Tandoori: भोपाल, इंदौर व जबलपुर और ग्वालियर में तंदूरी रोटी पर लगा बैन, अवहेलना करने पर ₹5 लाख तक का जुर्माना
इन महानगरों में खाद्य विभाग ने तंदूरी रोटी पर बैन लगाते हुए सभी होटलों, ढाबों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगर किसी ने लापरवाही की तो ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा।

मध्यप्रदेश में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। खाद्य विभाग ने भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में तंदूरी रोटी पर रोक लगा दी है। दरअसल मध्य प्रदेश के कई शहरों में वायु प्रदूषण तेजी से फैल रहा था। खाद्य विभाग ने इन शहरों में होटल, ढाबा, संचालकों को नोटिस थमा दिए।
खाद विभाग का फैसला तंदूरी रोटी खाने वालों के लिए जरूर बुरी खबर हो सकता है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए विभाग का ये फैसला सही माना जा रहा है। पर्यावरण प्रेमी इसे लेकर पहले ही चिंता जाहिर कर चुके थे। कोर्ट भी कई बार सरकार को बढ़ते प्रदूषण को लेकर सख्त कदम उठाने को लिए कह चुका था। इसी को देखते हुए खाद्य विभाग ने यह आदेश जारी किया है। सभी होटलों ढाबों को नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि अगर किसी ने लापरवाही की तो ₹5 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
शहरों के होटल, ढाबों पर पड़ेगा भारी असर
जारी आदेश में खाद्य विभाग ने होटल और ढाबों के संचालकों को साफ तौर पर कहा है कि अब लकड़ी कोयला के तंदूर का उपयोग नहीं करना है। इसके एवज में इलेक्ट्रिक ओवन या एलपीजी गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बता दे कि मध्यप्रदेश के बड़े शहरों इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में तंदूरी रोटी का जबरदस्त चलन है। तंदूरी रोटी खाने के प्रदेश में लोग बड़ी शौकीन है। लेकिन प्रदेश सरकार के इन दिशा निर्देशों के बाद तंदूरी रोटी खाने वाले शौकीनों को तो झटका लगा है। साथ ही इस आदेश ने ढाबा, होटल के मालिकों की भी नींद उड़ा दी हैं। ढाबा मालिकों को अंदेशा है कि सरकार के इन आदेशों के बाद ढाबा होटल कारोबार पर जबरदस्त असर पड़ेगा।
एमपी के प्रमुख शहरों का एक AQI
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सीपीसी की रिपोर्ट के अनुसार ग्वालियर का एक यूआई 329 पहुंच गया है, जबकि भोपाल का 299, कटनी 263, पीतमपुर 260, मंडीदीप 260, जबलपुर 214, सिंगरौली 253 और उज्जैन का वायु गुणवत्ता सूचकांक 181 पर पहुंच गया है।












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