगठनों में अवसरों के मेटावर्स को कैसे टैप करती हैं। हमें खुद को उस स्तर तक तैयार करना होगा जहां हम नागरिकों को आवेदन किए बिना ही सार्वजनिक सेवाएं मुहैया करा सकें।












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