महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय से तीन दिन की नवजात बच्ची हुई चोरी, CCTV आया सामने
देवास जिला अस्पताल से शनिवार को 3 दिन के नवजात बच्ची की चोरी हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। प्रशासन ने हंगामा शांत कराकर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच करने की कार्रवाई करने की बात कहीं है।
भोपाल,23 अप्रैल। देवास जिला अस्पताल में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां स्थित जिला अस्पताल से 3 दिन की बच्ची लापता हो गई। जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जोरदार हंगामा कर दिया घटना के विरोध में मरीज के रिश्तेदार और पूर्व पार्षद ने अस्पताल पहुंचकर आत्महत्या करने की कोशिश की कलेक्टर ने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस दिया है। वहीं एक डॉक्टर और नर्सिंग ऑफिसर को निलंबित कर दिया है। साथ ही 26 टीमें बनाकर बच्ची को खोजने के लिए कहा है सीसीटीवी में एक महिला और एक पुरुष कुछ लेकर जाते नजर आ रहे हैं पुलिस शक के आधार पर इन्हें तलाश कर रही है।
दरअसल देवास के महात्मा गांधी जिला अस्पताल से आज सुबह एक तीन दिन की बच्ची गुम हो गई, परिजनों ने अस्पताल परिसर में उसकी तलाश भी की लेकिन बच्ची नहीं मिली, आशंका जताई जा रहीं हैं कि अज्ञात बच्चा चोर उसे चुरा ले गए हैं। बच्ची गुम होने की सनसनी पूरे अस्पताल में फैल गई, वहीं दूसरी और बच्ची के परिजनों ने जमकर हंगामा कर दिया। मामले को देख मौके पर पुलिस बल लगाने के साथ एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह व एएसपी मनजीत सिंह चावला भी जिला अस्पताल पहुँचे और बच्ची की माँ व उसके परिजनों से चर्चा की। एसपी ने अस्पताल परिसर व उसके आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज चेक कर आरोपियों की धड़पकड़ के निर्देश जारी किए हैं। वहीं इसके बाद आक्रोशित परिजन और सेन समाजजन सड़क पर उतर आए। उन्होंने सुबह जिला अस्पताल के नजदीक से निकल रहे AB रोड़ पर जाम कर दिया। इसके बाद दोपहर में परिजन समाजजनों के साथ CM&HO कार्यालय पहुंचे। जहां चैनल गेट पर ताला जड़कर जमकर नारेबाजी भी की।
इतना ही नहीं आक्रोशित यहाँ से सीधे कलेक्टर कार्यालय परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने कलेक्टर के केबिन के बाहर खड़े होकर जमकर हंगामा मचाया।उनकी मांग थी कि कलेक्टर खुद बाहर आए और उनकी बात सुने। इस बीच कलेक्टर चन्द्रमौली शुक्ला बाहर हॉल में आए और परिजनों की बात सुनकर उन्हें बच्ची को जल्द ही तलाश लेने की बात कहते हुए कहा कि हमने 27 अलग-अलग दल बनाए है।बच्ची को तलाशने के हरसम्भव प्रयास किये जा रहे है।वहीं दोषियों और जिम्मेदारों पर कार्यवाही भी की जाएगी। CCTV बंद होने के मामले में भी उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही।

