UPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025, भोपाल में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने किया केंद्रों का निरीक्षण
MP News: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 का आज रविवार को देशभर में सफलतापूर्वक संचालन किया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस परीक्षा को निष्पक्ष और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिला कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उनके नेतृत्व में जिला प्रशासन ने सुरक्षा, सुविधाओं, और निगरानी के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। यह घटना भोपाल में प्रशासन की जवाबदेही और यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा के प्रति गंभीरता को दर्शाती है।

कलेक्टर का निरीक्षण, हर पहलू पर नजर
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने सुबह-सुबह भोपाल के प्रमुख परीक्षा केंद्रों का दौरा किया, ताकि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो सकें। उनके निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया:
- सुरक्षा व्यवस्था: परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, और जैमर की व्यवस्था की गई ताकि नकल या अन्य अनुचित गतिविधियों को रोका जा सके।
- बुनियादी सुविधाएं: सभी केंद्रों पर पेयजल, बिजली आपूर्ति, पंखे, और स्वच्छ शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।
- परीक्षा सामग्री: प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षित डिलीवरी और केंद्रों पर समय पर वितरण की निगरानी।
- अभ्यर्थियों की सुविधा: केंद्रों के बाहर छायादार प्रतीक्ष क्षेत्र, पार्किंग व्यवस्था, और महिला अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं।
कलेक्टर ने केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि विकलांग अभ्यर्थियों और महिला अभ्यर्थियों को कोई असुविधा न हो।
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए भोपाल जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थीं:
- अधिकारियों की तैनाती: सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न केंद्रों पर निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया गया।
- कंट्रोल रूम: भोपाल कलेक्ट्रेट में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जहां से सभी केंद्रों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की गई।
- हेल्पलाइन: अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नंबर (0755-2541000) जारी किया गया, जिसके जरिए त्वरित सहायता प्रदान की गई।
- ट्रैफिक व्यवस्था: परीक्षा केंद्रों के आसपास ट्रैफिक पुलिस की विशेष तैनाती की गई ताकि अभ्यर्थी समय पर केंद्रों तक पहुंच सकें।
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और पुलिस अधीक्षक (SP) ने भी केंद्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। SP ने बताया, "हमने सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया है, और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं।"
UPSC Civil Services Preliminary: भोपाल में परीक्षा केंद्र और अभ्यर्थी
हालांकि सटीक आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन भोपाल में 50 से अधिक परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहां हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। भोपाल मध्य प्रदेश का एक प्रमुख यूपीएससी परीक्षा केंद्र है, जहां न केवल स्थानीय, बल्कि आसपास के जिलों जैसे विदिशा, रायसेन, और सीहोर से भी अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे।
परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई:
- प्रथम पाली: सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक (सामान्य अध्ययन पेपर-1)।
- द्वितीय पाली: दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक (सीसैट पेपर-2)।
अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक थीं। राहुल शर्मा, एक अभ्यर्थी, ने कहा, "पानी और बिजली की व्यवस्था अच्छी थी। कलेक्टर साहब का निरीक्षण देखकर लगा कि प्रशासन गंभीर है।" प्रिया यादव, एक अन्य अभ्यर्थी, ने बताया, "महिलाओं के लिए अलग कतार और शौचालय की सुविधा थी, जिससे हमें कोई परेशानी नहीं हुई।"
UPSC Civil Services Preliminary: यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025: एक नजर
यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक है, जो IAS, IPS, IFS, और अन्य केंद्रीय सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन करती है। 2025 की प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर शामिल थे:
- पेपर-1 (सामान्य अध्ययन): 100 प्रश्न, 200 अंक, जिसमें करेंट अफेयर्स, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, पर्यावरण, और विज्ञान शामिल।
- पेपर-2 (CSAT): 80 प्रश्न, 200 अंक, जिसमें रीजनिंग, गणित, और समझने की क्षमता का मूल्यांकन।
- कट-ऑफ: पेपर-1 के अंकों के आधार पर मेरिट तय होती है, जबकि पेपर-2 में 33% अंक (66.7/200) अनिवार्य हैं।
- नकारात्मक अंकन: प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटे जाते हैं।
पिछले वर्षों के रुझानों के अनुसार, 2024 में सामान्य वर्ग के लिए कट-ऑफ लगभग 95-100 अंक थी, और 2025 में भी इसी स्तर की कट-ऑफ की उम्मीद है।
कलेक्टर की सक्रियता, प्रशासन की जवाबदेही
कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की सक्रियता ने भोपाल में परीक्षा के संचालन को न केवल सुचारु बनाया, बल्कि अभ्यर्थियों और उनके परिवारों में प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ाया। उनके निरीक्षण के दौरान कुछ केंद्रों पर छोटी-मोटी कमियां, जैसे पानी की कमी या पंखों की खराबी, तुरंत ठीक की गईं।
कलेक्टर ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। हमारी प्राथमिकता थी कि अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष हो। सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद थीं।"
इस घटना का प्रभाव कई स्तरों पर देखा जा सकता है: अभ्यर्थियों का मनोबल: कलेक्टर के निरीक्षण और प्रशासन की सख्ती ने अभ्यर्थियों को सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल प्रदान किया, जिससे उनका मनोबल बढ़ा।
प्रशासन की साख: भोपाल जिला प्रशासन की तत्परता ने मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता की सकारात्मक छवि बनाई।
चुनौतियां और समाधान
कुछ अभ्यर्थियों ने केंद्रों तक पहुंचने में ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या की शिकायत की, जिसे प्रशासन ने तुरंत संबोधित किया। विकलांग अभ्यर्थियों के लिए कुछ केंद्रों पर रैंप की कमी की शिकायत भी सामने आई, जिसे भविष्य में सुधारने का आश्वासन दिया गया। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की तर्ज पर यूपीएससी परीक्षाओं के लिए भोपाल में स्थायी परीक्षा केंद्र स्थापित करने की मांग भी उठ रही है, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।
भविष्य की दिशा
मुख्य परीक्षा की तैयारी: प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थी अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने वाली मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू करेंगे। भोपाल प्रशासन को मुख्य परीक्षा के लिए भी ऐसी ही व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।
डिजिटल निगरानी: भविष्य में परीक्षा केंद्रों पर AI-आधारित निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी तकनीकों को अपनाया जा सकता है।
अभ्यर्थी सुविधाएं: भोपाल में किफायती हॉस्टल और पढ़ाई केंद्र स्थापित करने की मांग बढ़ रही है, क्योंकि शहर यूपीएससी की तैयारी का हब बनता जा रहा है।












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