भोपाल में क्यों हो रही तीनों सेनाओं की हाई लेवल कॉन्फ्रेंस, CM शिवराज ने राजनाथ सिंह से होटल में की मुलाकात
राजधानी भोपाल में पहली बार तीनों सेनाओं की कंबाइन कॉन्फ्रेंस चल रही है। इस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल भोपाल पहुंचे। 1 अप्रैल को पीएम मोदी भी शामिल होंगे।

राजधानी भोपाल में हो रही तीनों सेनाओं के कमांडर कॉन्फ्रेंस में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे। दिल्ली छोड़ कर भोपाल में पहली बार तीनों सेनाओं की कंबाइंड कांफ्रेंस आयोजित हो रही है। इसमें भारतीय सेना की रणनीति रक्षा मामलों में आत्मनिर्भरता सहित अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। CDS जनरल अनिल चौहान के अलावा भारत की तीनों सेनाओं के थल सेना, जल सेना, वायु सेना के प्रमुख इस कांफ्रेंस में शामिल है।
कॉन्फ्रेंस में किन मुद्दों पर हो रही है चर्चा
इस कांफ्रेंस की टीम रेडी, रिसर्जेट और रेलीवेंट है। इन तीनों विषय पर गुरुवार से विमर्श शुरू हो गया है। 1 अप्रैल तक अलग-अलग सेशन में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सेना के चीफ चर्चा करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में फ्यूचर वॉर का ब्लूप्रिंट भी तैयार होगा। इसके साथ ही अग्निवीर योजना की समीक्षा भी की जाएगी। कई पुरानी चीजों पुनरीक्षण और उसकी प्रासंगिकता पर भी चर्चा की जाएगी।
पीएम मोदी होंगे शामिल
कमांडर कांफ्रेंस के आखिरी दिन यानी 1 अप्रैल को पीएम मोदी इसमें शामिल होंगे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी भारत में बने रक्षा से जुड़े ने हथियार और अन्य उपकरण देखेंगे साथी डीआरडीओ और तीनों सेनाओं के इनोवेशन से रूबरू होंगे। बताया जा रहा है कि तीनों सेनाओं की जॉइंट कमांड स्ट्रक्चर्स को लेकर भी चर्चा की जाएगी। वही अग्निवीर योजना को मिली प्रतिक्रिया और उसको लेकर आगे की क्या प्लानिंग केंद्र सरकार करने वाली इस को लेकर चर्चा होगी तीनों सेनाओं में अंग्रेजों के समय से चले आ रहे प्रतीक चिन्हों को बदलने पर भी चर्चा हो सकती है।
होटल ताज को बनाया गया हाई सिक्योरिटी जोन
कमांडर कांफ्रेंस में शामिल होने आए देश के रक्षा मंत्री गुरुवार शाम 7:00 बजे एयर फोर्स के विमान से भोपाल पहुंचे जहां पर सीएम शिवराज सिंह चौहान और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा व मंत्री स्वास्थ सारंग ने उनका स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भोपाल के भाजपा विधायक और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होटल ताज लेक फ्रंट में रुके हुए हैं। इसके अलावा तीनों सेनाओं के प्रमुख सीडीएस भी होटल ताज में रुके हुए है। वीआईपी के रुकने की वजह से होटल ताज को हाई सिक्योरिटी जोन बनाया गया है।












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