बच्ची चोरी का पूरा मामला विस्तार से
देवास के महात्मा गांधी जिला अस्पताल का हैं। यहां एडमिट शाजापुर निवासी टीना वर्मा ने तीन दिन पूर्व एक बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची को उसकी नानी लेकर सोई हुई थी जब करीब सुबह साढ़े तीन बजे उसकी नानी ने देखा तो बच्ची उनके पास नहीं थी। उन्होंने बच्ची की माँ टीना से पूछा तो बच्ची उसके पास भी नहीं थी। बच्ची की नानी व अन्य परिजनों ने उसे अस्पताल परिसर में तलाश करने की बहुत कोशिश की लेकिन वह नहीं मिली। उसके गुम होने से बच्ची की माँ - पिता और सभी परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल हो गया। वहीं बच्ची गुम होने से नाराज परिजनों ने सुबह 8 बजे जिला अस्पताल में हंगामा कर शहर के बीचोंबीच से निकल रहे AB रोड़ पर चक्काजाम कर दिया। आशंका जताई जा रहीं हैं कि अज्ञात चोर बच्ची को चुरा ले गए हैं। अस्पताल के डिलेवरी वार्ड में मौजूद कुछ महिलाओं ने वहां तीन अज्ञात लोगों को घूमते हुए भी देखा था। उनके मुताबिक एक महिला व दो पुरुष थे व महिला के मुंह पर स्कार्प भी बंधा था। वहीं अस्पताल में सुरक्षा इंतजाम को लेकर भी अब सवाल उठाएं जा रहें हैं।

परिजनों ने किया जमकर हंगामा
बच्ची के परिजन व अस्पताल व्यवस्था से नाराज अन्य लोग करीब तीन घण्टे तक हंगामा कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहें। उनका आरोप था कि अस्पताल परिसर के अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हैं, साथ ही अस्पताल में सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की वजह से यह घटना हुई हैं। उनकी मांग थी कि सीएमएचओ की लापरवाही की वजह से अस्पताल में अव्यवस्थाएं बढ़ती जा रहीं हैं। इसलिए सीएमएचओ को तत्काल हटाया जाएं। बच्ची की माँ टीना वर्मा ने बताया कि बच्ची को टिका लगा था, जिसकी वजह से वह रात को परेशान हो रहीं थीं। इसलिए उसे मम्मी ( नानी ) के पास सुला दिया था। जब सुबह करीब साढ़े तीन बजे देखा तो बच्ची नहीं थी।

बच्ची के परिजनों के अनुसार
बच्ची के पिता विशाल वर्मा ने बताया कि वह अस्पताल में बाहर सो रहा था, रात को सासु जी का फोन आया कि गुड़िया गायब हो गई हैं वह नहीं मिल रहीं। हमने उसे यहां वहां तलाश भी किया। वहां बैठी महिलाओं ने बताया कि यहां दो जेंट्स व एक लेडिस आएं थे और वह आईसीयू वार्ड की और गए थे। जब वार्ड में जेंट्स का प्रवेश ही नहीं हैं तो वह वहां कैसे पहुँचे और मेरी गुड़िया भी उसी वक्त गायब हुई हैं। पीड़ित पिता ने कहां की मैंने 100 डायल पर भी शिकायत की पर कोई सहायता नहीं मिली। मैं अकेला ही पूरे अस्पताल में बच्ची को ढूंढता रहा आसपास के सभी डस्टबिन भी मैंने तलाश किए मुझे लगा हो सकता कहीं वह बच्ची को फेंककर चलें गए हो, पर वह कहीं नहीं मिली।

अधिकारियों ने क्या कहा-
एसपी डॉ शिवदयाल सिंह ने मामले में कहा कि तफ्तीश करवा रहें हैं कि जो नवजात शिशु हैं वह गुम कैसे हुआ हैं। शुरुआती दौर में केस रजिस्टर्ड कर मामले में जांच की जा रहीं हैं, साथ ही कौन अंदर था या आया था उसकी सीसीटीवी फुटेज चेक कर आगे की कार्यवाही की जा रही हैं। वहीं कलेक्टर ने आक्रोशित परिजन और सेन समाजजन से बातचीत के दौरान मीडिया से कहा कि बच्ची को तलाशना हमारी पहली प्राथमिकता। हमने करीब 27 अलग-अलग दल बनाए है। हर पहलू पर बारीकी से जांच पड़ताल चल रही है।जो भी दोषी होंगे उन पर कार्यवाही की जाएगी। CCTV बंद होने को लेकर भी जवाबदारों पर कार्रवाई कर रहे है।












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