ओडिशा: 'यास' प्रभावित किसानों के लिए सीएम नवीन पटनायक ने की पैकेज की घोषणा

भुवनेश्वर, 10 जून। कोरोना वायरस महामारी के बीच ओडिशा ने बीते दिनों चक्रवाती तूफान यास की मार झेली। इस तूफान ने भारी संख्या में जानमाल की हानि पहुंचाई। राहत की खबर ये है कि ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज चक्रवाती तूफान यास से प्रभावित इलाके के किसानों के लिए सहयोग राशि की घोषणा की। यहां उल्लेखनीय है कि 26 मई को चक्रवात यास के कारण कई जिलों में फसल बर्बाद हो गई थी एवं पशु पालन, मछली पालन, हथकरघा, रेशम की खेती आदि को भारी नुकसान हुआ था।

Naveen Patnaik

ऐसे किसानों के लिए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने आज सहायता राशि की घोषणा कर उसे तुरंत अमल में लाने के लिए निर्देश जारी किया है। जानकारी के मुताबिक 33% या इससे अधिक फसल बर्बाद होने वाले गैर सिंचाई वाले इलाके के छोटे एवं नाममात्र किसानों को एकड़ पीछे 7800 इनपुट सब्सिडी दी जाएगी।

जल सिंचाई वाले इलाके में हेक्टेयर पीछे 13500 रुपए एवं सभी प्रकार तथा हर समय फसल के लिए हेक्टेयर पीछे 18000 रुपए इनपुट सब्सिडी दी जाएगी। आम, काजू, नारियल, पान आदि फसल हर समय की श्रेणी में आती है। केवल सही किसानों को यह सहायता राशि दी जाएगी। हर सीजन वाली फसल के लिए कम से कम 2000 रुपए तथा अन्य फसल के लिए कम से कम 1000 रुपए इनपुट सब्सिडी दी जाएगी।

प्रभावित जिले के किसानों को 2021 खरीफ ऋतु के लिए वर्तमान समय में दी गई छूट में और अधिक 25% की छूट के साथ डेढ़ क्विंटल बेहतर प्रमाणिक धान बीज दिया जाएगा। यह छूट सीधे तौर पर डीबीटी के जरिए किसानों के खाते में जमा किया जाएगा। खरीफ ऋतु में अधिक अमल के लिए 1 लाख एकड़ जमीन हेतु 1 लाख किसानों को बीज शोधन प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। खरीफ ऋतु में धान, दलहन फसल प्रभावित होने वाले इलाके में प्रदर्शन कार्यक्रम किया जाएगा।

इनपुट सब्सिडी
60000 हेक्टेयर जमीन में कीड़े-मकोड़ों को मारने के लिए आवश्यकता के आधार पर इनपुट सब्सिडी किसानों को दी जाएगी। उन्नतमान की खेती के लिए यंत्रांश सामग्री खरीदने हेतु प्रभावित जिले के किसानों को 20 करोड़ रुपए की छूट डीबीटी माध्यम के जरिए दी जाएगी। प्रभावित इलाकों के किसानों के लिए रियायत दर में 2000 पंपसेट तथा 3000 स्पेयर मुहैया किया जाएगा। भद्रक एवं बालेश्वर जिला में कुछ जगहों पर खारा पानी आ जाने से किसान प्रभावित हुए है। ऐसे में इस तरह की जमीन में मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हेक्टर पीछे 750 रुपए दिया जाएगा। इस क्षेत्र में कुल 10000 जमीन के लिए सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी
पान की खेती करने वाले 125 किसानों को 15000 के हिसाब से प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी। 10,000 प्रभावित किसानों को उनकी जमीन में सब्जी की खेती के लिए बेहतर गुणवत्ता वाले पौधे 115 रुपए में दिया जाएगा। चक्रवात से प्रभावित होने वाले 50 छत्तू किसान यूनिट को 40000 रुपए के हिसाब से सहायता राशि दी जाएगी। इससे प्रभावित होने वाले किसान अपने छत्तू खेती यूनिट पुनरुद्धार करेंगे। यह सहायता राशि किसानों के सीधे खाते में दी जाएगी।

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किसानों की मांग का समाधान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल होने वाले प्रभावित किसानों की मांग का समाधान हो सके इसके लिए फसल कटाई की रिपोर्ट तैयार करने के लिए कदम उठाया जाएगा। प्रभावित इलाके में 33% से अधिक नुकसान होने वाले किसानों को कम समय अवधि के कर्ज को मध्यम समय अवधि में तब्दील किया जाएगा। इसके अलावा पशुपालन, हथकरघा आदि क्षेत्र में हुए नुकसान के लिए सरकार ने सहायता राशि घोषणा की है। प्रभावित लोगों को ग्राम पंचायत में रास्ता, खेल मैदान, कैनाल, मिट्टी के बांध आदि की मरम्मत के लिए नियुक्त कर रोजगार दिया जाएगा।

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