उड़ीसा सरकार का छात्रों के हित में कदम, प्रमाण पत्र के लिए नहीं लगाने होंगे तहसील के चक्कर
भुवनेश्वर। उड़ीसा में छात्रों को अब ऊंची कक्षाओं में पढ़ाई के लिए जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र के लिए तहसील के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। राज्य की नवीन पटनायक सरकार ने इस प्रक्रिया को सरल बनाया है जिसके चलते अब आसानी से प्रमाण पत्र हासिल किया जा सकेगा। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को स्कूल सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए आवश्यक व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया है।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार इलाके के राजस्व निरीक्षक (आरआई) गर्मी की छुट्टी से पहले प्रत्येक स्कूल में एक निश्चित तिथि पर शिविर आयोजित करेंगे। जिसमें हेडमास्टर और कक्षा शिक्षक की उपस्थिति में दसवीं कक्षा से संबंधित छात्रों को आवेदन पत्र बांटे जाएंगे। छात्र गर्मियों की छुट्टी के बाद जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रधानाध्यापक द्वारा हस्ताक्षर किए हुए इन आवेदन फॉर्म को काउंटर पर जमा करेंगे। जहां राजस्व निरीक्षक पुष्टि के बाद इन्हें जमा करके ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आनलाइन फाइलिंग करेगा। इस दौरान आरआई ही जरूरत पड़ने पर तहसीलदार /अतिरिक्त तहसीलदार के सामने रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा जिसके आधार पर पात्र छात्रों को प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव बिष्णुपद सेठी ने कहा कि आवेदन पत्र वितरण से लेकर प्रमाण पत्र सौंपने तक की पूरी प्रक्रिया प्रत्येक वर्ष के 31 अगस्त तक पूरी होगी। उन्होंने कहा, "प्रमाण पत्र छात्रों द्वारा ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल और डिजी लॉकर से भी डाउनलोड किए जा सकते हैं या मेल से प्राप्त किए जा सकते हैं।" सेठी ने विभागों को अपने क्षेत्र के अधिकारियों को कार्यक्रम के समय पर और सफल कार्यान्वयन के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है।












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