ओडिशा: 12 जिलों की 73 फीसदी आबादी ने कोरोना के खिलाफ विकसित की एंटीबॉडी
ओडिशा सरकार का कहना है कि उसके 12 जिलों की 73 प्रतिशत आबादी ने कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर ली है।
भुवनेश्वर, 26 सितंबर। ओडिशा सरकार का कहना है कि उसके 12 जिलों की 73 प्रतिशत आबादी ने कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित कर ली है। रविवार को आईसीएमआर के क्षेत्रीय चिकित्सा अनुसंधान केंद्र (आरएमआरसी) की निदेशक संघमित्रा पाटी ने इस बात की जानकारी दी। ओडिशा सरकार के निर्देश पर आरएमआरसी ने 29 अगस्त से 15 सितंबर के बीच राज्य के 12 जिलों में सीरो सर्वे किया। राज्य के 12 जिलों संबलपुर, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, क्योंझर, खुर्दा, पुरी, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर, कंधमाल, कालाहांडी और नबरंगपुर में यह सर्वे किया गया।

सर्वे की रिपोर्ट के बारे में बताते हुए पाटी ने कहा कि उन्होंने समुदाय से 5,796 सैंपल एकत्र किये और उनमें से 4,247 में एंटीबॉडी मिली। इसी प्रकार 1,312 स्वास्थ्य कर्मियों के भी सैंपल लिए गए, इनमें से 1,232 में एंटीबॉडी मिली। उन्होंने कहा कि हमने समुदाय में 73.5 फीसदी और स्वास्थ्यकर्मियों में 93.9 फीसदी सर्पोप्रवलेंस पाया। उन्होंने आगे बताया कि सर्वेक्षण किए गए 12 जिलों में से, खोरधा जिले में सबसे अधिक 80 प्रतिशत सेरोप्रवलेंस है, जबकि जाजपुर, मयूरभंज और झारसुगुडा में लगभग 68 प्रतिशत की सेरोप्रवलेंस है।
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आयु के आधार पर, उन्होंने कहा, 6-10 वर्ष आयु वर्ग के 70 प्रतिशत, 11-18 आयु वर्ग के 74 प्रतिशत, 19-44 आयु वर्ग के 75 प्रतिशत, 45-60 आयु वर्ग के 72 प्रतिशत लोग और 60 वर्ष से अधिक आयु के 66 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज हैं। निदेशक ने कहा कि सीरोपॉजिटिव वयस्कों में लगभग 66.5 प्रतिशत ने कम से कम टीके की 1 डोज ले ली थी। अध्ययन में यह भी सामने आया कि 25.6 प्रतिशत लोगों ने दोनो डोज ली हैं, जबकि 41.4 प्रतिशत ने 1 डोज ली है और 33 प्रतिशत ने कोरोना की कोई वैक्सीन नहीं ली है। उन्होंने कहा कि ओडिशा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सेरोप्रवलेंस और टीकाकरण कवरेज में कोई बड़ा अंतर नहीं है।












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