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MP News: सरपंच की शिकायत पर कार्रवाई, उज्जैन में सचिव-ठेकेदार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Ujjain Lokayukta: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार (16 मार्च 2026) को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत सचिव और एक ठेकेदार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

लोकायुक्त की टीम ने ग्राम पंचायत बोरदा मांडा (तहसील तराना, जिला उज्जैन) में ट्रैप कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ और उसके साथी ठेकेदार कमल बंजारा को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। यह कार्रवाई ग्राम पंचायत के सरपंच राजेश चतुर्वेदी की शिकायत पर की गई।

Ujjain Lokayukta Trap Panchayat Secretary and contractor arrested while taking bribe of Rs 30 000

निर्माण कार्यों की स्वीकृति के बदले मांगी थी रिश्वत

जानकारी के मुताबिक ग्राम पंचायत बोरदा मांडा में सड़क, नाली और अन्य विकास कार्य कराए गए थे। इन निर्माण कार्यों की स्वीकृति और बिल पास कराने के बदले पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ ने सरपंच से रिश्वत की मांग की थी।

सरपंच राजेश चतुर्वेदी के अनुसार सचिव ने कुल 45 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। इसमें से 15 हजार रुपये पहले ही ले लिए गए थे, जबकि शेष 30 हजार रुपये सोमवार को देने के लिए कहा गया था। सरपंच ने इस पूरे मामले की शिकायत 12 मार्च 2026 को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक उज्जैन से की थी।

जांच के बाद बनाया गया ट्रैप प्लान

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। निरीक्षक दीपक सेजवार ने शिकायत की तस्दीक की और आरोप सही पाए गए। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप दल का गठन कर कार्रवाई की योजना बनाई। 16 मार्च 2026 को सरपंच राजेश चतुर्वेदी को तय योजना के तहत आरोपियों को पैसे देने के लिए भेजा गया।

कार में रिश्वत लेते ही दबोचे गए आरोपी

लोकायुक्त टीम ने ग्राम पंचायत बोरदा मांडा के पास थाना कायथा क्षेत्र में ट्रैप लगाया। जैसे ही सरपंच ने अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (MP09 CH 5873) में आरोपियों को 30 हजार रुपये दिए, पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ ने पैसे लेकर अपने साथी ठेकेदार कमल बंजारा को दे दिए।

इसी दौरान घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। मौके से रिश्वत की पूरी राशि जब्त कर ली गई।

ट्रैप दल में शामिल थे ये अधिकारी

इस पूरी कार्रवाई में लोकायुक्त की विशेष टीम शामिल रही। ट्रैप दल में कुल 10 सदस्य थे। उप पुलिस अधीक्षक राजेश पाठक, निरीक्षक दीपक सेजवार, आरक्षक श्याम शर्मा, आरक्षक संजीव कुमारिया, आरक्षक इसरार, सहायक ग्रेड-3 रमेश डाबर पंच साक्षी सहित अन्य सदस्य। टीम ने मौके पर ही कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

लोकायुक्त पुलिस ने पंचायत सचिव दरबार सिंह राठौड़ और ठेकेदार कमल बंजारा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है।

पंचायत स्तर पर भी नहीं बख्शे जाएंगे भ्रष्टाचारी

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में रिश्वतखोरी की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं, जहां सचिव और ठेकेदार मिलकर जनप्रतिनिधियों को परेशान करते हैं। ऐसे मामलों में अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।

लोगों से शिकायत करने की अपील

लोकायुक्त पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत शिकायत करें। इसके लिए लोकायुक्त की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क किया जा सकता है या सीधे लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह कार्रवाई पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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