MP News: मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों से सौतेला व्यवहार, जीतू पटवारी ने PM मोदी और भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
Bhopal News: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारें किसानों के साथ अन्याय कर रही हैं और खेती-किसानी को गहरे संकट में डाल रही हैं। विशेष रूप से, उन्होंने किसानों को खाद की कमी और बढ़ी हुई खेती की लागत के कारण हो रही परेशानियों पर चिंता जताई।

खाद की कमी और संकट
पटवारी ने बताया कि रबी सीजन के दौरान प्रदेश में डीएपी और यूरिया खाद की भारी कमी देखी जा रही है। भारत सरकार ने रबी सीजन के लिए 8 लाख मेट्रिक टन डीएपी की सहमति दी थी, लेकिन अब तक केवल 4.57 लाख मेट्रिक टन ही उपलब्ध कराई गई है। इसी तरह, यूरिया की उपलब्धता भी 20 लाख मेट्रिक टन के मुकाबले 12.70 लाख मेट्रिक टन तक ही सीमित रही है। इस खाद संकट का असर सीधे किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि बोवनी के समय खाद की जरूरत होती है, जो अब पूरी नहीं हो पा रही है।
खाद सब्सिडी में कटौती
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने खाद पर दी जाने वाली सब्सिडी में भारी कटौती की है। खाद सब्सिडी में 87,238 करोड़ रुपये की कमी की गई है, और न्यूट्रिएंट सब्सिडी में 41,122 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। इससे किसानों की खेती की लागत और भी बढ़ गई है। इसके अलावा, किसान आंदोलन के बाद भाजपा सरकार ने खाद की सब्सिडी में और कटौती की है, जो किसानों के लिए एक और बड़ा आघात है।
सोयाबीन किसानों का सौतेला व्यवहार
पटवारी ने सोयाबीन किसानों के साथ सरकार के सौतेले व्यवहार की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 52 लाख हेक्टेयर में सोयाबीन की बुवाई की गई है और लगभग 55 से 60 लाख टन सोयाबीन उत्पादित हुआ है। बावजूद इसके, किसानों को लागत मूल्य से भी कम दाम मिल रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने उन्हें समर्थन मूल्य नहीं दिया, जबकि राज्य सरकार ने 10 सितंबर 2024 को 27.34 लाख मेट्रिक टन सोयाबीन खरीदने का अनुरोध किया था, लेकिन केंद्र ने केवल 13.68 लाख मेट्रिक टन सोयाबीन खरीदने की अनुमति दी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर प्रधानमंत्री महाराष्ट्र में किसानों को 6000 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देने का वादा कर सकते हैं, तो मध्यप्रदेश के किसानों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
कुल मिलाकर
पटवारी ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने किसानों के हितों को नजरअंदाज किया है और खेती-किसानी को संकट में डाल दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार से किसानों के लिए उचित समर्थन और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।












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