ओडिशा में घर-घर जाकर की जाएगी कोरोना मरीजों की पहचान, 24 मई से शुरू होगा अभियान

भुवनेश्वर, 18 मई। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को गांवों में बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर कोविड मरीजों का पता लगाने के लिए 24 मई से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर तीन महीने के सर्वेक्षण की घोषणा कर दी है। सीएम पटनायक ने कोरोना से लड़ाई में ऑक्सीजन प्रबंधन के लिए एक टास्क फोर्स के गठन की भी घोषणा की है। गौरतलब है कि कोविड मरीजों के लिए इस समय ऑक्सीजन ही सबसे महत्वपूर्ण है।

Corona patients will be identified House-To-House in Odisha campaign will start from May 24

कोविड मरीजों के डोर-टू-डोर सर्वेक्षण के लिए आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को हर महीने वेतन में 1000 रुपए अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग पर एक सर्वदलीय बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कोरोना वायरस से निपटने में 'समुदाय की भागीदारी' के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इसे ओडिशा की कोविड प्रबंधन रणनीति के 'मुख्य स्तंभों' में से एक करार दिया।

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गौरतलब है कि आशा होम आइसोलेशन मामलों की निगरानी करती हैं, ऐसे में उन्हें 24 मई से शुरू होने वाले सर्वेक्षण के लिए साइकिल, अलमारी, चप्पल, छाता और टॉर्च के लिए 10,000 रुपए की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाएगी। ग्राम पंचायत, गांव कल्याण समितियां और सरपंच शुरू से ही इसमें शामिल रहे हैं। लोगों को सेवाएं प्रदान करने के लिए एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मिशन शक्ति समूहों जैसे संगठनों का गहन उपयोग किया गया है। सीएम पटनायक ने कहा, सरपंचों के पास लॉकडाउन आदि को लागू करने के लिए जिला कलेक्टरों की शक्तियां बनी हुई हैं और वे बाहर से लोगों की जरूरत और आमद के आधार पर टीएमसी शुरू करने के लिए स्वतंत्र हैं।

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