MP News: दतिया के निचरौली स्कूल में छात्राओं से झाड़ू लगवाने का मामला, सफाई करते बच्चों का वीडियो वायरल
MP News: मध्य प्रदेश के दतिया जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। निचरौली क्षेत्र स्थित एक माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं और छात्रों से स्कूल परिसर में झाड़ू लगवाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बच्चे पढ़ाई करने के बजाय हाथों में झाड़ू लेकर स्कूल परिसर की सफाई करते नजर आ रहे हैं।
यह घटना गुरुवार देर शाम सामने आई, जब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जाने लगा। बताया जा रहा है कि यह वीडियो पिछले सप्ताह का है, लेकिन अब इसके वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कॉपी-किताब छोड़ झाड़ू हाथ में
वायरल वीडियो में स्कूल का लंबा-चौड़ा प्रांगण दिखाई दे रहा है, जहां छात्र-छात्राएं कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई शुरू करने के बजाय सफाई कार्य में जुटे हुए हैं। कुछ बच्चे झाड़ू लगा रहे हैं, तो कुछ कचरा इकट्ठा करते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य साफ तौर पर बताता है कि बच्चों से पढ़ाई के समय अनुशासन के नाम पर श्रम कराया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि बच्चों से पढ़ाई के समय सफाई करवाना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का शैक्षणिक और मानसिक विकास करना है, न कि उनसे ऐसे कार्य कराना जो उनकी पढ़ाई को प्रभावित करें।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि इससे पहले भी इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लग पाई।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
निचरौली क्षेत्र में स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। सोशल मीडिया पर इससे पहले भी बच्चों से सफाई करवाने से जुड़े वीडियो सामने आए थे, लेकिन न तो संबंधित स्कूल प्रशासन ने जिम्मेदारी तय की और न ही अधिकारियों ने सख्ती दिखाई। यही वजह है कि अब यह मामला पूरे क्षेत्र की छवि पर असर डाल रहा है।
शिक्षा विभाग ने दिया जांच का आश्वासन
मामले पर जिला परियोजना समन्वयक (DPC) राजेश शुक्ला ने कहा कि यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि-
"यदि वायरल वीडियो सही पाया जाता है, तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषी शिक्षकों या जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने यह भी कहा कि विभाग पूरे मामले की जांच करेगा और नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्कूलों में निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों से पढ़ाई के समय इस तरह का काम कराना राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और भविष्य पर पड़ेगा।
अधिकारियों का रुख: DPC ने दी कार्रवाई की आश्वासन, जिला परियोजना समन्वयक (DPC) राजेश शुक्ला ने कहा:
- "वीडियो संज्ञान में आया है।"
- "यदि सही पाया गया तो गंभीरता से लेंगे।"
- "दोषी शिक्षकों या जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।"
शिक्षा विभाग सूत्र: जांच टीम भेजी जाएगी। प्राचार्य से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
बार-बार सामने आने वाली समस्या: क्यों होती है ऐसी घटनाएं?
MP में पहले भी ऐसे मामले:
- सफाई कर्मचारियों की कमी।
- शिक्षकों की लापरवाही।
- स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर बच्चों से काम।
- RTE उल्लंघन: बच्चों से कोई मजदूरी नहीं होनी चाहिए।
विशेषज्ञ: "यह बच्चों के मानसिक-शारीरिक विकास पर असर डालता है। शिक्षा का समय बर्बाद होता है।"
दतिया के निचरौली स्कूल से सामने आया यह मामला सिर्फ एक स्कूल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र की लापरवाही और निगरानी की कमी को उजागर करता है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग जांच के बाद वास्तव में कार्रवाई करता है या मामला एक बार फिर फाइलों में दबकर रह जाता है।
(संवाद सूत्र--शाहिद क़ुरैशी)












Click it and Unblock the Notifications