Alirajpur: गांव की लड़की का फोटो-वीडियो अपलोड किया तो ₹10 हजार का जुर्माना,आदिवासी ग्राम सभा में बने कड़े नियम
मध्य प्रदेश में पहली बार आदिवासी समाज की ग्राम सभा ने मोबाइल के दुरुपयोग पर चिंता जाहिर करते हुए कड़े नियम बनाए हैं।

मध्यप्रदेश में पेसा एक्ट लागू होने के बाद ग्राम सभाओं को गावों में नियम बनाने का अधिकार मिल गया है। प्रदेश में आदिवासी समाज की किसी भी परंपरागत ग्रामसभा में संभवत पहली बार मोबाइल के दुरुपयोग पर चिंता सामने आई है। मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल अलीराजपुर जिले के सोंडवा विकासखंड के गांव रोशिया में ग्राम सभा ने निर्णय लिया है कि यदि किसी ने मोबाइल पर गांव की किसी भी लड़की का फोटो वीडियो अपनाकर अपलोड किया तो यह दंडनीय अपराध होगा ऐसा करने वाले पर ₹10 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। ये कदम तब उठाया गया, जब यहां पर फोन के दुरुपयोग के मामले सामने आए।
बता दे आदिवासी अंचल में भी अब स्मार्टफोन का उपयोग बढ़ता जा रहा है। जिसके कारण स्मार्टफोन के दुरुपयोग के मामले भी सामने आते रहते हैं। इसे देखते हुए ग्राम सभा ने ये निर्णय लिया है। इसके अलावा भी ग्राम सभा ने समाज की व्यवस्था में सुधार लाने वाले बदलाव संबंधी कई निर्णय लिए हैं मसलन साथियों सहित पारंपरिक आयोजन में विदेशी शराब और ध्वनि विस्तारक यंत्रों डी जे पर रोक लगाई गई है इसका उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है। बता दे ग्राम पटेल, सरपंच, तड़वी, समाज के पुजारी,आदि की मौजूदगी में यह सभी फैसले लिए गए हैं।
ग्राम सभा में हुए फैसलों की बात करें तो सबसे पहले या निर्णय ये किया गया कि अब कोई भी व्यक्ति गांव की किसी भी लड़की का फोटो वीडियो अपलोड करता है तो ₹10000 का जुर्माना लगाया जाएगा। दूसरा निर्णय ये किया कि किसी भी सार्वजनिक समारोह अथवा विवाह के अवसर पर किसी भी एक व्यक्ति को ही वीडियो बनाने के लिए अधिकृत किया जाएगा। जिसे अनुमति होगी वही वीडियो बना सकेगा। तीसरे निर्णय में विदेशी शराब और ध्वनि विस्तारक यंत्र (डीजे) पर प्रतिबंध लगाया गया है। बतौर रीति रिवाज पारंपरिक महुआ शराब व ताड़ी का ही उपयोग होगा। इसके अलावा पारंपरिक वाद्य यंत्र मादल ढोल आदि की बजाए जा सकेंगे। इसके उल्लंघन पर ग्राम सभा उसके खिलाफ कार्रवाई करेगी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ ₹20000 का दंड लगाया जा सकता है।












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