Bhopal News: आखिर क्यों भोपाल में कम हुई लोकसभा चुनाव में वोटिंग, पर्चियां नहीं बंटने से बिगड़ा मतदान प्रतिशत
Bhopal Lok Sabha Chunav 2024: मध्य प्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट पर मतदान के बाद अब कम मतदान को लेकर नेता और अधिकारी इसकी खामियों ढूंढ रहे हैं। प्रशासन ने लोकसभा चुनाव में 70 फ़ीसदी मतदान का टारगेट रखा था। लेकिन यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
पिछले लोकसभा चुनाव की तुलना में इस बार करीब 1.40 फीसदी मतदान काम हुआ है। इसके पीछे का कारण मतदाता पर्चियों के नहीं बंटने का कारण सामने आ रहा है।

मोबाइल नहीं ले जाने से मना करने पर घर लौटे वो
एक तरफ तीखी गर्मी और दूसरी तरह मतदान लोगों ने सूझबूझ के साथ मतदान तो किया, लेकिन राजधानी भोपाल में भाजपा और कांग्रेस पार्टी के बूथ एजेंट के अनुसार मतदान केंद्र में मोबाइल ले जाने पर पाबंदी थी, लेकिन कहीं मतदाताओं के पास उनके कार्ड नहीं थे उनके पास मोबाइल में पूरे दस्तावेज थे लेकिन पाबंदी के कारण जब उनके मोबाइल नहीं ले जाने दिए गए तो वह वापस लौटकर घर चले गए।
पिछली बार की तुलना में इस बार लोकसभा चुनाव में 50 हजार से अधिक मतदाता इसी कारण से मतदान नहीं कर पाए लोगों का कहना है कि जब तकनीकी का दौर इतना आगे बढ़ गया है, तो मोबाइल की पाबंदी हटाना चाहिए।
2014 के मुकाबले बढ़ा और 2019 के मुकाबले घटा
बताया जा रहा है कि भोपाल संसदीय सीट में 2019 में कुल 65.65% वोटिंग हुई थी ऐसे में इस बार 70 फ़ीसदी मतदान का लक्ष्य रखा गया था लेकिन तेज धूप मतदाताओं की पर्ची वितरण नहीं होने मतदान केंद्र दूर होने और मतदाताओं के नाम वोटिंग लिस्ट में नहीं मिलने के कारण मतदाताओं ने वोट नहीं डाले इस कारण भोपाल लोकसभा सीट में 2024 में 64.25% मतदान हुआ। इसके पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में भोपाल सांसदी सीट पर कुल 57.75% मतदान हुआ था।
बैरसिया, सीहोर, हुजूर में ज्यादा दक्षिण पश्चिम मध्य में कम वोटिंग
बताया जा रहा है कि हुजूर बेरसिया सीहोर में जहां सबसे ज्यादा मतदान हुआ वहां पर यह प्रतिशत और ज्यादा बढ़ सकता था लेकिन पर्चियां के अभाव में लोगों को अपना नाम ढूंढने में परेशानी उठानी पड़ रही थी। इसी तरह दक्षिण पश्चिम मध्य विधानसभा में कब मतदान के पीछे भी यही वज़ह सामने आ रही है। हालांकि अब इस मामले में प्रशासन समीक्षा कर रहा है।












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