Bhopal News: कौन है मोनू सक्सेना जिन्हें कांग्रेस ने बनाया भोपाल का जिलाध्यक्ष?
Bhopal congress News: ऑल इंडिया कांग्रेस ने आज मध्यप्रदेश में परिवर्तन करते हुए भोपाल के जिला अध्यक्ष कैलाश मिश्रा को प्रदेश महासचिव नियुक्त किया है। वहीं पूर्व पार्षद मोनू सक्सेना को भोपाल कांग्रेस शहर का अध्यक्ष नियुक्त किया गया हैं। इसके अलावा सुरजीत सिंह को इंदौर शहर का जिलाध्यक्ष और अरविंद बागड़ी के साथ ही विशाल अग्निहोत्री और मनोज भारतकर को मध्य प्रदेश कांग्रेस का महासचिव बनाया गया हैं।
कौन है मोनू सक्सेना
भोपाल कांग्रेस के नए जिलाध्यक्ष बनाए गए मोनू उर्फ प्रदीप सक्सेना युवा नेता माने जाते हैं। बता दे ये भोपाल के वार्ड क्रमांक 27 से कांग्रेस पार्षद भी रह चुके है। इसके अलावा इन्हें पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का खास माना जाता है। मोनू सक्सेना ने भोपाल के एमबीएम कॉलेज से छात्र राजनीति की शुरुआत की थी। उन्होंने NSUI में रह कर छात्रों के हित में लंबे समय तक काम किया।

मोनू 2014 में बने थे जिला उपाध्यक्ष
मोनू सक्सेना ने राजनीति की शुरुआत साल 1996 में छात्रसंघ से की थी। इसके बाद साल 1998-99 में उन्हें महामंत्री बनाया गया, फिर 2003 में प्रदेश महामंत्री और 2005 में NUSI के अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। साल 2009 -10 में भोपाल यूथ कांग्रेस का उपाध्यक्ष और फिर वर्ष 2014 में जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान उन्होंने पार्टी के लिए कई धरना-प्रदर्शन किए। अभी हाल में ही सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बंगले के बाहर प्रदर्शन करने के चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। अब पहली बार पार्टी ने चुनाव से पहले भरोसा जताते हुए जिलाध्यक्ष की कमान सौंपी है।
मोनू सक्सेना के जिलाध्यक्ष बनने से भोपाल में कांग्रेस कितनी होगी मजबूत
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजधानी भोपाल में कांग्रेस संगठन ने परिवर्तन करते हुए जिले की कमान मोनू सक्सेना को सौंपी है। ऐसे में मोनू के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस को कितना लाभ होगा और जिले में कांग्रेस कितनी मजबूत होगी, यह बड़े सवाल है। शहर के राजनीतिक विश्लेषक डॉ लखन गुरु ने बताया कि मोनू सक्सेना के साथ भोपाल के युवा बड़ी संख्या में जुड़े हुए हैं। वही मोनू पूर्व में पार्षद भी रह चुके है। इसलिए जिलाध्यक्ष का दायित्व मिलने के बाद वे जिले में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपेंगे, जिससे कांग्रेस को मजबूती मिलेगी।
पत्नी वीनू सक्सेना भी कांग्रेस पार्षद
कांग्रेस नेता मोनू सक्सेना ने 2015 में भोपाल के वार्ड क्रमांक 27 से पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ा था। जिसमें उन्होंने जीत हासिल की थी, अपने क्षेत्र में निरंतर विकास कार्य कराने और जनता से जुड़े रहने के कारण साल 2022 में उनकी पत्नी वीनू सक्सेना ने भी पार्षद का चुनाव जीता था।
दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सक्सेना परिवार का बड़ा जनाधार
मोनू सक्सेना भोपाल के दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में स्थित नेहरू नगर में रहते हैं। वैसे तो दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में सक्सेना परिवार का बड़ा जनाधार है। उनके रिश्तेदार प्रवीण सक्सेना भी कांग्रेस के पार्षद रह चुके हैं। इसके अलावा उनके एक और रिश्तेदार संजीव सक्सेना कांग्रेस से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके।
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विधायक और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के खास है मोनू
दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक पीसी शर्मा को पिछला विधानसभा चुनाव जिताने में मोनू सक्सेना ने अहम जिम्मेदारी निभाई थी। इसलिए विधायक रहते हुए पीसी शर्मा ने मोनू सक्सेना के क्षेत्र में कई विकास कार्य किए हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में दक्षिण पश्चिम विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। ऐसे में मोनू सक्सेना को भोपाल में कांग्रेस जिला अध्यक्ष बनाने के पीछे पीसी शर्मा का बड़ा रोल देखा जा रहा है।
आरिफ मसूद ने जताई थी आपत्ति
बता दें एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महासचिव और शहर और ग्रामीण जिला अध्यक्षों के नाम की घोषणा की गई थी। भोपाल शहर में किसी के नाम पर फैसला नहीं हो सका था। दरअसल अध्यक्ष के नाम को लेकर नेताओं में सहमति नहीं बन सकी थी। भोपाल में दिग्विजय सिंह गुट के पूर्व मोनू सक्सेना के नाम पर विधायक आरिफ मसूद ने आपत्ति जताई थी। लेकिन अब युवा और सक्रिय मोनू सक्सेना के नाम पर केंद्रीय नेतृत्व ने मोहर लगा दी है।












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